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पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने पर विपक्ष का तंज़, दिलीप घोष ने कहा- न्यूनतम बढ़ाया

✍️ Admin 📅 15 May, 2026 ⏰ 09:00 AM 👁 46 views

शुक्रवार को पेट्रोल और डीज़ल के साथ सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी के एलान के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल किए हैं. विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तथ्य छिपाने और आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार समर्थक नेताओं ने वैश्विक संकट और युद्ध की स्थिति को इसकी वजह बताया है. पूर्व पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने एनडीटीवी से एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “उन्होंने साफ़ तस्वीर सामने नहीं रखी और तथ्यों को छुपाया.” उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए. सपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज़ करते हुए एक्स पर लिखा, "आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है." वहीं पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "पिछले तीन सालों से दुनिया में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसकी वजह से कई देशों में संकट पैदा हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने हमें नुकसान नहीं होने दिया. सिर्फ़ गैस की क़ीमत बढ़ी." उन्होंने कहा, "काफ़ी समय से कहा जा रहा था तेल के दाम बढ़ेंगे. अभी कम से कम बढ़ाया है क्योंकि तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा था. जितना न्यूनतम बढ़ाना चाहिए, सरकार ने उतना बढ़ाया है.” इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक्स पर लिखा, "फ़्यूल फ़्राईडेः चुनाव ख़त्म, नए मुख्यमंत्री चुन लिए गए, अब ईंधन क़ीमतों में “अनिवार्य बढ़ोतरी” सामने है." "पेट्रोल की क़ीमतें 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, जबकि डीज़ल के दाम 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया. आप शायद कहेंगे कि मौजूदा हालात में यह बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है. खै़र, ख़र्च में कटौती कीजिए, भले ही इसके लिए आपको साइकिल से ही क्यों न जाना पड़े." कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले भी चेतावनी दी थी कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनावों के समाप्त होने के बाद पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ जाएंगे.

स्रोत: BBC Hindi

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