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बांग्लादेश के चुनावी नतीजों पर वहाँ के मीडिया में क्या कहा जा रहा है?

✍️ Admin 📅 13 February, 2026 ⏰ 08:03 AM 👁 74 views

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images बांग्लादेश में मतगणना जारी है, लेकिन शुरुआती रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है. संसद की 231 सीटों में अभी तक बीएनपी 165 से 170 सीटों पर आगे बताई जा रही है जबकि दूसरे नंबर पर जमात-ए-इस्लामी है है. सरकार बनाने के लिए 151 सीटें चाहिए. देश में पहली बार राष्ट्रीय संसद के चुनाव और जनमत संग्रह 12 फ़रवरी, गुरुवार को एक ही दिन आयोजित किए गए. अब बांग्लादेश एक नई यात्रा की शुरुआत कर रहा है. 18 महीनों की अंतरिम सरकार के बाद चुनाव आख़िरकार संपन्न हुआ है. बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें बांग्लादेश में लगभग 12.77 करोड़ मतदाता हैं जिनमें लगभग आधी महिलाएं थीं. कुल 2,028 उम्मीदवारों और 50 राजनीतिक दलों के चुनावी में हिस्सा लिया. वोट देने के बाद ढाका ट्रिब्यून से युवा वोटर तहमीना हक़ ने कहा, "मैंने अपना वोट डाल दिया है. मुझे बहुत अच्छा लगा. मतदान बहुत शांतिपूर्ण और बहुत व्यवस्थित रहा." सेगुनबागीचा हाई स्कूल सेंटर पर चुनाव अधिकारी अब्दुल्लाह अल मामून ने कहा, "वोटिंग 7.30 बजे शुरू हो गई थी. मतदान शांतिपूर्ण तरीक़े से हो रहा है और अभी तक हमें कोई शिकायत नहीं मिली है." बीएनपी के 'ऐतिहासिक जीत' और 'सफल चुनाव' के लिए अमेरिका ने तारिक़ रहमान को को बधाई दी है आधिकारिक घोषणा से पहले ही बांग्लादेश में अमेरिका के राजदूत ब्रेंट टी क्रिसटेनसेन ने लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका हमारे दोनों देशों के लिए समृद्धि और सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को साकार करने के लिए आपके साथ काम करने के लिए उत्सुक है." इमेज स्रोत, AFP via Getty Images मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. स्थानीय टीवी चैलनों में बीएनपी की भारी जीत का अनुमान लगाया गया है. कहा जा रहा है कि संसद में बीएनपी लगभग दो तिहाई सीटें हासिल कर सकती है. अनाधिकारिक रुझानों और पार्टी के अपने अनुमान के अनुसार, बीएनपी और इसके सहयोगी दल 170 सीटों पर आगे चल रहे हैं. बांग्लादेश के अंग्रेज़ी अख़बार न्यू एज ने भी बीएनपी की भारी जीत का अनुमान लगाया है. अख़बार के अनुसार, शुरुआती रुझानों में बीएनपी और इसके सहयोगी दल 165 सीटों पर आगे चल रहे हैं जबकि जमात की अगुवाई वाला गठबंधन 66 सीटों पर आगे है. संसद में कुल 231 सीटें हैं. प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार ढाका ट्रिब्यून ने भी बीएनपी के पूर्ण बहुमत हासिल करने का अनुमान लगाया है. अख़बार के अनुसार, ये स्पष्ट हो गया है कि मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में जमात-ए-इस्लामी उभरी है. बांग्लादेश के अख़बार द डेली स्टार के अनुसार, 13वें राष्ट्रीय चुनावों में बीएनपी के भारी बहुमत से जीतने का अनुमान है. अख़बार के अनुसार, बीएनपी को उम्मीद है कि वो इन चुनावों में दो तिहाई बहुमत हासिल करेगी. द डेली स्टार के मुताबिक़, कभी बीएनपी की सबसे क़रीबी रही जमात-ए-इस्लामी और इसके सहयोगी संगठनों को भारी बढ़त मिली है. जमात-ए-इस्लामी ने कहा है कि उसे 60 सीटें मिलने उम्मीद है. अख़बार का कहना है कि छात्र आंदोलनों से उपजी नेशनल सिटिज़न पार्टी (एनसीपी) के चुनावी प्रबंधन के प्रमुख आसिफ़ महमूद शोजिब भूइयां ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर कहा है कि उनकी पार्टी ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है. एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ढाका-11 से आगे