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अमेरिका से सीधी बातचीत के लिए ईरान नहीं तैयार, जानें क्या वजह बताई

✍️ Admin 📅 19 April, 2026 ⏰ 09:00 AM 👁 60 views

इमेज स्रोत, ATTA KENARE/AFP via Getty Images ईरान के उप विदेश मंत्री सईद ख़ातिबज़ादेह ने कहा है कि ईरान अब तक अमेरिका के साथ नई सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है. ख़ातिबज़ादेह ने बताया कि अमेरिका अपनी सख़्त शर्तों को छोड़ने को तैयार नहीं है. ख़ातिबज़ादेह ने न्यूज़ एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को नहीं देगा. ख़ातिबज़ादेह ने समझाया कि दोनों पक्षों के बीच संपर्क हुआ है, लेकिन ईरान चाहता है कि आमने-सामने की बातचीत से पहले एक "फ़्रेमवर्क समझौता" तय हो. उन्होंने कहा, "अमेरिका को हमारी अहम चिंताओं को समझना और हल करना होगा, जिसमें ईरान पर लगे प्रतिबंध भी शामिल हैं." इससे पहले शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत चल रही है. जबकि ख़ातिबज़ादेह का दावा ट्रंप से उलट है. होर्मुज़ स्ट्रेट में दो भारतीय झंडे वाले जहाज़ों पर हुई गोलीबारी की घटना पर भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया आई है. भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "ईरान और भारत का रिश्ता बहुत मज़बूत है और मुझे इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है. हम उम्मीद करते हैं कि सब ठीक होगा और यह मामला सुलझ जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "हम यह युद्ध नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि दूसरा पक्ष भी शांति का पालन करे ताकि हमारे क्षेत्र में शांति बनी रहे." दरअसल, इससे पहले बीबीसी वेरीफ़ाई ने जानकारी दी थी कि जब स्ट्रेट को दोबारा खोला जा रहा था तो उसी दौरान भारतीय झंडे वाले दो जहाज़, कार्गो शिप जग अर्नव और तेल टैंकर सनमार हेराल्ड को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने अपने तय मार्ग से हटने के आदेश दिए. टैंकरों की आवाजाही पर नज़र रखने वाली वेबसाइट "टैंकरट्रैकर्स" ने कहा है कि इस दौरान "गोलीबारी" भी हुई. इस घटना के बाद भारत ने ईरान के राजदूत को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज की. संबंधित कहानी: होर्मुज़ स्ट्रेट में भारत के झंडे वाले दो जहाज़ों पर हुई गोलीबारी, भारत ने ईरान से ये कहा इमेज स्रोत, Morteza Nikoubazl/NurPhoto via Getty Images ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका की ओर से बंदरगाहों पर की गई नाकाबंदी को 'ग़लत' और 'नासमझी' भरा फ़ैसला बताया है. ईरानी सरकारी टीवी से बात करते हुए ग़ालिबाफ़ ने कहा, "मैं पहले ही कह चुका हूं कि अगर यह रोक नहीं हटाई गई तो होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रना ज़रूर सीमित कर दिया जाएगा." अपने वीडियो संदेश में ग़ालिबाफ़ ने कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट ईरान के नियंत्रण में है. उन्होंने आगे बताया कि जब अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट से माइन्स हटाने की कोशिश की, तो ईरान ने कड़े तरीक़े से विरोध किया. ग़ालिबाफ़ ने कहा, "हमने इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना और साफ़ कहा कि अगर ऐसा किया गया तो हम हमला करेंगे." ग़ौरतलब है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही ग़ालिबाफ़ ईरान की ओर से एक अहम चेहरा बनकर उभरे हैं. हाल ही में उन्होंने इस्लामाबाद में अमेरिका से हुई बातचीत के दौरान ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पन्ने पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ें- - होर्मुज़ स्ट्रेट में भारत के झंडे वाले दो जहाज़ों पर हुई गोलीबारी, भारत ने ईरान से ये कहा - कभी शांति की बात तो कभी धमकी, पिछले कुछ घंटों में ट्रंप और ईरान के बयानों से बढ़ा भ्रम - पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से मांगी 'माफ़ी' और कहा-विपक्ष को मिलेगी 'सज़ा' - रूसी तेल पर अमेरिका का नया यू टर्न भारत के लिए कैसे है बड़ी राहत की ख़बर

स्रोत: BBC Hindi

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