ट्रंप ने ईरान को दी नई धमकी, कहा- '48 घंटे का समय है, वरना क़हर बरपेगा'
बहरीन ने ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से इंटरसेप्ट किए गए हवाई हमलों का आंकड़ा जारी किया है. सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा गया है कि उसने ईरान की ओर से दाग़े गए 453 ड्रोन और 188 मिसाइलों को 'गिराया और नष्ट किया' है. वहीं यूएई के रक्षा मंत्रालय ने अपने रोज़ाना अपडेट में बताया कि 4 अप्रैल को 23 बैलिस्टिक मिसाइलें और 56 ड्रोन रोके गए. मंत्रालय के मुताबिक़, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कुल 498 बैलिस्टिक मिसाइलें, 23 क्रूज़ मिसाइलें और 2,141 ड्रोन को रोका जा चुका है. अधिकारियों ने बताया कि इस संघर्ष में अब तक यूएई में सशस्त्र बलों के दो सदस्य, एक ठेकेदार और 10 अन्य लोगों की मौत हुई है, जबकि 217 लोग घायल हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि उसके पास 'समझौता करने या होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने' के लिए 48 घंटे का समय है, वरना 'क़हर बरपेगा'. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "याद रखिए जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था. समय ख़त्म हो रहा है." उन्होंने आगे कहा, "उन पर क़हर टूटने में बस 48 घंटे बाक़ी हैं." 27 मार्च को ट्रंप ने घोषणा की थी कि वह अगले 10 दिनों के लिए ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर किसी भी तरह के हमले को रोक रहे हैं. इससे पहले एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर टैरिफ़ के फ़ायदों का ज़िक्र किया. ईरान के दक्षिण में स्थित कोहगिलुयेह और बोयरअहमद प्रांत में आईआरजीसी की एक इकाई और प्रांत के गवर्नर ने इस बात से इनकार किया है कि अमेरिकी एफ़-15ई के दूसरे क्रू सदस्य को गिरफ़्तार किया गया है. गवर्नर ने यह भी ख़ारिज किया कि पहले पायलट को अमेरिका ने बचा लिया है. उन्होंने इसे 'दुश्मन की रणनीति' बताया. वहीं, ईरान से जुड़े कुछ सरकारी चैनलों ने लोगों से अपील की है कि वे पायलट को 'ज़िंदा पकड़ें' और इसके लिए इनाम देने की बात भी कही है. कुछ रिपोर्ट्स में इसके लिए क़रीब 66,000 डॉलर के इनाम का ज़िक्र किया गया है. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के आठवें मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने मुंबई इंडियंस को 6 विकेट से हरा दिया है. 163 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली ने 18.1 ओवर में इसे हासिल कर लिया. जहां शुरुआत में दिल्ली ने दूसरे ओवर में ही अपने दो विकेट खो दिए थे, वहीं समीर रिज़वी ने अपनी तूफ़ानी बल्लेबाज़ी से यह मैच आसानी से जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया. समीर रिज़वी ने 7 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 51 गेंदों पर 90 रनों की पारी खेली. वहीं मुंबई की ओर से कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 36 गेंदों पर 51 रन बनाए. लगातार दूसरी जीत के बाद दिल्ली कैपिटल्स अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है. बिहार के पूर्वी चंपारण ज़िले में ज़हरीली शराब मामले में मृतकों की संख्या बढ़ गई है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शनिवार को इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या सात हो हई. अस्पताल में भर्ती 14 अन्य लोगों की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है. पीटीआई ने जांच अधिकारियों के हवाले बताया, लाल किशोर राय और लड्डू साह की शनिवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई. डॉक्टरों के मुताबिक़, अस्पताल में भर्ती लोगों में से तीन मरीज़ों की हालत काफ़ी गंभीर है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है. इस मामले पर चंपारण क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिकिशोर राय ने मीडिया से बात की थी. तब उन्होंने अपने बयान में पांच लोगों की मौत का ज़िक्र किया था. उन्होंने कहा था, "लगभग 17-18 लोगों ने शराब का सेवन किया था. शराब कहां से आई, हम इसकी जांच