पूर्ण संस्करण देखें
⚡ AMP पेज | पूर्ण वेबसाइट देखें
Death

एल मेंचो: एनकाउंटर में मारा गया मोस्ट वॉन्टेड ड्रग माफ़िया, 136 करोड़ रुपये का था इनाम

✍️ Admin 📅 23 February, 2026 ⏰ 01:10 PM 👁 40 views

मेक्सिको का मोस्ट वॉन्टेड अपराधी एल मेंचो एक सुरक्षा अभियान में मारा गया. वो हलिस्को (जलिस्को) न्यू जेनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) ड्रग कार्टेल का मुखिया था. यह जानकारी मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने दी. एल मेंचो का पूरा नाम नेमेसियो ओसगेरा सर्वांटीज़ था. रविवार को राजधानी मेक्सिको सिटी ले जाते समय उसकी मौत हो गई. सेना के साथ मुठभेड़ में वो गंभीर रूप से घायल हो गया था. तपालपा नाम के इस कस्बे में ये मुठभेड़ हुई. ये मेक्सिको के हलिस्को (जलिस्को) राज्य में है. इस अभियान में एल मेंचो समेत उसकी गैंग के चार लोगों की मौत हो गई. सेना के भी तीन जवान घायल हुए. अमेरिका ने एल मेंचो गिरोह के बारे में ख़ुफ़िया जानकारी मेक्सिको को उपलब्ध कराई थी जिसके बाद इस मिशन को अंजाम दिया गया. सेना की कार्रवाई के जवाब में सीजेएनजी ने जवाबी हमला करते हुए कई राज्यों में बड़े पैमाने पर वाहनों को आग लगा दी, सड़कें ब्लॉक कर दी और सुरक्षा बलों पर हमले भी किए. अमेरिकी विदेश विभाग ने हलिस्को (जलिस्को), तमौलीपास के साथ-साथ कई और राज्यों में अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वो जहां हैं वहीं रहें और बाहर ना निकलें. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शेनबॉम पार्दो ने लोगों से 'शांत रहने' का अनुरोध किया. उन्होंने एक्स पर लिखा कि 'देश के अधिकांश हिस्सों में गतिविधियाँ सामान्य रूप से चल रही हैं'. मेक्सिको में भारतीय दूतावास ने भी वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री जारी की. एक्स पोस्ट पर लिखा गया, "मेक्सिको में सभी भारतीय नागरिकों के लिए चेतावनी: वर्तमान में सुरक्षा अभियान चल रहे हैं, साथ ही सड़क अवरोध और आपराधिक गतिविधियाँ भी जारी हैं. मेक्सिको के हलिस्को (जलिस्को), तमौलीपास, मिचोआकान, ग्वेरेरो और न्यूवो लियोन राज्यों में मौजूद भारतीय नागरिक सुरक्षित जगहों पर ही रहें." एल मेंचो की उम्र 59 साल थी और वो पुलिस अधिकारी भी रह चुका था. उसका गिरोह अमेरिका कोकीन, मेथामफेटामाइन और फेंटानिल की बड़ी मात्रा में तस्करी के लिए ज़िम्मेदार था. अमेरिका ने उसके बारे में जानकारी देने के लिए डेढ़ करोड़ डॉलर यानी क़रीब 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था. एक बयान में, मेक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान को देश की सेना ने आपसी सहयोग से योजनाबद्ध तरीक़े से अंजाम दिया. एल मेंचो के ख़िलाफ़ अभियान में मेक्सिको की वायु सेना और राष्ट्रीय गार्ड के विमान भी तैनात किए गए थे. मंत्रालय ने यह भी बताया कि अभियान के दौरान कई बख्तरबंद वाहन और हथियार ज़ब्त किए गए जिसमें रॉकेट लॉन्चर भी शामिल हैं. बयान में कहा गया कि अमेरिका ने इस दौरान मेक्सिको को लगातार जानकारी दी जिससे इस मिशन में काफ़ी मदद मिली. कई चश्मदीदों ने शहरों में धुएं के गुबारों को फिल्माया. ग्वाडिलहारा नाम के शहर में भी उपद्रव हुए जो आगामी फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप की मेज़बानी करने वाले शहरों में एक है. हलिस्को (जलिस्को) एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, यहां हज़ारों पर्यटक फंसे हुए हैं क्योंकि राज्य में अशांति फैल गई है. रविवार को रात भर, राज्य में कई सड़कों पर बंदूकधारी देखे गए. राज्य के गवर्नर ने सोशल मीडिया पर लोगों से अपील की कि वो रेड अलर्ट चेतावनी का पालन करें और घरों के अंदर ही रहें. यूनाइटेड एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस के साथ-साथ एयर कनाडा ने भी कुछ शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं. और कई विमानों के मार्ग बदल दिए गए हैं. मेक्सिको में अमेरिका के पूर्व अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफ़र लैंडाओ ने एल मेंचो को 'सबसे खूनी और निर्दयी ड्रग किंगपिन्स में से एक' बताया. उन्होंने कहा कि, 'एल मेंचो की मौत मेक्सिको, अमेरिका, लैटिन अमेरिका और दुनिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि' है. मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. माइक विजिल अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी में इंटरनेशनल ऑपरेशन हेड रह चुके हैं. उन्होंने एल मेंचो को मारने के मेक्सिकन सेना के अभियान को 'ड्रग तस्करी के इतिहास में किए गए सबसे अहम अभियानों में से एक' क़रार दिया. उन्होंने अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी चैनल सीबीएस से ये बात कही. एल मेंचो की मौत को मेक्सिको की राष्ट्रपति के लिए देश के ड्रग कार्टेल के ख़िलाफ़ लड़ाई में एक जीत का प्रतीक माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मेक्सिको के ड्रग कार्टेल को निशाना बनाने की बात कई बार कह चुके हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक़ एल मेंचो की मौत उनके और मेक्सिको की राष्ट्रपति शेनबॉम के संबंधों को और मज़बूत कर सकती है. पिछले साल जनवरी में, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा था कि ड्रग तस्करी की नौकाओं को निशाना बनाने के बाद "हम अब जमीन पर भी हमला शुरू करेंगे." उन्होंने ये भी कहा था कि "ये कार्टेल्स ही मेक्सिको को चला रहे हैं." तब मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शेनबॉम पार्दो ने जवाब में कहा था, "दक्षिणी सीमा पर अमेरिकी सेना की तैनाती" पर सहमति कभी बनी ही नहीं थी. विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं कि एल मेंचो की मौत के बाद बने तनावपूर्ण हालत अगर फ़ौरन काबू में नहीं किए जाते तो 'मेक्सिको सरकार की ये जीत' कार्टेल की हिंसक जवाबी कार्रवाई से धूमिल पड़ सकती है. एल मेंचो का ये कार्टेल सुरक्षा बलों और सार्वजनिक अधिकारियों पर सिलसिलेवार हमले करने के लिए कुख्यात था. ये ग्रुप इतना ताक़तवर था कि इसने रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड से सेना के एक हेलीकॉप्टर को गिरा दिया था, दर्जनों सरकारी अधिकारियों की हत्या की. ये कार्टेल अपने विरोधियों को डराने के लिए कभी-कभी लोगों को मारकर उनके शवों को पुलों से लटकाने के लिए भी जाना जाता है. सीजेएनजी गिरोह 2010 तक मूल रूप से हलिस्को (जलिस्को) राज्य में ही सक्रिय था. लेकिन अब इसका असर पूरे मेक्सिको में है. अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन इसे बेहद ताक़तवर सिनालोआ गिरोह के बराबर मानता है, जिसका प्रभाव अमेरिका के तकरीबन सभी 50 राज्यों में है. सीजेएनजी अमेरिका में बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी करता है और फेंटानिल के उत्पादन से अरबों डॉलर कमाता है. यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर पेट्रोल ने जून 2025 में प्रकाशित आंकड़ों में बताया कि अक्तूबर 2024 से अब तक अमेरिका में कुल 9,200 पाउंड (4,182 किलोग्राम) फेंटानिल जब्त किया जा चुका है इसमें से लगभग 96% फेंटानिल मेक्सिको के साथ लगती दक्षिण-पश्चिमी सीमा पर पकड़ा गया. 1% से भी कम मात्रा कनाडा के साथ उत्तर अमेरिकी सीमा पर जब्त की गई. शेष मात्रा समुद्री मार्गों या अन्य अमेरिकी चेक पॉइंट्स से आई थी. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

स्रोत: BBC Hindi

📤 शेयर करें: