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पश्चिम बंगाल: मंत्री बनीं अग्निमित्रा पॉल के बारे में जानिए

✍️ Admin 📅 09 May, 2026 ⏰ 12:29 PM 👁 45 views

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उनके साथ जिन पांच अन्य लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें अग्निमित्रा पॉल का भी नाम शामिल है. उनके अलावा दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशिथ प्रमाणिक ने शपथ ली. द टेलीग्राफ़ के मुताबिक़, अग्निमित्रा जानी-मानी फ़ैशन डिज़ाइनर रही हैं और 2019 में लोकसभा चुनावों से ठीक पहले वो राजनीति में शामिल हुईं. आसनसोल दक्षिण से बीजेपी विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता अग्निमित्रा पॉल पार्टी की बंगाल इकाई में उभरती हुई नेता के तौर पर देखी जाती रही हैं. शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता अमित शाह की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया. इसके बाद शुक्रवार शाम उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. ये राज्य में पहली बीजेपी सरकार है. चार मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने 293 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images बीजेपी की प्रमुख महिला नेताओं में अग्निमित्रा पॉल का नाम आता है और माना जा रहा था कि उन्हें सरकार में कोई अहम पद दिया जाएगा. मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ. राष्ट्रीय मीडिया में अग्निमित्रा पॉल ने अपनी मौजूदगी से पहचान बनाई है और उन्हें अक्सर राज्य में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की बीजेपी की कोशिश के तौर पर पेश किया जाता है. कोलकाता में वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक सुकांतो सरकार ने कहा था कि उन्हें सरकार में अहम पद दिया जा सकता है. अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल दक्षिणी सीट से टीएमसी के तापस बनर्जी को 40,000 से अधिक वोटों से हराया. इस जीत ने उनको भाजपा की प्रमुख महिला नेता के तौर पर स्थापित कर दिया था. राजनीति में आने से पहले वो एक कामयाब फैशन डिजाइनर रही थी. बर्दवान विश्वविद्यालय के तहत बनवारी लाल भालोटिया कॉलेज से वनस्पति विज्ञान की पढ़ाई के बाद उन्होंने बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ़ लिबरल आर्ट्स एंड मैनेजमेंट साइंस से फै़शन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा किया था. उन्होंने मैनेजमेंट में भी डिग्री हासिल की है. उन्होंने साल 2024 में मेदिनीपुर सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ा था. तब उन्हें तृणमूल कांग्रेस की नेता जून मालिया ने हरा दिया था. उस वक़्त दाखिल किए गए हलफ़नामे में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति क़रीब दो करोड़ 64 लाख रुपए घोषित की थी. बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी के अनुसार, चुनावी हलफ़नामे के मुताबिक़, अग्निमित्रा पॉल के खिलाफ 23 फौजदारी मामले हैं. इनमें गैरकानूनी तरीक़े से रैली करने के अलावा विरोध प्रदर्शन, सरकारी आदेश और क़ानून-व्यवस्था के उल्लंघन, शांति भंग और विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी, नफ़रत या दुर्भावना को बढ़ावा देने वाले बयान जैसे आरोप हैं. अग्निमित्रा का जन्म आसनसोल में हुआ था. उनके पिता डॉ अशोक राय शिशु रोग विशेषज्ञ हैं. उनके पति पार्थ पॉल एक व्यापारी हैं. अग्निमित्रा के दो बेटे हैं. इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images पश्चिम बंगाल में बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने भी शनिवार को मंत्री पद की शपथ ली है. मुख्यमंत्री पद के लिए दिलीप घोष के नाम की भी चर्चा थी और उनकी भी दावेदारी अहम मानी जा रही थी. वह बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल में पार्टी का आधार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है. उनके कार्यकाल में बीजेपी ने संगठनात्मक ढांचे को काफ़ी मज़बूत किया और ख़ासतौर पर 2019 लोकसभा चुनाव में मज़बूत विपक्षी ताक़त के तौर पर उभरी. अपने आक्रामक राजनीतिक अंदाज़ और ज़मीनी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले दिलीप घोष अब प्रदेश अध्यक्ष न होने के बावजूद पार्टी में प्रभावशाली वरिष्ठ नेता के तौर पर जाने जाते हैं. बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी के अनुसार, "दिलीप घोष का बैकग्राउंड आरएसएस का है. ओडिशा से सटे खड़गपुर जैसे इलाक़ों में उन्होंने ओबीसी और अनुसूचित जाति में काफ़ी लंबे समय तक काम किया है और इसकी वजह से वो जीतते रहे हैं." पश्चिम बंगाल में अगर आरएसएस और बीजेपी से जुड़ा कोई चर्चित चेहरा है तो वो दिलीप घोष हैं. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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