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अमर्त्य सेन ने पश्चिम बंगाल एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कहा, 'यह वोटरों के साथ अन्याय है'

✍️ Admin 📅 25 January, 2026 ⏰ 09:02 AM 👁 56 views

नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन ने पश्चिम बंगाल में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यह प्रक्रिया 'काफ़ी जल्दबाज़ी में' की जा रही है और इससे लोकतांत्रिक भागीदारी को नुक़सान पहुंच सकता है, ख़ासकर तब जब कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं. 92 वर्षीय अमर्त्य सेन ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मतदाता सूची में संशोधन का लोकतंत्र में अहम महत्व होता है, लेकिन यह तभी उपयोगी होता है जब इसे सही परिस्थितियों में किया जाए. उन्होंने कहा कि इस तरह की कवायद पूरी सावधानी और पर्याप्त समय के साथ होनी चाहिए, जो उनके मुताबिक़ पश्चिम बंगाल के मामले में नहीं दिख रहा है. अमर्त्य सेन ने कहा, "अगर मतदाता सूची की पूरी तरह समीक्षा सावधानी और पर्याप्त समय के साथ की जाए, तो यह एक अच्छी लोकतांत्रिक प्रक्रिया हो सकती है, लेकिन इस समय पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं हो रहा है." उन्होंने कहा, "एसआईआर को जल्दबाज़ी में किया जा रहा है और मताधिकार रखने वाले लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में वोट देने के अपने अधिकार को साबित करने के लिए दस्तावेज़ जमा करने का पर्याप्त मौक़ा नहीं मिल रहा है. यह न सिर्फ़ मतदाताओं के साथ अन्याय है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के लिए भी अनुचित है." पश्‍च‍िम बंगाल चुनाव से पहले मतुआ समुदाय की चिंता बढ़ी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने शनिवार को कहा है कि भारत में खेलना हमारे लिए सुरक्षित नहीं है और यह फ़ैसला सरकार का बताया है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमजद हुसैन ने कहा, "हमने सरकार से बात की है. सरकार ने कहा है कि वर्ल्ड कप खेलने के लिए भारत जाना हमारे लिए सुरक्षित नहीं होगा, न खिलाड़ियों के लिए, न पत्रकारों के लिए और न ही टीम के साथ जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए." उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति में हमने अनुरोध किया था कि हमारे मैच श्रीलंका में कराए जाएं. लेकिन कई दौर की बैठकों के बावजूद आईसीसी ने इस पर सहमति नहीं दी." अमजद हुसैन ने कहा कि चूंकि यह सरकार का फै़सला है और आईसीसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए उनके पास ज़्यादा विकल्प नहीं हैं. उन्होंने कहा, "सुरक्षा कारणों की वजह से भारत में खेलना हमारे लिए सुरक्षित नहीं है, और इसी वजह से यह फैसला लिया गया है." अगले महीने से शुरू हो रहे टी-20 वर्ल्ड कप में भारत में बांग्लादेश के खेलने से इनकार करने के बाद शनिवार को आईसीसी ने उसकी जगह स्कॉटलैंड के टूर्नामेंट में भाग लेने की पुष्टि की है. आईसीसी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया है कि स्कॉटलैंड की टीम आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह खेलेगी. बांग्लादेश ने भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा का हवाला देते हुए आईसीसी से अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी. उसने कहा था कि ये मैच भारत की बजाय श्रीलंका में कराए जाएं, जो इस टूर्नामेंट का सह-मेज़बान है. टी-20 वर्ल्ड कप 7 फ़रवरी से भारत और श्रीलंका में शुरू हो रहा है. पाकिस्तान के मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे. इस हफ्ते की शुरुआत में आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग ख़ारिज कर दी थी. पीसीबी का बांग्लादेश को समर्थन, साथ ही बताया पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप में खेलेगा या नहीं टी-20 वर्ल्ड कप: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का एलान- भारतीय ज़मीन पर नहीं खेलेंगे भारत और बांग्लादेश के बीच गहराते राजनीतिक तनाव की छाया अब क्रिकेट पर भी पटना के नीट छात्रा मौत मामले में सामने आई फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफ़एसएल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की