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गोवा चुनाव 2027 से पहले बड़ा दांव: मांडवी-ज़ुआरी किनारे 6.72 करोड़ वर्गमीटर क्षेत्र ‘संवेदनशील’, अब रुकेगा नदी किनारे अनियंत्रित विकास?

✍️ Admin 📅 01 May, 2026 ⏰ 08:09 PM 👁 53 views

गोवा के वन विभाग ने मांडवी और ज़ुआरी नदियों के किनारे फैले विशाल इलाके करीब 6.72 करोड़ वर्गमीटर, को पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. गोवा में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत का केंद्र तेजी से बदल रहा है. इस बार मुद्दा सिर्फ विकास नहीं, बल्कि जमीन के अधिकार और पर्यावरण के बीच टकराव है. इसे नदी तंत्र और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए एक मजबूत पहल के तौर पर देखा जा रहा है.

राज्य के वन विभाग का यह कदम ऐसे समय आया है जब गोवा में जमीन अधिकारों और पर्यावरण पहले ही सबसे संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों में गिने जाते हैं. स्थानीय समुदाय, खासकर तटीय और नदी किनारे बसे लोग, लंबे समय से जमीन के उपयोग और सरकारी नियंत्रण को लेकर सवाल उठाते रहे हैं.

वन मंत्री विश्वजीत राणे ने शुरू की कार्रवाई

यह कार्रवाई वन मंत्री विश्वजीत राणे के निर्देश पर शुरू की गई है. अधिकारियों ने इसे एक सोची-समझी प्रक्रिया करार दिया है. उप वन संरक्षक (वन) कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया, ‘विभाग ने राज्य की दो प्रमुख नदियों के किनारे पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील और पारिस्थितिक रूप से कमजोर क्षेत्रों की पहचान और सीमांकन का काम किया है. दोनों नदी तटों के साथ चिह्नित कुल क्षेत्रफल 6,729.54 हेक्टेयर (लगभग 6.72 करोड़ वर्गमीटर) है, जिसमें पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं.’

स्रोत: ABP Hindi

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