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Death

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे की हत्या करने वाले को उम्रक़ैद की सज़ा

✍️ Admin 📅 21 January, 2026 ⏰ 02:13 PM 👁 54 views

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे की हत्या करने वाले शख़्स को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई है. साल 2022 में नारा शहर में एक रैली के दौरान शिंज़ो आबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. 43 साल के तेत्सुया यामागामी ने पिछले साल ट्रायल की शुरुआत में ख़ुद ही अपना जुर्म क़बूल कर लिया था, लेकिन उन्हें क्या सज़ा मिलनी चाहिए, इस पर जापान में लोगों की राय बंटी हुई दिखी. कई लोग 45 साल के इस व्यक्ति को एक बेरहम हत्यारा मानते हैं, वहीं कुछ लोग उसके मुश्किल बचपन को लेकर सहानुभूति भी रखते हैं. सरकारी वकीलों ने कहा कि यामागामी को ‘गंभीर’ अपराध के लिए उम्रक़ैद मिलनी चाहिए और कहा कि आबे की हत्या से देश हैरान रह गया, क्योंकि जापान में बंदूक से जुड़े अपराध लगभग नहीं होते हैं. नरमी की मांग करते हुए, यामागामी के वकीलों ने कहा कि वह ‘धार्मिक शोषण’ का शिकार थे. जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे 8 जुलाई, 2022 को दिन में 11:30 बजे देश के पश्चिमी हिस्से नारा में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी पीछे से उन्हें गोली मार दी गई थी. एयर चीफ़ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा है कि कोई भी देश आर्थिक रूप से बहुत सक्षम हो सकता है, लेकिन ज़रूरी नहीं कि वह सुरक्षित भी होगा. वायु सेना प्रमुख ने 22वें सुब्रोतो मुखर्जी सेमिनार में अपने भाषण में कहा, ''हमारे पास अपने ही देश का उदाहरण है. हम और चीन मिलकर दुनिया की जीडीपी के 60 फ़ीसदी के हिस्सेदार थे लेकिन यह हमें उपनिवेश बनने से नहीं बचा पाया.” उन्होंने कहा कि आर्थिक शक्ति जैसी चीज़ें बहुत अहम हैं लेकिन अंत में मज़बूत सैन्य शक्ति की ही ज़रूरत होती है, क्योंकि अगर यह नहीं होगा तो कोई भी आपको अपने अधीन कर सकता है. एपी सिंह ने कहा, "हमने इतिहास में भी ऐसा देखा है और हाल के समय में भी हमने देखा है कि दुनिया में क्या हो रहा है.” उन्होंने कहा, “वेनेज़ुएला और इराक़ इसके सबसे ताज़ा उदाहरण हैं. सैन्य शक्ति आपको अपनी आर्थिक गतिविधियों की सुरक्षा करने में मदद करती है. यह आपको आज़ादी देती है, यह आपको अपनी टेक्निकल इनफ्रास्ट्रक्चर को बचाने में मदद करती है और अंत में यह आपकी कूटनीति को विश्वसनीय बनाती है.” उन्होंने कहा है कि अलर सैन्य शक्ति नहीं होगी तो अन्य रणनीतियों का कोई फ़ायदा नहीं है. उन्होंने कहा, सैन्य शक्ति बहुत ज़रूरी है लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है, इसका इस्तेमाल करने की इच्छा. जब तक आपके पास वह इच्छा नहीं होगी, आप संयम दिखाते रह सकते हैं, लेकिन उस संयम को कमज़ोरी के तौर पर देखा जाएगा. जब आप काफी मज़बूत होते हैं और आप संयम दिखाते हैं, तभी इसे एक क़ाबिलियत के तौर पर देखा जाता है.." राज्यसभा सांसद और इन्फोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरमैन सुधा मूर्ति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि फ़ेक वीडियो में उनके चेहरे और आवाज़ का इस्तेमाल हो रहा है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मैं आपको ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे नकली वीडियो के बारे में अलर्ट करना चाहती हूं, जो ग़लत तरीके से मेरी इमेज और आवाज़ का इस्तेमाल करके फाइनेंशियल स्कीम और इन्वेस्टमेंट को प्रमोट कर रहे हैं.” उन्होंने कहा है कि ‘ये डीपफ़ेक हैं जो मेरी जानकारी या सहमति के बिना बनाए गए हैं.’ उन्होंने लोगों को सावधान करते हुए लिखा, “कृपया धोखा देने वाले ऐसे वीडियो के आधार पर कोई भी फाइनेंशियल फैसला न लें. मैं आपसे आग्रह करती हूँ कि जानकारी को ऑफिशियल चैनलों से वेरिफ़ाई करें और अगर आपको ऐसा कोई कंटेंट दिखे तो उसकी रिपोर्ट करें.” जानी-मानी लेखिका, समाज सेविका सुधा मूर्ति के पति भारत के अरबपति सॉफ़्टवेयर कारोबारी एनआर नारायण मूर्ति हैं, और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक उनके दामाद हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष उन्होंने ही रुकवाया था. ट्रंप के इस दावे पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है. जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी. लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया. एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान.” जयराम रमेश ने लिखा, “यही वह संख्या है- जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ (ट्रंप) और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है, ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अचानक और अप्रत्याशित रूप से उन्होंने ही रुकवाया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कहा है कि उन्होंने 10 महीने के अंदर 8 युद्ध रुकवाए हैं. ट्रंप ने कहा, “भारत-पाकिस्तान जंग में 8 विमान मार गिराए गए थे. मेरा मानना है कि दोनों देश परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रहे थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अमेरिका आए थे और उन्होंने कहा था कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने एक करोड़ या उससे भी ज़्यादा लोगों की जान बचा ली.” पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हो गया था. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक़, 27 साल की सर्विस के बाद एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स 27 दिसंबर, 2025 से एजेंसी से रिटायर हो गईं. भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर तीन मिशन पूरे किए और अपने करियर में किसी इंसान के स्पेस में रहने के कई रिकॉर्ड बनाए. नासा के प्रशासक जेरेड आइज़कमैन ने कहा, "सुनीता विलियम्स इंसानी स्पेसफ्लाइट में एक पायनियर रही हैं. उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपनी लीडरशिप से एक्सप्लोरेशन के भविष्य को आकार दिया और लो अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल मिशन के लिए रास्ता बनाया.” उन्होंने कहा, “साइंस और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में उनके काम ने चांद पर आर्टेमिस मिशन और मंगल की ओर बढ़ने की नींव रखी है, और उनकी असाधारण उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने...उसकी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी.” इससे पहले सुनीता विलियम्स ने एक कार्यक्रम में कहा, "जब आप स्पेस में जाते हैं तो सबसे शुरुआती काम जो आप करते हैं वो यह है कि हम सब अपना घर ढूंढना चाहते हैं...” उन्होंने कहा, “मैं मैसाचुसेट्स में पली-बढ़ी हूँ. मेरे पिता भारत से हैं. मेरी माँ स्लोवेनिया से हैं. ज़ाहिर है मैं इन जगहों को अपना घर मानती हूँ…” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को लेकर टिप्पणी की है. ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो जी-7 की इमरजेंसी मीटिंग में भाग लेने के लिए पेरिस जाएंगे? ट्रंप ने पेरिस जाने से इनकार करते हुए कहा, "नहीं मैं वहाँ नहीं रहूंगा. क्योंकि इमैनुएल वहां ज़्यादा देर नहीं रहने वाले हैं." इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि अमेरिका की ओर से “नए टैरिफ़ का अंतहीन बढ़ना” बुनियादी रूप से स्वीकार ही नहीं किया जा सकता. मैक्रों ने कहा कि यह और भी गंभीर हो जाता है, जब टैरिफ़ का इस्तेमाल “क्षेत्रीय संप्रभुता पर दबाव बनाने के हथियार” के तौर पर किया जाता है. वह दावोस में विश्व नेताओं के मंच पर बोल रहे थे. यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों पर नए टैरिफ़ लगाने की घोषणा की थी, जो ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की उनकी योजना का विरोध कर रहे हैं. दावोस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी ग्रीनलैंड के साथ एकजुटता ज़ाहिर करते हुए कहा, "ग्रीनलैंड और डेनमार्क के साथ हम दृढ़ता के साथ खड़े हैं." अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी ख़राबी के कारण एयर बेस पर वापस लौटना पड़ा है. वो वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में भाग लेने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे. समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, “व्हाइट हाउस ने कहा है कि स्विट्ज़रलैंड के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एयर बेस पर वापस लौटना पड़ा है.” ट्रंप और उनके साथ के लोग अब दूसरे प्लेन में सवार होंगे और दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम के लिए अपनी यात्रा पर निकलेंगे. समाचार एजेंसी एपी ने भी एक पोस्ट में इस ख़बर की पुष्टि की है. एपी के मुताबिक़, “व्हाइट हाउस ने बताया है कि एक छोटी इलेक्ट्रिकल ख़राबी की वजह से एयर फ़ोर्स वन को वॉशिंगटन लौटना पड़ा है. ” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'बोर्ड ऑफ़ पीस' को लेकर कहा है कि 'काश हमें इसकी ज़रूरत नहीं होती'. ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "काश हमें ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ की ज़रूरत नहीं होती. आप जानते हैं कि मैंने जितनी भी लड़ाइयाँ सुलझाईं, उनमें से किसी में भी संयुक्त राष्ट्र ने मेरी मदद नहीं की." ग़ज़ा के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक नया 'बोर्ड ऑफ़ पीस' बनाया है. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक़ ये बोर्ड डोनाल्ड ट्रंप की ग़ज़ा शांति योजना का हिस्सा है, लेकिन बोर्ड के चार्टर में ग़ज़ा का कोई उल्लेख नहीं है. अमेरिका दावा कर रहा है कि उसका ये 'बोर्ड ऑफ़ पीस' एक नए अंतरराष्ट्रीय शांति संगठन के तौर पर काम करेगा. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर कोई देश इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता पाना चाहता है, तो उसे मोटी रकम ख़र्च करनी पड़ेगी. बोर्ड के गठन के शुरुआती तीन सालों के बाद भी अगर कोई देश इसमें बने रहना चाहता है, तो उसे एक अरब डॉलर यानी क़रीब नौ हज़ार करोड़ रुपए ख़र्च करने पड़ेंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में 8 युद्ध रुकवाए हैं. 