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'हेट स्पीच' पर कोई आदेश देने से सुप्रीम कोर्ट ने मना किया, कहा- पहले से मौजूद है कानूनी व्यवस्था, संसद चाहे तो और कानून बनाए

✍️ Admin 📅 29 April, 2026 ⏰ 12:42 PM 👁 40 views

सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच की परिभाषा तय करने और ऐसे मामलों में कार्रवाई की मांग पर कोई आदेश देने से मना कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि अपराध की परिभाषा और उसकी सजा तय करना उसका काम नहीं है. नफरत फैलाने वाले बयानों को लेकर कानून में पहले से व्यवस्था है. संसद अगर चाहे तो उसके अलावा भी कानून बना सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने जिन याचिकाओं पर यह फैसला दिया है, उन्हें धर्म संसद जैसे आयोजनों के अलावा टीवी पर दिखाए गए कई भड़काऊ कार्यक्रमों को लेकर दाखिल किया गया था. याचिकाकर्ताओं ने 'कोविड जिहाद' और 'यूपीएससी जिहाद' जैसे टीवी कार्यक्रमों के अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने वाले कुछ एआई वीडियो का भी मसला कोर्ट में रखा था, लेकिन जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इन मामलों पर अलग से कोई आदेश देने से मना कर दिया.

ध्यान रहे कि साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के मामलों में पुलिस को बिना शिकायत का इंतजार किए खुद FIR दर्ज करनी चाहिए. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि पुलिस अभी भी ऐसे मामलों में ढीला रवैया दिखा रही है.

स्रोत: ABP Hindi

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