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थाईलैंड में 30 दिनों से अधिक रहने के लिए इन देशों के नागरिकों को लेना होगा वीज़ा

✍️ Admin 📅 20 May, 2026 ⏰ 09:01 AM 👁 55 views

भारत समेत कई देशों के लोगों को अब थाईलैंड में 30 दिनों से अधिक ठहरने के लिए वीज़ा लेना होगा. जुलाई 2024 से 93 देशों के पर्यटकों को बिना वीज़ा 60 दिनों तक थाईलैंड में रहने की अनुमति दी गई थी. यह कदम कोविड महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया था. लेकिन मंगलवार को थाई सरकार ने इस छूट को खत्म करने की योजना को मंजूरी दे दी. अब यात्रियों के ठहरने की अवधि हर देश के लिए अलग-अलग तय की जाएगी. सरकार ने सुरक्षा चिंताओं और जटिल वीज़ा व्यवस्था को इस बदलाव की वजह बताया है. हाल के समय में दक्षिण-पूर्व एशियाई देश थाईलैंड में विदेशियों की कई चर्चित गिरफ्तारियां हुई हैं. इनमें ड्रग्स और सेक्स तस्करी से जुड़े मामले भी शामिल हैं. थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल ने कहा कि सरकार को लगा कि मौजूदा आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिस्थितियों के हिसाब से इस नीति में बदलाव जरूरी है. 60 दिन की वीज़ा छूट का लाभ पाने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, स्पेन और अमेरिका शामिल थे. थाई विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इनमें से कई देशों के नागरिकों को अब 30 दिनों से अधिक रुकने के लिए वीज़ा लेना होगा. इमेज स्रोत, INSTAGRAM/SANA YUSUF इस्लामाबाद की एक अदालत ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सना यूसुफ़ की हत्या के मामले में अभियुक्त उमर हयात को मौत की सज़ा सुनाई है. मंगलवार को इस्लामाबाद के एक ज़िला और सत्र न्यायालय ने हत्या के मामले में अपना फ़ैसला सुनाते हुए उमर हयात को सना के परिवार को मुआवजे के तौर पर 20 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया. इसके अलावा उमर हयात को सना यूसुफ़ के घर में डकैती के अपराध सहित कई धाराओं के तहत कुल 21 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. पिछले साल इस घटना के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इस्लामाबाद के आईजी सैयद अली नासिर रिजवी ने कहा था उमर हयात कथित तौर पर सना यूसुफ़ के घर में घुस गया था और उसने उसे दो बार गोली मारी थी. उन्होंने बताया था, "अभियुक्त ने सना यूसुफ़ की हत्या इसलिए की क्योंकि वह बार-बार उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहा था और सना उसे मना कर रही थी. वह कई दिनों से सोशल मीडिया के जरिए सना यूसुफ़ से संपर्क करने का प्रयास कर रहा था. इसके बाद वो सना यूसुफ़ के घर गया और सात से आठ घंटे तक इंतजार किया. जब सना ने उस दिन भी उससे मिलने से इनकार कर दिया, तो उसने इस घटना की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.'' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया यात्रा के बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन पहुंचे हैं. चीन की राजधानी बीजिंग में वो राष्ट्रपति शी जिनपिंग से शिखर वार्ता करेंगे. इस साल पुतिन की ये पहली विदेश यात्रा है. इससे यह भी पता चलता है कि मौजूदा माहौल में चीन कितना अहम बन गया है. पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद चीन, रूस के तेल का सबसे बड़ा ख़रीदार और उसका प्रमुख सहयोगी बना हुआ है. व्लादिमीर पुतिन इस संबंध को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे. बैठक में उस नई गैस पाइपलाइन पर खास फोकस होगा, जो हर साल 50 अरब क्यूबिक मीटर तक नेचुरल गैस चीन तक पहुंचा सकती है. हाल के महीनों में कई वैश्विक नेता व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के मक़सद से चीन का दौरा कर चुके हैं. व्लादिमीर पुतिन भी इस कड़ी में शामिल हो गए हैं. इसराइल के हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ मरने वालों में 10 लोग एक ही हमले में मारे गए. इस हमले में देइर कनौन कस्बे में एक घर को निशाना बनाया गया. मृतकों में तीन बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं. लेबनान 2 मार्च को इस युद्ध में शामिल हुआ था, जब ईरान समर्थित शिया इस्लामी संगठन हिज़्बुल्लाह ने इसराइल पर रॉकेट दागे थे. यह हमला अमेरिका और इसराइल की उस संयुक्त कार्रवाई के जवाब में किया गया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी. ये ताज़ा मौतें उस घोषणा के एक सप्ताह से भी कम समय बाद हुई हैं, जिसमें अमेरिका ने कहा था कि लेबनान और इसराइल 45 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं. दोनों पक्षों के बीच जून की शुरुआत में फिर से बातचीत शुरू होने वाली है. युद्धविराम बढ़ाए जाने के बावजूद, इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच लगातार गोलीबारी जारी है, ख़ासकर दक्षिणी लेबनान में. इसराइल का कहना है कि वह हिज़्बुल्लाह को निशाना बना रहा है. लेकिन हमलों में आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को इटली की राजधानी रोम पहुंचे. प्रधानमंत्री इटली के राष्ट्रपति सर्जो मत्तेरेला से मुलाक़ात करेंगे. प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और कई अन्य राजनयिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इसके बाद वह बुधवार को भारत के लिए रवाना होंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी इस यात्रा का ब्योरा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, ‘’मैं इटली की राजधानी रोम पहुंच चुका हूं. यहां मैं राष्ट्रपति सर्गियो मातेरेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात करूंगा और उनके साथ कई मुद्दों पर चर्चा करूंगा." ‘’इस यात्रा का मुख्य फोकस भारत और इटली के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर रहेगा. ख़ास तौर पर भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी आईएमईसी पर. साथ ही संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029 की भी समीक्षा की जाएगी." मोदी ने लिखा, "मैं संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (एफएओ) मुख्यालय का भी दौरा करूंगा. यह बहुपक्षवाद और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा." दूसरी ओर, इटली की पीएम प्रधानमंत्री जॉर्ज़िया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए लिखा है, ‘’वेलकम टु रोम, माई फ़्रेंड!’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली गए बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता दीपक मंडल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं. नॉर्वे की पत्रकार ने बताया उन्होंने पीएम मोदी से सवाल पूछने की क्यों की थी कोशिश फ़ातिमा बायो: बाल विवाह से बचकर निकलने से लेकर सिएरा लियोन की 'फ़र्स्ट लेडी' बनने तक भारतीय शेयर बाज़ार से विदेशी निवेशक क्यों भाग रहे हैं, जानिए क्यों बढ़ा है अविश्वास फाल्टा सीट पर होने वाले चुनाव से पीछे हटे तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर ख़ान, शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

स्रोत: BBC Hindi

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