20 जनवरी को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा हो गया है. कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिल फ़ोरम की बैठक पर टिप्पणी की है. राजीव शुक्ला ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “यह वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम है या इंडिया इकोनॉमिक फ़ोरम? दावोस में सात भारतीय मुख्यमंत्री एक-दूसरे से मिल रहे हैं. भारतीय कंपनियाँ भारतीय कंपनियों से मिल रही हैं, जो वे आसानी से भारत में भी कर सकते थे. असल में, दावोस जाना एक स्टेटस सिंबल या दिखावा बन गया है.” उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “यह अजीब है. भारतीय लोग, भारतीयों से मिलने के लिए दावोस जा रहे हैं. राज्य सरकारें स्विट्जरलैंड में भारतीय कंपनियों के साथ समझौते कर रही हैं, जो वे भारत में भी कर सकती थीं. दावोस में राज्यों के मुख्यमंत्री अन्य मुख्यमंत्रियों से मिल रहे हैं. यह पैसे की आपराधिक बर्बादी है." राजीव शुक्ला का कहना है कि अगर दावोस में विदेशी कंपनियों के साथ समझौते हुए होते तो बात समझ में भी आती. स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक चल रही है. इस बैठक में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और असम के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद जोशी, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी समेत कई अन्य प्रतिनिधि भी पहुँचे हुए हैं. अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रंप के 25% टैरिफ़ लगाने के बाद भारत ने रूस से तेल ख़रीदना बंद कर दिया है. स्कॉट बेसेंट ने स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में ये बयान दिया है. भारत रूस से काफ़ी भारी मात्रा में तेल आयात करता रहा है लेकिन अमेरिकी टैरिफ़ के बाद ऐसे कई आंकड़े आए हैं, जिसके बाद भारत के रूस से तेल आयात में काफ़ी कमी देखी गई है. दिसंबर और जनवरी के दौरान रूस से भारतीय तेल आयात में तेज़ गिरावट दर्ज की गई है. हालाँकि पहले भारत ने बार-बार ये दलील दी है कि वो अपनी 140 करोड़ आबादी के लिए किफ़ायदी दर पर कच्चा तेल ख़रीदना चाहता है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर बिना ज़्यादा आर्थिक दबाव डाले उनकी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा किया जा सके. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कहा है कि उन्होंने 10 महीने के अंदर 8 युद्ध रुकवाए हैं. उन्होंने पिछले साल मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का भी फिर से दावा किया है. ट्रंप ने कहा, “भारत-पाकिस्तान जंग में 8 विमान मार गिराए गए थे. मेरा मानना है कि दोनों देश परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रहे थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अमेरिका आए थे और उन्होंने कहा था कि प्रेसिडेंट ट्रंप ने एक करोड़ या उससे भी ज़्यादा लोगों की जान बचा ली.” पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष शुरू हो गया था. तीन दिनों तक चले इस संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोगों की मौत भी हुई थी. उस वक़्त दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम के बारे में सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ही जानकारी दी थी. इमेज स्रोत, Catalonian fire service स्पेन में बार्सिलोना के पास एक ट्रेन के पटरी से उतरने से हुए हादसे में ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई और कम से कम 37 लोग घायल हो गए, जिनमें से पांच की हालत गंभीर है. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार शाम को रोडालिस ट्रेन एक रिटेनिंग दीवार से टकरा गई. क्षेत्रीय फायर इंस्पेक्टर क्लॉडी गैलार्डो ने बताया कि सभी यात्रियों को ट्रेन से निकाल लिया गया है. यह घटना तब हुई जब भारी तूफ़ान की वजह से उत्तर-पूर्वी स्पेन प्रभावित हुआ है और ख़राब मौसम के कारण स्पेन के पूर्व और उत्तर-पश्चिम के तटीय इलाक़ों में हाई अलर्ट जारी किया गया है. कैटेलोनिया में हुए इस ट्रेन हादसे से पहले रविवार को दक्षिणी स्पेन में दो ट्रेनें आपस में टकरा गईं थीं. यह हादसा तब हुआ जब स्पेन की राजधानी मैड्रिड से मैलगा जा रही एक हाई-स्पीड ट्रेन पटरी से उतर गई और दूसरी दिशा से आ रही ट्रेन से टकरा गई. इस हादसे में कम से कम 42 लोगों की मौत हो गई. यह एक दशक से ज़्यादा समय में स्पेन के सबसे बुरे रेल हादसों में से एक था. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - 'भारत अपने अल्पसंख्यकों का ध्यान रखे': बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने बीबीसी से और क्या कहा - डेनमार्क ने इस इलाक़े को अमेरिका को क्यों बेचा और इसका ग्रीनलैंड से क्या नाता है - इंदौर 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स्रोत: BBC Hindi

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