चल रहे हैं. आधिकारिक परिणामों के अनुसार, बीएनपी के चेयरमैन तारिक़ रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों सीटों से जीत दर्ज की है. वहीं बीएनपी महासचिव मिर्ज़ा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर भी जीत गए हैं. हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि पोस्ट बैलट की काउंटिंग हुई है या नहीं है. सरकारी बीएसएस न्यूज़ एजेंसी ने जनमत संग्रह की गणना के ताज़े आंकड़ों के अनुसार बताया है कि, 860,000 से अधिक लोगों ने 'हां' पर वोट किया जबकि 420,000 लोगों ने 'ना' के लिए वोट किया है. देश के प्रशासन के लिए तैयार किए गए फ़्रेमवर्क यानी जुलाई चार्टर के समर्थन में 67 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images लंदन में लगभग 17 वर्षों तक राजनीतिक शरण लेने के बाद, तारिक़ रहमान पिछले दिसंबर में ही ढाका लौटे और उनकी पार्टी ने उनका भव्य स्वागत किया था. बांग्लादेश के अख़बार प्रथम आलो के अनुसार, रहमान के चुनाव प्रचार अभियान में एक 'सरप्राइज़ एलीमेंट' था, जिसने लोगों को उनकी ओर आकर्षित किया. रहमान ने अपनी चुनावी रैलियों में लोगों से सीधे संवाद करने का तरीक़ा अपनाया. उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी को भी प्रचार अभियान में शामिल किया. खुद को एक "परिवारिक व्यक्ति" के रूप में पेश करते हुए उन्होंने शांति और संयम का संदेश देने की कोशिश की. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images उनके प्रचार अभियान का मुख्य संदेश था- "मैं आप में से ही एक हूं." और इसे ख़ास तौर पर युवा मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था. इस तरीक़े से उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के मुक़ाबले एक अलग छवि भी गढ़ी. कई मौक़ों पर तारिक़ रहमान ने आम लोगों को मंच पर सीधे आमंत्रित किया. कुछ जगहों पर उन्होंने सीधे लोगों को संबोधित किया. उन्होंने स्थानीय समस्याएं सुनीं, समाधान का आश्वासन दिया, सवाल पूछे और जवाबों पर प्रतिक्रिया भी दी. आधिकारिक रूप से प्रचार अभियान 10 फरवरी की सुबह समाप्त हो गया था. बीएनपी मीडिया सेल के अनुसार, तय प्रचार अवधि यानी 19 दिनों के दौरान तारिक़ रहमान ने देश भर में कम से कम 64 रैलियां कीं. कई जगहों पर उनके साथ उनका परिवार भी मौजूद रहा. पूरी रणनीति साफ़ तौर पर नजर आई. वे अधिकतर स्थानों पर विशेष रूप से तैयार किए गए प्रचार बस से पहुंचे और कुछ मौक़ों पर हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया. बीएनपी के एक प्रवक्ता ने गुरुवार रात बीबीसी से कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी की "पूरी गारंटी" देगी. पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता महदी अमीन ने ढाका में बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये से कहा, "हम बांग्लादेश के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की उम्मीद करते हैं. अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा की जाएगी." अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाए जाने से चुनाव की विश्वसनीयता को लेकर महदी अमीन ने कहा, "चुनाव जीतने के बाद हम फिर से लोगों के पास जाएंगे और वही करेंगे जो लोग चाहेंगे. लेकिन अभी यह साफ़ है कि लोगों ने ऐसे किसी राजनीतिक दल का समर्थन न करने का फ़ैसला किया है, जिसने अपना राजनीतिक चरित्र खो दिया और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के औजार में बदल गया." अवामी लीग ने इन आरोपों को ख़ारिज़ किया है और चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए हैं. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

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