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Death

डोनाल्ड ट्रंप ने 'जानलेवा हमले की कोशिश' से जुड़े सवाल पर दिया ये जवाब

✍️ Admin 📅 26 April, 2026 ⏰ 09:00 AM 👁 50 views

इमेज स्रोत, Mandel NGAN / AFP via Getty Image व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ आयोजित डिनर कार्यक्रम में फ़ायरिंग के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि डिनर कार्यक्रम से पहले उनकी टीम को किसी भी सुरक्षा ख़तरे की जानकारी नहीं थी. पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या पहले से कोई संकेत मिले थे, तो उन्होंने कहा, "कोई सूचना नहीं थी." उन्होंने कहा कि उन्हें हमले के पीछे की मंशा नहीं पता, लेकिन उन्होंने संदिग्ध के बारे में कहा कि वह "काफ़ी ख़तरनाक दिखता है." राष्ट्रपति ने कहा कि संदिग्ध "क़रीब 50 गज़ की दूरी" से दौड़ता हुआ आया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपने हथियार निकाल लिए. अधिकारियों ने कैलिफ़ोर्निया में संदिग्ध के अपार्टमेंट पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है. जब एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि 'उनकी जान लेने की कोशिशों' के पीछे वजह क्या हो सकती है. तो ट्रंप ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक हत्याओं के बारे में पढ़ा है और उनका मानना है कि लोग उन व्यक्तियों को निशाना बनाते हैं जिन्होंने "सबसे बड़ा असर" डाला हो. उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का ज़िक्र किया, जिनकी हत्या कर दी गई थी. हाल के वर्षों में ट्रंप पर दो बार जानलेवा हमले की कोशिश हो चुकी है. पुलिस ने अब तक आज रात (शनिवार) के हमलावर की मंशा नहीं बताई है. जब ट्रंप से पूछा गया कि आज की घटना जुलाई 2024 में पेनसिल्वेनिया के बटलर में हुई रैली से किस तरह अलग थी, जहां एक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी. ट्रंप ने कहा कि वह ऐसी घटनाओं को लेकर चिंतित नहीं रह सकते, लेकिन बटलर के मुक़ाबले आज रात सुरक्षा व्यवस्था कहीं बेहतर थी. उन्होंने कहा कि बटलर में भी उनकी टीम के पास एक स्नाइपर था, जिसने हमलावर को जल्दी ढेर कर दिया था. ट्रंप ने कहा कि आज रात हमलावर बॉलरूम के क़रीब नहीं पहुंच सका, क्योंकि उसे पूरी तरह सील कर दिया गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ डिनर में शामिल हुए थे. इसी दौरान फ़ायरिंग की आवाज़ें आईं, जिसके बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट ट्रंप और फ़र्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए. यह डिनर वॉशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित किया गया था. इमेज स्रोत, Burhaan Kinu/Hindustan Times via Getty Images जाने-माने फ़ोटोग्राफ़र रघु राय का शनिवार को निधन हो गया. वह 83 साल के थे. रघु राय के निधन की जानकारी उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर दी गई है. इस पोस्ट में यह भी बताया गया है कि रघु राय का अंतिम संस्कार रविवार, 26 अप्रैल को शाम चार बजे लोधी रोड पर होगा. रघु राय का जन्म 1942 में पंजाब के झंग (अब पाकिस्तान में) में हुआ था. 1965 में उन्होंने 'द स्टेट्समैन' अख़बार में फ़ोटो पत्रकार और 1982 में इंडिया टुडे के लिए दस साल तक बतौर फ़ोटो संपादक काम किया. उनकी फ़ोटोग्राफ़ी पर कई सारी किताबें आ चुकी हैं, जिनमें 'रघु रायज़ डेल्ही', 'द सिख्स', 'कलकत्ता', 'ताजमहल', 'खजुराहो', 'मदर टेरेसा' आदि हैं. रघु राय को अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं. साल 1971 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से नवाज़ा था. वह प्रतिष्ठित मैग्नम फ़ोटो कंपनी के लिए चुने गए पहले भारतीय फ़ोटोग्राफ़र हैं. संबंधित कहानी: रघु राय के फ़ोटोग्राफ़र बनने का क़िस्सा व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ डिनर के दौरान संदिग्ध फ़ायरिंग की आवाज़ों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारी हथियारों से लैस सुरक्षा कर्मियों के बीच जल्दबाज़ी में कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाया गया है. यह कार्यक्रम वॉशिंगटन हिल्टन होटल में आयोजित था. इसके बाद ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने बताया कि हमलावर को "गिरफ़्तार कर लिया गया है." ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा, "सीक्रेट सर्विस और लॉ एनफ़ोर्समेंट एजेंसियों ने शानदार काम किया. उन्होंने तेज़ी और बहादुरी से कार्रवाई की." उन्होंने कहा, "हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है और मैंने सुझाव दिया है कि कार्यक्रम जारी रहने दें, लेकिन मैं पूरी तरह लॉ एनफ़ोर्समेंट एजेंसियों के निर्देश पर चलूंगा." अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी आज (शनिवार) की शाम अब योजना के मुताबिक़ नहीं रहेगी. इमेज स्रोत, Nathan Howard/Getty Images वॉशिंगटन हिल्टन होटल में व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ आयोजित डिनर के दौरान संदिग्ध गोली चलने जैसी आवाज़ों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जल्दबाज़ी में बाहर निकाला गया. ट्रंप वॉशिंगटन हिल्टन में बातचीत करते दिखाई दे रहे थे, तभी हलचल होने पर उनकी बातचीत रुक गई. तेज़ धमाकों जैसी आवाज़ें सुनी गईं. इसके बाद सीक्रेट सर्विस के कई सदस्य "नीचे रहें, नीचे रहें" कहते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए. ट्रंप के शीर्ष सलाहकार स्टीफ़न मिलर को भी भीड़ से निकालकर बाहर ले जाते देखा गया. ज़्यादातर दूसरे लोग शुरुआत में हलचल के दौरान नीचे झुक गए, लेकिन राष्ट्रपति को बाहर ले जाने के बाद भी वे अंदर ही रहे. बीबीसी के अमेरिकी न्यूज़ पार्टनर सीबीएस ने बताया कि सीक्रेट सर्विस ने राष्ट्रपति ट्रंप और फ़र्स्ट लेडी मेलानिया को मंच से हटा दिया है. उनके बाहर जाने के बाद काउंटर असॉल्ट टीम (सीएटी) के हथियारबंद एजेंट मंच पर खड़े दिखाई दिए. इस दौरान वे अपनी लंबी बंदूकें कमरे के पिछले हिस्से की तरफ़ ताने हुए थे. सीबीएस ने बताया कि कुछ देर बाद सुरक्षा कर्मियों ने एक अन्य मेहमान को तेज़ी से कमरे के सामने की तरफ़ पहुंचाया. इस दौरान वे मेज़ों और खाली कुर्सियों को पार करते हुए आगे बढ़े, जबकि मेहमान फ़र्श पर नीचे थे. सीएटी टीम ने बैरिकेड गिराया और सुरक्षा घेरे में मौजूद व्यक्ति को तुरंत बाहर ले गई. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक वक्ता ने आकर बताया कि वे जल्द ही एक घोषणा करेंगे और संकेत दिया कि उसके बाद डिनर जारी रहेगा. इमेज स्रोत, Roberto Schmidt/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके दूतों का इस्लामाबाद दौरा रद्द करने का फ़ैसला "बहुत ज़्यादा यात्रा" की वजह से लिया गया. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास "सारे पत्ते" हैं. उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में कुछ भी नहीं बदला है और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इतनी दूर "बिना किसी योजना" के नहीं जाने वाला था. ट्रंप ने कहा, "बहुत ज़्यादा यात्रा करनी पड़ती, जिसमें बहुत समय लगता और यह बहुत महंगा होता. मैं ख़र्च को लेकर बहुत सचेत हूं." अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान में "जो भी हालात संभाल रहा है" उससे बात करने को तैयार है. उन्होंने कहा, "वे जब चाहें हमें फ़ोन कर सकते हैं." उन्होंने कहा, "जिससे भी बात करनी पड़े, मैं उससे बात करूंगा. लेकिन दो दिन इंतज़ार करने, लोगों को 16, 17 घंटे यात्रा कराने का कोई कारण नहीं है और हम यह तरीक़ा नहीं अपनाएंगे." बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें 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स्रोत: BBC Hindi

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