ईयू ने अमेरिका के साथ होने वाले व्यापार समझौते की मंज़ूरी रोकी
यूरोपीय संसद ने जुलाई में हुए एक अहम अमेरिकी व्यापार समझौते की मंज़ूरी निलंबित कर दी है. यह क़दम डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की मांग के विरोध में उठाया गया है. समझौते की मंज़ूरी के निलंबन का एलान बुधवार को फ़्रांस के स्ट्रासबर्ग में किया गया. यह उसी समय हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम को संबोधित कर रहे थे. यह फ़ैसला अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार को लेकर बढ़े तनाव के बाद लिया गया. यह तनाव ट्रंप की ग्रीनलैंड हासिल करने की कोशिश से पैदा हुआ था, जिससे बाज़ारों में हलचल हुई और ट्रेड वॉर की चर्चा फिर से तेज़ हुई. इसके साथ ही अमेरिका के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई की आशंका भी बढ़ गई थी. इसके कुछ घंटे बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर एक "मसौदे" पर पहुंच गए हैं और नेटो के आठ सदस्य देशों पर नए टैरिफ़ लगाने के फ़ैसले पर अमल नहीं करेंगे. ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की ओर से नए टैरिफ़ की धमकी के कुछ दिनों बाद बुधवार को यूरोपीय संसद की अंतरराष्ट्रीय व्यापार समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंग ने कहा कि "टर्नबेरी के दो विधायी प्रस्तावों पर काम निलंबित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है" उन्होंने कहा कि व्यापार योजनाओं को लागू करने से जुड़ा काम तब तक स्थगित रहेगा "जब तक अमेरिका टकराव की बजाय सहयोग के रास्ते पर दोबारा आगे बढ़ने का फ़ैसला नहीं करता और कोई भी क़दम आगे नहीं उठाता." अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने को लेकर सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और क़तर ने एक संयुक्त बयान जारी किया है. इससे पहले इसराइल ने सार्वजनिक तौर पर इस बोर्ड में जुड़ने की पुष्टि की थी. बुधवार शाम ट्रंप ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन भी इसमें शामिल होने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश अभी इस न्योते पर विचार कर रहा है. उन्होंने कहा कि रूस उसकी सीज़ की गईं संपत्तियों से एक अरब डॉलर देने के लिए तैयार है और उनका मानना है कि यह बोर्ड मुख्य रूप से मध्य पूर्व से जुड़ा है. शुरुआत में माना जा रहा था कि यह बोर्ड इसराइल और हमास के बीच ग़ज़ा में चल रही दो साल की जंग को ख़त्म करने में मदद करेगा और पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा. लेकिन इसके प्रस्तावित चार्टर में फ़लस्तीनी इलाक़े का ज़िक्र नहीं है और यह संयुक्त राष्ट्र के कुछ कामकाज की जगह लेने के लिए बनाया गया दिखता है. हालांकि सऊदी अरब की ओर से जारी सात देशों के संयुक्त बयान में कहा गया कि वे ग़ज़ा में स्थायी युद्धविराम को मज़बूत करने, पुनर्निर्माण और 'न्यायपूर्ण और स्थायी शांति' को आगे बढ़ाने के मक़सद से समर्थन कर रहे हैं कौन से देश 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में हुए शामिल अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप के इस बोर्ड में कितने देशों को शामिल होने का न्योता दिया गया है. यूएई, बहरीन, अल्बानिया, आर्मेनिया, अज़रबैजान, बेलारूस, हंगरी, कज़ाख़स्तान, मोरक्को और वियतनाम पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं. बुधवार को वेटिकन ने भी पुष्टि की कि पोप लियो को न्योता मिला है. हालांकि वह इस स्वीकार करेंगे या नहीं, अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है. उधर, स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट गोलोब ने कहा कि उन्होंने यह न्योता ठुकरा दिया है क्योंकि यह संस्था "अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में ख़तरनाक तरीक़े से दख़ल देती है". इमेज स्रोत, Andrew Harnik/Getty रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल हो सकते हैं. उन्होंने इस बोर्ड में शामिल होने के लिए लगने वाली रक़म को लेकर भी बयान दिया है. रूसी मीडिया आरटी के मुताबिक़ पुतिन ने कहा, "फ़लस्तीन के लोगों के साथ रूस के ख़ास रिश्ते को देखते हुए मुझे लगता है कि हम 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में एक बिलियन डॉलर का योगदान दे सकते हैं. हम इसे उस संपत्ति से दे सकते हैं, जिसे पिछले प्रशासन ने सीज़ किया था." पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में विदेशी ज़मीन पर मौज़ूद रूस की कई संपत्तियों को सीज़ किया गया था. यहाँ पुतिन उन्हीं संपत्तियों का ज़िक्र कर रहे हैं. पुतिन ने आगे कहा, "बाक़ी के फंड का इस्तेमाल युद्ध से प्रभावित इलाक़ों को दोबारा खड़ा करने में किया जा सकता है. हम समझौते के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि से बात कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि इन सभी मुद्दों पर फ़लस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास और अमेरिकी प्रतिनिधि जैरेड कुशनेर और स्टीव विटकॉफ़ से बातचीत होगी, जो यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत के लिए कल मॉस्को आ रहे हैं." इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए न्योता देने को लेकर भी अपनी बात रखी है. दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि वह पुतिन को 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने का न्योता क्यों दे रहे हैं. इस पर ट्रंप ने कहा, "क्योंकि हम सबको शामिल करना चाहते हैं. हम ऐसे सभी देशों को शामिल करना चाहते हैं, जहां लोगों के पास नियंत्रण है, शक्ति है." उन्होंने कहा, "मेरे पास कुछ विवादित लोग भी हैं, लेकिन ये वे लोग हैं जो काम को बखूबी अंजाम देना जानते हैं. ये ऐसे लोग हैं जो बहुत ज़्यादा प्रभावशाली हैं." इमेज स्रोत, Arun SANKAR / AFP via Getty भारत ने पहले टी20 मुक़ाबले में न्यूज़ीलैंड को 48 रन से हरा दिया है. 35 गेंदों में 83 रन की बेहतरीन पारी खेलने वाले अभिषेक शर्मा को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया है. इस जीत के साथ ही भारत पाँच मैचों की टी20 सिरीज़ में 1-0 से आगे हो गया है. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 238 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इसमें सबसे बड़ा योगदान अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह का रहा. रिंकू सिंह ने आख़िर के ओवरों में तेज़ी रन जुटाए और 20 गेंदों में 44 रनों की तेज़ तर्रार पारी खेली. इनके अलावा कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 32 और हार्दिक पंड्या ने 25 रन बनाए. 239 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूज़ीलैंड की टीम 190 रन ही बना सकी. इस दौरान उसने सात विकेट गंवाए. शुरुआती झटकों के बाद ग्लेन फ़िलिप्स और मार्क चैपमैन की जोड़ी ने भारत को चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी टीम को जीत के क़रीब नहीं पहुंचा सके. फ़िलिप्स ने 78 और चैपमैन ने 39 रन की पारी खेली. इनके अलावा डैरेल मिचेल ने 28, टिम रॉबिन्सन ने 21 और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 20 रन बनाए. भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती और शिवम दुबे ने दो-दो, जबकि हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने एक-एक विकेट झटके. यह मैच नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में हुआ. न्यूज़ीलैंड ने मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी थी. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - 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स्रोत: BBC Hindi