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एसटीटी को लेकर क्या है वित्त मंत्री सीतारमण की घोषणा जिसके बाद शेयर बाज़ार हुआ धड़ाम

✍️ Admin 📅 01 February, 2026 ⏰ 12:48 PM 👁 48 views

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया. निर्मला सीतारमण का यह लगातार नौवां बजट है. लेकिन शेयर बाज़ार में इस बजट भाषण की नकारात्मक प्रतिक्रिया आई और वित्त मंत्री के भाषण ख़त्म होते होते-होते शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स ने एक समय 2000 अंकों तक का गोता लगा दिया था. जानकार मान रहे हैं कि शेयर मार्केट में वायदा कारोबार पर सिक्योरिटी ट्रांज़ेक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाए जाने की घोषणा के कारण ये प्रतिक्रिया आई है. उल्लेखनीय है कि यह बहुत दुर्लभ होता है जब रविवार को शेयर बाज़ार खुले लेकिन बजट पेश होने की वजह से मार्केट खुला हुआ है. बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें वित्त मंत्री ने अपना भाषण शुरू करते हुए कहा कि सरकार का ज़ोर औद्योगिक विकास को बढ़ाना है और पिछले साल 15 अगस्त के बाद से 350 से अधिक आर्थिक सुधार किए गए. उन्होंने आर्थिक विकास को तेज़ करने के लिए मैन्युफ़ैक्चरिंग, एमएसएमई, इंफ़्रा, सुरक्षा और स्थिरता में मजबूती पर ज़ोर दिया. इस बार के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए विशेष कॉरिडोर और साथ ही सात रेलवे कॉरिडोर बनाने की घोषणाएं कीं. स्वास्थ्य और दवाओं से लेकर शिक्षा और महिलाओं को लेकर भी कुछ अहम घोषणाएं की गईं. लेकिन एक घोषणा ने शेयर बाज़ारों का मूड बिगाड़ दिया. वित्त मंत्री ने कहा कि वो फ्यूचर एंड ऑप्शन में एसटीटी को 0.02 फ़ीसदी से बढ़ाकर 0.05 फ़ीसदी करने का प्रस्ताव कर रही हैं. इसके बाद शेयर बाज़ारों में भारी बिकवाली देखने को मिली. एसटीटी का पूरा नाम है "सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स". शेयरों की ख़रीद फ़रोख्त पर लगता है. वित्त मंत्री ने कहा कि फ्यूचर एंड ऑप्शन में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन को दोगुने से अधिक बढ़ाने का प्रस्ताव है. अभी तक एफ़एंडओ पर एसटीटी 0.02 फ़ीसदी था, जिसे अब बढ़ाकर 0.05 फ़ीसदी करने का प्रस्ताव है. एसटीटी वास्तव में दूसरे टैक्स के मुकाबले अलग है. राजस्व बढ़ाने और वित्तीय बाज़ारों में स्थिरता बढ़ाने के लिए शेयरों के लेन-देन पर ये टैक्स लगाया जाता है. यह पूरी तरह से मूल्य आधारित होता है, यानी जितने अधिक मूल्य के शेयरों की ख़रीद-फरोख़्त करते हैं, उतना ही अधिक एसटीटी लगेगा. फिर चाहे शेयरों के उस सौदे पर व्यक्ति को लाभ हुआ हो या नहीं. केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि नया इनकम टैक्स क़ानून एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा. आयकर रिटर्न (आईटीआर) की फ़ाइलिंग से जुड़ी समयसीमा और नियमों में भी बदलाव किए गए हैं. आईटीआर-1 और आईटीआर‑2 दाख़िल करने वाले अब 31 जुलाई तक अपना रिटर्न फ़ाइल कर सकेंगे. हालांकि, इस बार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं किए गए हैं. दरअसल, पिछले साल आई नई टैक्स रिज़ीम में सालाना 12 लाख तक की आमदनी पर कोई इनकम टैक्स नहीं है. सैलरी क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हज़ार रुपये है, इस लिहाज़ से सैलरी क्लास की 12 लाख 75 हज़ार रुपये तक की इनकम टैक्स फ़्री होगी. वित्त मंत्री ने कहा, "भारत का एनिमेशन, विज़ुअल इफ़ेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) सेक्टर एक ग्रोइंग इंडस्ट्री है, जिसमें 2030 तक 20 लाख पेशेवर लोगों की ज़रूरत होगी." वित्त मंत्री ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़, मुंबई को 15 हज़ार सेकेंड्री स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव दिया है. ऑरेंज इकोनॉमी या क्रिएटिव इकोनॉमी, उन सेक्टर्स को कहते हैं जो व्यक्तिगत क्रिएटिविटी, स्किल और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर आधारित होते हैं, जिसमें कला, डिज़ाइन, फ़ैशन, फ़िल्म, संगीत और डिजिटल कंटेंट शामिल हैं. वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य और दवाओं के क्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की और कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जुड़ी 36 दवाओं पर शुल्क कम करने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने बजट में अगले 5 वर्षों में बायोफ़ार्मा में 10 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया. उन्होंने अपने बजट भाषण में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान बनाने और जामनगर में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर बनाने की भी घोषणा की. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

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