के कपड़ों में मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं. पटना पुलिस ने देर रात प्रेस रिलीज़ जारी करके ये जानकारी दी है. प्रेस रिलीज़ में लिखा है, "एफ़एसएल की ओर से किए गए परीक्षण में कथित तौर पर घटना के समय पहने एक अंत: वस्त्र में मानव शुक्राणु के अवशेष प्राप्त हुए हैं. एफ़एसएल द्वारा उनकी डीएनए प्रोफ़ाइलिंग की जा रही है." "गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त के साथ-साथ एसआईटी की ओर से चिह्नित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के डीएनए से मिलान किया जाएगा." इस मामले में पटना पुलिस की कार्यशैली की बहुत आलोचना हुई थी, जिसके बाद इस मामले में पहली बार निलंबन की कार्रवाई भी हुई है. पटना के चित्रगुप्तनगर थाना, जहां नीट छात्रा का हॉस्टल था, उसकी प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं के सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को निलंबित कर दिया गया है. बीते 6 जनवरी को पटना के चित्रगुप्तनगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में लड़की बेहोश मिली थी, जिसे इलाज के लिए तीन अलग-अलग अस्पताल ले जाया गया था. इस मामले की पहली एफ़आईआर मृतका के पिता ने 9 जनवरी को दर्ज़ कराई थी, जब प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने मृतका के परिवार को बताया था कि उसके साथ 'शारीरिक हिंसा' हुई है. छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई, जिसके बाद पटना पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज से होने वाली मौत बताया था और किसी तरह की यौन हिंसा होने से इंकार किया था. लेकिन पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच) में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुताबिक़ मृतका के शरीर पर जगह जगह ज़ख़्म के निशान थे और इसमें कहा गया था कि यौन हिंसा से इंकार नहीं किया जा सकता. मामला तूल पकड़ने के बाद इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया. साथ ही, पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए एम्स पटना भेजा गया है. एम्स में इसके लिए बने पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड के हेड डॉक्टर विनय कुमार ने शनिवार को कहा, "इस मामले में अब तक सभी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. जब तक पूरे डॉक्यूमेंट नहीं आ जाते हैं तब तक हम कोई बयान नहीं दे सकते." पटना: हॉस्टल में छात्रा की मौत, अब तक क्या क्या पता है? अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में फेडरल इमिग्रेशन ऑफिसर्स की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद शहर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. मिनेसोटा के सीनेटरों ने मृतक की पहचान एलेक्स प्रेट्टी के रूप में की है. उन्होंने बताया कि प्रेट्टी 37 साल के मिनियापोलिस के रहने वाले थे, पेशे से नर्स थे और अमेरिकी नागरिक थे. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इससे तीन हफ़्ते से भी कम पहले इसी शहर में अमेरिकी नागरिक रेनी गुड की भी एक इमिग्रेशन एजेंट की गोली से मौत हो गई थी. होमलैंड सिक्योरिटी की सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा है कि एजेंटों ने 'आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं', क्योंकि प्रेट्टी ने कथित तौर पर 'हिंसक प्रतिक्रिया' दी थी. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिनियापोलिस के मेयर और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज़ पर 'विद्रोह भड़काने' का आरोप लगाया है. गवर्नर वॉल्ज़ ने कहा है कि उन्होंने संघीय एजेंटों से राज्य छोड़ने को कहा है. घटना के बाद मिनियापोलिस में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - बांग्लादेश की जगह टी-20 वर्ल्ड कप में खेलेगा स्कॉटलैंड, पीसीबी ने पाकिस्तान के खेलने को लेकर जारी किया बयान - अमेरिका का बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी के क़रीब जाना भारत के लिए कैसा है? - भारत ने ऐसा क्या किया कि ईरान ने कहा शुक्रिया, छह अन्य देश भी आए साथ - पाकिस्तान की अमेरिका नीति वाक़ई सफल हो रही है?

स्रोत: BBC Hindi

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