चकबन्दी विभाग में चल रहे मुकदमें में बालपुर सहकारी संघ को मिली बड़ी जीत दिन बहुरने के आसार
बालपुर गोंडा। चकबन्दी विभाग में चल रहे मुकदमें में बालपुर सहकारी संघ को जीत मिली है। इसकी बेशकीमती भूमि को लेकर मुकदमा पिछले कई सालों से चल रहा था। सहकारी संघ का गोदाम ढह चुका है और शेष भवन कूड़े से पटे हुए हैं। साथ में सालों से इसकी भूमि अतिक्रमण का शिकार होकर रह गई है।
हलधरमऊ विकास क्षेत्र की ग्रामपंचायत बालपुर हजारी में लखनऊ हाइवे पर स्थित बालपुर सहकारी संघ भवन करीब दो दशक से बदहाली का शिकार होकर रह गया है। एसडीएम के निरीक्षण में सहकारी संघ की भूमि पर सब्जी एवं चाय पानी की दुकानें अवैध कब्जा कर चलाई जाती पाई जा चुकी हैं। सहकारी संघ का भवन अत्यधिक जर्जर होने के चलते ढहने के कगार पर पहुंच चुका है। इसके गोदाम की पीछे की दिवाल ढह चुकी है। ज्यादा पुराना होने के चलते संघ भवन पर पीपल का पेड़ उग गया है। उसकी डाल पर मधुमक्खी का छत्ता लगा हुआ है।
सहकारी संघ भवन बालपुर का सन 1976 में निर्माण कराया गया। इसके नए भवन का निर्माण सन 2002 में कराया गया। इसके बाद से यहां से क्षेत्रीय किसानों को खाद एवं कीटनाशक बिक्री किया जाता रहा और अनाज की खरीद की जाती रही। इस भूमि को हड़पने के लिए इसरार अहमद पूर्व सचिव को पार्टी बनाकर अदालत में दशकों से मुकदमा लड़ रहे हैं। इसी मुकदमेंबाजी के पचड़े में फंसकर बालपुर का सहकारी संघ भवन करीब दो दशक से बदहाली का शिकार होकर रह गया है। इसकी वेशकीमती भूमि होने के चलते यह जालसाज भूमाफिया के निशाने पर आ गया।
जानकारों का कहना है कि यह भूमि यदि सहकारी समिति को हस्तांतरित कर दी जाय तो इसका उद्धार हो जाय। इस समय केन्द्र सरकार सहकारी समितियों के उद्धार को लेकर ज्यादा फोकस किए हुए है। सालपुर धौताल सरकारी समिति के सचिव राज कमल मिश्रा ने बताया कि जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने एसओसी चकबंदी एवं एआर सहकारी समिति को इसको लेकर निर्देशित किया है। इससे इसके दिन बहुरने के आसार बढ़ गए हैं।