कर रहे हैं. जो मुख्य अपराधी है उसकी गिरफ़्तारी हो चुकी है." पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण पता चलेगा. लेकिन साथ ही उनका यह भी कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि शराब बनाने के दौरान कुछ गड़बड़ी हुई थी, जिसके कारण लोगों की मौत हुई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए कथित हमले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "यूक्रेन के ज़ापोरिज़्ज़िया न्यूक्लियर प्लांट के पास हमलों को लेकर पश्चिमी देशों का आक्रोश याद है? अब इसराइल और अमेरिका हमारे बुशहर प्लांट पर चार बार हमला कर चुके हैं." अराग़ची ने चेतावनी दी, "रेडियोएक्टिव रिसाव का असर तेहरान नहीं, बल्कि गल्फ कॉर्पोरेशन काउंसिल (जीसीसी) के देशों की राजधानियों पर पड़ेगा." उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले 'वास्तविक मंशा' को दिखाते हैं. हालांकि, अमेरिका और इसराइल ने अब तक इन हमलों में अपनी भूमिका की पुष्टि नहीं की है. राजस्थान की राजधानी जयपुर में सिविल लाइन विधानसभा क्षेत्र के सुशीलपुरा इलाक़े में सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद दूषित पानी पीने से कई लोग बीमार हुए हैं. बीते चार दिनों से मरीज़ों का लगातार अस्पताल पहुँचना जारी रहा. सरकारी डिस्पेंसरी युवाम -45 के प्रभारी डॉक्टर अनिल मेहता ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को फ़ोन पर बताया, "चार दिनों में 75 मरीज़ आ चुके हैं. इस समय भी कुछ मरीज़ इलाज कराने आए हैं." डॉक्टर मेहता ने बताया, "हर दिन 120 की ओपीडी में से डायरिया, पेट दर्द और उल्टी की शिकायत से पीड़ित लगभग बीस लोग पहुँच रहे हैं." बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें सुशीलपुरा के लोग दूषित पानी की शिकायत करते हुए स्थानीय विधायक को यही दूषित पानी पीने के लिए देते हैं. स्थानीय निवासी मदन यादव ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से फ़ोन पर बताया, "बीते सोमवार रात सड़क निर्माण के दौरान सीवर लाइन टूट गई थी और पानी की पाइपलाइन भी डैमेज होने से पानी दूषित हो गया." वह कहते हैं, "इसकी जानकारी लोगों को नहीं होने के कारण सुबह वही पानी पी लिया, जिससे कुछ लोग बीमार हो गए और डिस्पेंसरी से दवाई लेनी पड़ी." स्थानीय निवासी रतन लाल का कहना है, "श्याम नगर इलाक़े में बड़ी पाइपलाइन टूटने के कारण पानी के दबाव को छोटी लाइनों में डायवर्ट किया गया. जिससे सीवर का पानी सप्लाई में मिल गया और पीने के पानी की परेशानी बनी रही." इस मामले में विधायक गोपाल शर्मा ने बीबीसी से फ़ोन पर बातचीत में बताया, "यह पुरानी और जर्जर पाइपलाइन थी. जो कांग्रेस सरकार के समय में डाली गई थी. सड़क निर्माण के दौरान यह डैमेज होने से पानी दूषित हो गया." उन्होंने आरोप लगाया कि सीवर लाइन 'उचित गहराई में नहीं डाली गई' थी, जिस कारण सड़क निर्माण के दौरान वह डैमेज हुई है. विधायक ने दावा करते हुए कहा, "अब पानी साफ़ आ रहा है लेकिन एहतियातन लीकेज की जाँच जारी है. एक अन्य जगह भी पाइप लाइन डैमेज मिली है. जिसे जल्द ठीक कर सड़क निर्माण पूरा किया जाएगा." भारत ने शनिवार को कहा है कि ईरान से कच्चे तेल के आयात को लेकर कोई भुगतान संबंधी समस्या नहीं है और घरेलू रिफ़ाइनरियां दूसरे वैश्विक सप्लायर्स के साथ-साथ ईरान से भी तेल ख़रीद रही हैं. पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया, जिनमें कहा गया था कि ईरानी कच्चा तेल लेकर जा रहा एक टैंकर भारत की बजाय चीन की ओर मुड़ गया. गुजरात के वाडिनार से जुड़े दावों को 'तथ्यात्मक रूप से ग़लत' बताते हुए मंत्रालय ने कहा, "ईरान से कच्चे तेल के आयात में कोई भुगतान बाधा नहीं है." मंत्रालय के अनुसार, भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और कंपनियों को व्यावसायिक ज़रूरतों के आधार पर कहीं से भी तेल ख़रीदने की पूरी आज़ादी है. उसने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने के बावजूद भारतीय रिफ़ाइनरियों ने अपनी ज़रूरत के मुताबिक़ कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है, जिसमें ईरान से आयात