होर्मुज़ स्ट्रेट की नाकाबंदी और ईरान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिका ने ये कहा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा है कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी पूरी तरह लागू कर दी गई है और मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना समुद्री बढ़त बनाए हुए है. इससे पहले 12 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान कर दिया था कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट में आने-जाने की कोशिश करने वाले हर जहाज़ की नाकाबंदी शुरू करेगी. अब सेंटकॉम प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान की अर्थव्यवस्था का करीब 90 फ़ीसदी हिस्सा समुद्री अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर निर्भर है." "नाकेबंदी लागू होने के 36 घंटे के भीतर ही अमेरिकी बलों ने ईरान के अंदर और बाहर जाने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह रोक दिया है." यह क़दम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है, जिसका मक़सद ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाना और उसे बातचीत के लिए मजबूर करना माना जा रहा है. इमेज स्रोत, AFP via Getty Images संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी और प्रवासन एजेंसियों के मुताबिक़, अंडमान सागर में नाव पलटने की घटना के बाद क़रीब 250 रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोग लापता हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. यह ट्रॉलर (मछलियाँ पकड़ने वाली नाव) बांग्लादेश से मलेशिया जा रहा था. एजेंसियों का कहना है कि तेज हवा, ख़राब समुद्री हालात और नाव में ज़्यादा भीड़ होने की वजह से यह डूब गया. बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि 9 अप्रैल को उसके एक जहाज़ ने इस नाव से नौ लोगों को बचाया था. हालांकि, नाव कब पलटी, यह अभी साफ़ नहीं है. रोहिंग्या, जो म्यांमार का एक अल्पसंख्यक समुदाय हैं, 2017 में हुए हिंसक अभियान के बाद बड़ी संख्या में बांग्लादेश भागकर आए थे. म्यांमार, जहां बहुसंख्यक आबादी बौद्ध है, वहां रोहिंग्या मुसलमानों को नागरिकता नहीं दी जाती. बांग्लादेश में ख़राब हालात के कारण कई रोहिंग्या जोखिम भरी समुद्री यात्राएं कर मलेशिया पहुंचने की कोशिश करते हैं, जिसे वे एक सुरक्षित जगह के तौर पर देखते हैं. बचे हुए लोगों में से एक, रफ़ीकुल इस्लाम ने बताया कि उन्हें बचाए जाने से पहले क़रीब 36 घंटे तक समुद्र में तैरते रहना पड़ा. उन्होंने कहा कि नाव से तेल गिरने की वजह से वे झुलस भी गए थे. 40 साल के रफ़ीकुल इस्लाम ने बताया कि मलेशिया में नौकरी मिलने के वादे ने ही उन्हें इस यात्रा पर जाने के लिए राज़ी किया था. भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ़ ने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की रणनीति पर सवाल उठाए हैं. मोहम्मद कैफ़ का यह बयान तब आया है जब मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स ने 32 रनों से केकेआर को करारी शिकस्त दी. कोलकाता नाइट राइडर्स का यह सीज़न अब तक ख़राब गया है. इस पर मोहम्मद कैफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "शायद इस सीज़न केकेआर की सबसे बड़ी ग़लती यह रही कि उन्होंने आंद्रे रसेल को पावर कोच बना दिया और उन्हें ऑलराउंडर के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया." कैफ़ ने कहा, "उन्हें केकेआर के डगआउट में बैठाकर रखना और बाकी फ्रेंचाइज़ी को उन्हें नीलामी में खरीदने से रोकने की रणनीति काम नहीं आई." उन्होंने कहा, "क्या वह अब भी 25 करोड़ रुपये में खरीदे गए कैमरन ग्रीन से बेहतर ऑलराउंडर नहीं हैं? इसका जवाब साफ़ है." आंद्रे रसेल आईपीएल के इस सीज़न में कोलकाता नाइट राइडर्स के "पावर कोच" के रूप में काम कर रहे हैं. वहीं केकेआर इस सीज़न के शुरुआती पांच मुकाबलों में एक भी मैच नहीं जीत पाई है. हालांकि बारिश के कारण इनमें से एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला. बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, ईरानी मीडिया का कहना है कि तेहरान में एक विस्फोट की आवाज़ सुनी गई है. ईरान की राजधानी तेहरान के ज़िला 10 में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद बलिदेह ने एक वीडियो संदेश में कहा कि 'देशद्रोही और देशद्रोही तत्वों' ने 'मामूली विस्फोट' किया है. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि विस्फोट के पीछे कौन था. उनका कहना है कि शहर में स्थिति 'नियंत्रण में' है. इस वीडियो संदेश के बाद, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने एक अलग रिपोर्ट में कहा कि विस्फोट 'लिक्विफ़ाइड गैस से बने दो विस्फोटकों' के कारण हुआ था. रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट में तीन लोग मामूली रूप से घायल हो गए, जबकि तीन घरों की खिड़कियां टूट गईं और दो वाहनों को मामूली नुक़सान पहुंचा. लेबनान और इसराइल के बीच तीन दशक से ज़्यादा समय बाद पहली बार सीधी कूटनीतिक बातचीत हुई है. यह पहल बेहद अहम मानी जा रही है, जिसका मक़सद इसराइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष को ख़त्म करना है. इस बातचीत में मध्यस्थता करने वाले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे 'ऐतिहासिक मौक़ा' बताया. उनका कहना है कि इससे हिज़्बुल्लाह के प्रभाव को ख़त्म करने की दिशा में क़दम बढ़ सकता है. अमेरिका की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष सीधे बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं, हालांकि इसके समय और जगह का अभी फै़सला नहीं हुआ है. इसराइल ने कहा है कि वह सभी गै़र-सरकारी सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करना चाहता है, जिसका इशारा हिज़्बुल्लाह की ओर है. वहीं, लेबनान ने युद्धविराम और देश में गहराते मानवीय संकट से निपटने के लिए ठोस क़दम उठाने की मांग की है. दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं और आख़िरी बार इस स्तर की सीधी बातचीत 1993 में हुई थी. 2 मार्च से लेबनान में इसराइल सैन्य अभियान शुरू होने के बाद अब तक 2,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यह अभियान उस समय शुरू हुआ था, जब कुछ ही दिन पहले ईरान में अमेरिका और इसराइल के हमले हुए थे. मंगलवार को जब वॉशिंगटन में दोनों पक्ष बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान हिज़्बुल्लाह ने इसराइल और लेबनान में तैनात इसराइली सैनिकों पर कम से कम 24 हमलों का दावा किया. इसराइल का कहना है कि उसका अभियान हिज़्बुल्लाह को कमज़ोर और ख़त्म करने के लिए है. इससे पहले 2023 और 2024 में भी ग़ज़ा युद्ध के दौरान दोनों के बीच संघर्ष हो चुका है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. - सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी नेता ने बताया कब लेंगे पद की शपथ - नीतीश कुमार का सीएम पद से इस्तीफ़ा, 21 साल के शासनकाल में कितना बदला बिहार? 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स्रोत: BBC Hindi