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ईरान युद्ध: अमेरिका हर रोज़ कितने पैसे ख़र्च कर रहा है?

✍️ Admin 📅 03 April, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 50 views

इमेज स्रोत, Alex Brandon-Pool/Getty ईरान से युद्ध अमेरिका के लिए भारी ख़र्च लेकर आया है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पिछले महीने युद्ध के छह दिन बाद पेंटागन ने अमेरिकी सांसदों को बताया था कि इस युद्ध पर अब तक 11.3 अरब डॉलर ख़र्च हो चुके हैं. रिपोर्ट्स में कहा गया कि जंग में सैकड़ों टॉमहॉक मिसाइलें इस्तेमाल की गईं और हर एक टॉमहॉक मिसाइल की क़ीमत 35 लाख डॉलर (क़रीब 32 करोड़ रुपये) के क़रीब है. जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचता गया, अमेरिका के लिए रोज़ाना का ख़र्च अलग-अलग रहा है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के कमज़ोर होते डिफ़ेंस सिस्टम के कारण ख़र्च में कमी आई है. लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह संघर्ष अब भी हर दिन क़रीब 385 मिलियन डॉलर (क़रीब 3500 करोड़ रुपये से अधिक) का ख़र्च ला रहा है. अमेरिकी रक्षा विभाग का यह भी कहना है कि ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में 90% की कमी आई है. इमेज स्रोत, Bill Ingalls/NASA/Getty आर्टेमिस 2 मिशन ने एक अहम इंजन बर्न पूरा कर लिया है, जो ओरायन अंतरिक्ष यान की चाँद की ओर यात्रा को आगे बढ़ाएगा. ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न 19:49 ईडीटी (भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 5:19 बजे) पर शुरू हुआ और क़रीब छह मिनट तक चला. कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन ने बर्न पूरा होने के बाद अपने पहले संदेश में कहा, "मानवता ने एक बार फिर दिखाया है कि हम क्या कर सकते हैं." उन्होंने कहा, "भविष्य के लिए आपकी उम्मीदें ही हमें अब चाँद के चारों ओर जाने की इस यात्रा में आगे बढ़ा रही हैं." हैनसेन ने नासा के लाइव स्ट्रीम पर कहा, "यहाँ ऊपर चाँद की ओर जाते हुए हम सब अच्छा महसूस कर रहे हैं." नासा ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया "बिना किसी अड़चन के" पूरी हुई और कहा कि सभी अंतरिक्ष यात्री "बहुत अच्छा कर रहे हैं". बीबीसी के विज्ञान संवाददाता के अनुसार, अंतरिक्ष यान ने यह बर्न पृथ्वी की कक्षा के सबसे निचले पॉइंट पर शुरू किया. इस मिशन के दौरान कोई भी चाँद पर नहीं उतरेगा. ओरायन कैप्सूल सिर्फ़ उसके चारों ओर चक्कर लगाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी को उनके पद से हटा दिया है. बॉन्डी लंबे समय से ट्रंप की सहयोगी और उनके प्रशासन की मज़बूत समर्थक रही हैं. अमेरिका में अटॉर्नी जनरल देश का शीर्ष क़ानून प्रवर्तन अधिकारी होता है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में पैम बॉन्डी की तारीफ़ की और कहा कि वह प्राइवेट सेक्टर में एक नई भूमिका में नज़र आएंगी. न्याय विभाग में बॉन्डी के कार्यकाल के दौरान अक्सर जेफ़री एप्सटीन से जुड़ी फ़ाइलों को जारी करने और यौन अपराधी एपस्टीन की जांच को लेकर विवाद हावी रहा. हाल के हफ़्तों में ट्रंप प्रशासन की वह दूसरी अधिकारी हैं जिन्हें पद से हटाया गया है. इससे पहले मार्च में क्रिस्टी नोएम को होमलैंड सिक्योरिटी प्रमुख के पद से हटा दिया गया था. बॉन्डी के पूर्व डिप्टी टॉड ब्लैंच उनकी जगह लेंगे. बॉन्डी ने कहा कि वह अपना काम ब्लैंच को सौंपने के लिए "लगातार काम करेंगी". उन्होंने कहा कि यह पद उनके जीवन का "सम्मान" रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि प्राइवेट सेक्टर में अपनी नई भूमिका में भी वह "राष्ट्रपति ट्रंप और इस प्रशासन के लिए लड़ाई जारी रखेंगी". हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि प्राइवेट सेक्टर में उनकी नई भूमिका क्या होगी. अमेरिका ने ईरान के 'सबसे बड़े पुल' पर हमला किया है. इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें विस्फोट की जगह से काला धुआँ उठता दिख रहा है. उन्होंने कहा, "ईरान का सबसे बड़ा पुल ढहाकर गिरा दिया गया है, अब इसका फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा." इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर से चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, "यह ईरान के लिए समझौता करने का समय है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए और वहाँ कुछ भी न बचे, जो कि अब भी एक महान देश बन सकता है." ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने इस हमले की पुष्टि की है और नागरिक इन्फ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अराग़ची ने कहा, "अधूरे बने पुलों समेत नागरिक इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर हमले ईरानियों को सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं करेंगे. यह केवल अव्यवस्था में फंसे एक दुश्मन की हार और नैतिक पतन को दिखाता है." उन्होंने कहा, "हर पुल और इमारत को फिर से पहले से ज़्यादा मज़बूती के साथ बनाया जाएगा. जो कभी रिकवर नहीं हो पाएगा, वह है अमेरिका की साख को हुआ नुक़सान." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - ईरान खाड़ी के बाक़ी देशों की तुलना में ओमान को लेकर नरम क्यों? - असम के चुनाव पर 'दिल के टुकड़े' की मौत का साया, ज़ुबिन गर्ग के लिए इंसाफ़ की गुहार किस पर पड़ेगी भारी? - राजस्थानः गुलाबी हाथी की तस्वीर पर विवाद, क्या फ़ोटोशूट है मौत से जुड़ी वजह? - ईरान के यूरेनियम पर कब्ज़ा करना अमेरिका के लिए क्यों हो सकता है ख़तरनाक - क्या हम तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं या इसके ख़तरे को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है?

स्रोत: BBC Hindi

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