भी शामिल है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वैश्विक तेल कारोबार में जहाज़ों का डेस्टिनेशन बदलना आम बात है. बिल ऑफ लोडिंग में दिए गए पोर्ट अक्सर संकेतात्मक होते हैं और यात्रा के दौरान बदले जा सकते हैं. मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि आने वाले महीनों के लिए भारत की कच्चे तेल की ज़रूरतें पूरी तरह सुरक्षित हैं. साथ ही बताया गया कि 'सी बर्ड' नाम का एक एलपीजी जहाज़, जिसमें क़रीब 44 टीएमटी (हज़ार मेट्रिक टन) ईरानी एलपीजी था, 2 अप्रैल को मंगलुरु पहुंचा और फिलहाल वहां कार्गो उतारा जा रहा है. ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक़, मौजूदा युद्ध के दौरान बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के आसपास चौथी बार हमला किया गया है. संगठन ने कहा कि इस हमले में प्लांट की सुरक्षा में तैनात एक कर्मचारी की मौत हुई है और इसके लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया गया है. हालांकि अमेरिका और इसराइल ने इस हमले की पुष्टि नहीं की है. बयान के मुताबिक़, शुरुआती जांच में पता चला है कि प्लांट के मुख्य हिस्सों को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है और इसका संचालन प्रभावित नहीं हुआ है. लेकिन चेतावनी दी गई है कि यहां मौजूद रेडियोएक्टिव मटेरियल की वजह से अगर गंभीर नुक़सान होता है, तो बड़ा परमाणु हादसा हो सकता है. बुशहर ईरान का एकमात्र चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट है, जिसे रूस की मदद से तैयार किया गया था. रूस ने पहले ही अपने कई कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया है. रूसी सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटॉम के प्रमुख एलेक्सी लिकाचेव ने हाल ही में कहा था कि अगले हफ़्ते क़रीब 200 लोगों को निकालने की अख़िरी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विवाद का मुद्दा रहा है और इस पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं. अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच मौजूदा युद्ध 28 फ़रवरी को शुरू हुआ था. ईरान के सुप्रीम लीडर का नज़र न आना और मज़बूत होती आईआरजीसी का क्या है मतलब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर जवाब दिया है. उन्होंने शनिवार को एक वीडियो जारी कर कहा, "कल से मेरे ख़िलाफ़ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है. एक ही जैसी भाषा, एक जैसे आरोप. यह कोई इत्तिफ़ाक़ नहीं बल्कि एक कॉर्डिनेटेड अटैक है." राघव चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने मुझ पर तीन आरोप लगाते हुए कहा कि हम इन्हीं तीन आरोपों की वजह से संसद में राघव चड्ढा को बोलने का मौक़ा नहीं देंगे. उन्होंने तीनों आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "पहला आरोप कि मैं विपक्ष के वॉकआउट के दौरान वहाँ बैठा रहता हूं, यह सरासर झूठ है. मैं चुनौती देता हूं कि ऐसा एक भी मौक़ा बताएं जब विपक्ष ने वॉकआउट किया हो और मैंने उनका साथ न दिया हो. संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे हैं. आप फुटेज़ निकालकर दिखाएं." राघव का कहना है कि उनके ऊपर दूसरा आरोप यह लगाया गया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की याचिका पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. इसके जवाब में उन्होंने इसे 'सफ़ेद झूठ' बताते हुए कहा, "आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने इस प्रस्ताव पर साइन करने को नहीं कहा. न औपचारिक तौर पर, न अनौपचारिक तौर पर. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं. इनमें से 6-7 सांसदों ने ख़ुद इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए, तो इसमें मेरी क्या ग़लती." राघव के मुताबिक़ उन पर तीसरा आरोप पार्टी ने यह लगाया है कि वह डर गए हैं, इसलिए संसद में 'बेकार मुद्दे' उठाते हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा, "मैं संसद में चीखने-चिल्लाने, गाली-गलौच करने, माइक तोड़ने नहीं गया, मैं वहां जनता के मुद्दे उठाने गया हूं. मैंने जीएसटी से इनकम टैक्स की बात की. पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा का मुद्दा उठाया." आख़िर में उन्होंने कहा कि जो लोग आज मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा, क्योंकि मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं." राघव चड्ढा: 'आप' के सबसे युवा प्रवक्ता से लेकर 'मोदी से डर' के आरोपों तक ईरान के दक्षिणी ख़ुज़ेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर (सुरक्षा) वलीउल्लाह हयाती ने कहा है कि माहशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को हमले में निशाना बनाया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि बंदर इमाम पेट्रोकेमिकल कंपनी पर भी हमला हुआ है और इसके लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया. ईरानी मीडिया के मुताबिक़, इन हमलों में अब तक पांच लोग घायल हुए हैं. ये दोनों संयंत्र ईरान के पेट्रोकेमिकल उद्योग का अहम हिस्सा हैं, जहां तेल और गैस से जुड़े उत्पाद बनाए जाते हैं. देश के दक्षिण में स्थित ये केंद्र उत्पादन और निर्यात, दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं. पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन संगठन ने बयान जारी कर कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और संभावित प्रदूषण से आसपास के शहरों को कोई ख़तरा नहीं है. वहीं इसराइली सेना (आईडीएफ़) ने बीबीसी से कहा है कि वह "इस मामले पर सामान्य तौर पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकती." प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेताओं में से एक प्रशांत बोस उर्फ 'किशन दा' की 85 साल की उम्र में शुक्रवार को रांची के रिम्स अस्पताल में मौत हो गई. मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उनका शव लेने के लिए कोई नहीं आया. इस संबंध में बिरसा मुंडा जेल के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि उनकी पत्नी ने कल एक लिखित आवेदन दिया था. उन्होंने बताया, "उस पत्र में शीला मरांडी ने कहा कि मेरे अलावा मेरे पति का कोई और नहीं है, जो उनका शव क्लेम करे. ऐसे में मुझे अंतिम दर्शन कराने के बाद, सरकारी स्तर से उनका अंतिम संस्कार कर दिया जाए." कुमार चंद्रशेखर ने कहा, "शव फिलहाल रिम्स के शवगृह में है. हम 72 घंटे तक इंतज़ार करेंगे कि कोई शव को क्लेम करे. अगर कोई नहीं आता है तब उनका अंतिम संस्कार सरकारी प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा." 12 नवंबर 2021 को प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी को सरायकेला-खरसावां ज़िले के कांड्रा टोल ब्रिज से गिरफ़्तार कर रांची स्थित बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया था. जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि बीते पांच साल में उनसे मिलने जेल में कोई नहीं आया. माओवादी प्रशांत बोस के ऊपर पुणे में भीमा कोरेगांव हिंसा और साल 2013 में छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी में विद्याचरण शुक्ल, नंदकिशोर पटेल, दिनेश पटेल, महेंद्र करमा समेत 30 कांग्रेस नेताओं की हत्या की साज़िश में शामिल होने के आरोप थे. केरल के मलप्पुरम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के गनमैन से जुड़ी रोड रेज की एक घटना में एक शख़्स को गिरफ़्तार किया गया है. यह घटना बीती रात वंडूर पुलिस स्टेशन इलाक़े के चेल्लिथोड में हुई, जब थरूर के काफ़िले को सड़क के एक संकरे हिस्से में दो कारों ने रोक लिया. एक पुलिस अधिकारी ने अपनी पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "इससे गनमैन और कार में सवार एक व्यक्ति के बीच कहासुनी हुई. यह बहस इसलिए हुई क्योंकि सड़क का एक हिस्सा मरम्मत के काम के लिए बंद था." वहीं, मलप्पुरम की एसपी चैत्रा टेरेसा जॉन ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "अब तक की जाँच में इस घटना में किसी भी राजनीतिक मक़सद के जुड़े होने का पता नहीं चला है." सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है और उमर नाम के शख़्स को गिरफ़्तार किया गया है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर थरूर को लेकर कई पोस्ट सामने आए. उन्होंने भी एक पोस्ट में कहा कि कुछ लोगों का 'सब्र टूट रहा' था. अब तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - ईरान के सुप्रीम लीडर का नज़र न आना और मज़बूत होती आईआरजीसी का क्या है मतलब - ईरान ने किया दो अमेरिकी विमानों को मार गिराने का दावा, अब तक क्या पता चल पाया है - अमेरिका का लड़ाकू विमान गिरने पर क्रू सदस्य को कैसे बचाया जाता है? - ईरान जंग ने कैसे गुजरात में लाखों मज़दूरों के रोज़गार को संकट में डाल दिया है? - राघव चड्ढा: 'आप' के सबसे युवा प्रवक्ता से लेकर 'मोदी से डर' के आरोपों तक इमेज स्रोत, Issam Rimawi/Anadolu via Getty इसराइल की मैगन डेविड एडोम (एमडीए) इमरजेंसी सर्विसेस ने कहा है कि ईरानी मिसाइल हमलों को रोकने की कार्रवाई के बीच एक व्यक्ति घायल हुआ है. एमडीए के मुताबिक़, 45 साल के एक व्यक्ति को तेल अवीव के बाहरी इलाक़े बनेई ब्राक शहर में कांच के टुकड़ों से हल्की चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वहीं, सीरिया की सरकारी टीवी ने बताया है कि शनिवार तड़के राजधानी दमिश्क और उसके आसपास के इलाक़ों में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, धमाकों की वजहें फ़िलहाल साफ़ नहीं हैं. सरकारी टीवी का कहना है कि ये धमाके इसराइली एयर डिफेंस सिस्टम की ओर से ईरानी मिसाइलों को हवा में रोके जाने का नतीजा हो सकते हैं. इमेज स्रोत, Surjeet Yadav/MB Media/Getty क्रिकेट स्टार विराट कोहली ने पहली बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) में 'पाँच ओवरसीज़ प्लेयर्स के खेलने' से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया दी है. आरसीबी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में विराट कोहली, होस्ट दानिश सैत से बातचीत करते दिखते हैं. दानिश सैत जब विराट कोहली से कहते हैं, "सोशल मीडिया पर लोग आपके बारे में बहुत कुछ कह रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि आरसीबी पाँच विदेशी खिलाड़ी उतार रही है, मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे असल में क्या कह रहे हैं." इस सवाल पर विराट कोहली हँसते नज़र आते हैं और कहते हैं, "मुझे नहीं पता, आप मुझसे क्यों पूछ रहे हैं? विदेशी खिलाड़ियों से पूछिए, आप मुझसे क्यों पूछ रहे हैं?" इसके बाद दानिश कहते हैं, "मतलब हम नहीं जानते कि ये क्या है?" इस पर विराट कोहली कहते हैं, "मैं विदेशी खिलाड़ी नहीं हूँ. क्या मैं विदेशी खिलाड़ी हूँ?" आईपीएल के नियम के मुताबिक़, कोई भी टीम प्लेइंग इलेवन में महज़ चार विदेशी खिलाड़ियों को जगह दे सकती है. विराट कोहली आरसीबी का हिस्सा हैं और वह और उनका परिवार ज़्यादातर समय लंदन में बिताता है. इसी वजह से सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएँ हैं. इमेज स्रोत, Staff Sgt. Jordan Castelan/U.S. Air Force via Getty ईरान में लापता अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलटों की तलाश में अमेरिका तेज़ी से जुटा है. अमेरिकी एयर फ़ोर्स के एक पूर्व पैरा-रेस्क्यू जंपर्स कमांडर के मुताबिक़, इस काम के लिए विशेष कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू यूनिट्स ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टरों के ज़रिए इलाक़े की तलाश कर रही होंगी. बीबीसी के अमेरिकी साझेदार सीबीएस न्यूज़ से बातचीत में पूर्व कमांडर ने कहा कि अगर रेस्क्यू ऐसे इलाक़े में हो, जहां हेलिकॉप्टर पहुंच नहीं सकता, तो एसी-130 गनशिप से स्क्वाड्रन के जवान कूदकर ज़मीन पर उतरेंगे और पैदल ही रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखेंगे. ज़मीन पर पहुंचने के बाद, पैरा-रेस्क्यू जंपर्स का मक़सद लापता पायलटों से संपर्क करना, ज़रूरत पड़ने पर चिकित्सा मदद देना, दुश्मन से बचना या उसका सामना करना और फिर ऐसी जगह तक पहुंचना होता है, जहां से उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके. कमांडर का कहना है कि रेस्क्यू टीम के काम को 'डरावना और बेहद ख़तरनाक' कहना भी कम होगा. उन्होंने यह भी कहा कि इन पैरा-रेस्क्यू कर्मियों को 'एयर फ़ोर्स का स्विस आर्मी नाइफ़' कहा जाता है. नासा ने चाँद के चारों ओर अपनी यात्रा पर जा रहे आर्टेमिस-2 के क्रू की ओर से ली गईं पृथ्वी की पहली हाई-रेज़ोल्यूशन तस्वीरें साझा की हैं. नासा के मुताबिक़, मिशन के कमांडर रीड वाइज़मैन ने ये 'शानदार' तस्वीरें उस समय लीं, जब क्रू ने अंतिम इंजन बर्न पूरा किया. इस बर्न ने उन्हें चाँद की दिशा में आगे बढ़ाया. पहली तस्वीर को 'हैलो, वर्ल्ड' नाम दिया गया है. इसमें अटलांटिक महासागर दिखाई देता है, जिसके चारों ओर वायुमंडल की हल्की चमक है. इस दौरान पृथ्वी सूर्य को आंशिक रूप से ढकती हुई दिखती है और दोनों ध्रुवों पर हरी ऑरोरा रोशनी भी नज़र आती है. इस तस्वीर में पृथ्वी हमें उलटी दिखाई देती है, जिसमें बाईं ओर पश्चिमी सहारा और आइबेरियन प्रायद्वीप नज़र आते हैं, जबकि दाईं ओर दक्षिण अमेरिका का पूर्वी हिस्सा दिखता है. व्हाइट हाउस 2027 वित्तीय वर्ष के लिए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) से 1.5 ट्रिलियन डॉलर (क़रीब 139 लाख करोड़ रुपये) के रक्षा बजट को मंज़ूरी देने की मांग कर रहा है. यह पिछले साल की तुलना में अमेरिकी रक्षा बजट में 42 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी. अगर कांग्रेस इस बजट को मंज़ूरी दे देती है और इसे लागू किया जाता है, तो यह आधुनिक अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट होगा. हालांकि, रक्षा ख़र्च बढ़ाने का ट्रंप का यह क़दम ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष शुरू होने से पहले का है और यह ट्रंप प्रशासन के घरेलू उत्पादन और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस को दिखाता है. इसमें उनके प्रस्तावित 'गोल्डन डोम' मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम के लिए फंडिंग भी शामिल है, जिसका मक़सद अगली पीढ़ी के हवाई ख़तरों से अमेरिका की रक्षा करना है. ऑफ़िस ऑफ़ मैनेजमेंट एंड बजट की ओर से साझा किए गए बजट के खाके में कहा गया है कि इस मांग में दर्जनों सैन्य जहाज़ों के लिए फंड शामिल होगा, जिनमें भारी हथियारों से लैस अमेरिकी नौसेना के नए 'ट्रंप-क्लास' बैटलशिप की एक नई श्रृंखला भी शामिल है, जिसका एलान अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिसंबर में किया था. डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस रक्षा बजट की मांग विशेष रूप से ईरान के साथ युद्ध से जुड़े बजट की मांग से अलग है. पेंटागन ने ईरान में चल रहे 'ऑपरेशन एपिक फ़्यूरी' के समर्थन और हथियारों और आपूर्ति की भरपाई के लिए 200 अरब डॉलर (क़रीब 18.5 लाख करोड़ रुपये) का प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोल की क़ीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बड़ी कटौती की है. पाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर इसकी जानकारी दी है. हालांकि, सरकार ने डीज़ल की क़ीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. शुक्रवार और शनिवार की रात जारी हुई इस प्रेस रिलीज़ में कहा गया, "पाकिस्तान सरकार ने 4 अप्रैल, 2026 से पेट्रोल की क़ीमत में 80 रुपये प्रति लीटर की कमी करने का फ़ैसला किया है." प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की सरकार के इस फ़ैसले के बाद अब पाकिस्तान में पेट्रोल की क़ीमत 378.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक हो गई है, जबकि डीज़ल की क़ीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक है. एक दिन पहले ही यानी गुरुवार को पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई थी. गुरुवार रात पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक और वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था कि पेट्रोल की क़ीमत 137.23 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की क़ीमत 184.49 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई जाएगी. इसके बाद से पाकिस्तान में पेट्रोल की क़ीमत प्रति लीटर 458.41 रुपये और डीज़ल की क़ीमत प्रति लीटर 520.35 रुपये तक पहुंच गई थी.
स्रोत: BBC Hindi