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Death

कुवैत एयरपोर्ट हमले में उज्जैन के शख़्स की मौत, शादी में शामिल होने भारत आ रहे थे

✍️ Admin 📅 05 June, 2026 ⏰ 11:20 AM 👁 101 views

मध्य प्रदेश में उज्जैन के रहने वाले 55 वर्षीय मंज़ूर अहमद की कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक कथित ईरानी हमले में मौत हो गई है. उनका शव गुरुवार रात अहमदाबाद पहुँच गया है और वहाँ से उज्जैन लाया जा रहा है. मंज़ूर अहमद परिवार में होने वाली एक शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे. परिजनों के मुताबिक़, मंज़ूर पिछले लगभग 30 सालों से कुवैत में दर्जी का काम करते थे. उनके बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि बुधवार सुबह वह मुंबई के लिए उड़ान भरने कुवैत एयरपोर्ट गए थे. अनस ने बताया, "वह भारत आने वाले थे. परिवार में उनके भतीजे की शादी होने वाली है और उसी में शामिल होने के लिए लौट रहे थे." घटना कैसे हुई और उन्हें क्या बताया गया इसके जवाब में अनस ने कहा, "हमें बताया गया कि वो कुवैत के टर्मिनल वन के पास हुए ड्रोन हमले की चपेट में आ गए थे." उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर हमले की ख़बर मिलने के बाद परिवार ने मंज़ूर अहमद से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी. बाद में कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से फ़ोन आया, जिसमें उनके पिता की मौत की जानकारी दी गई. वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. मंज़ूर अहमद की बुज़ुर्ग मां ने बताया कि उन्होंने बीते मंगलवार रात बेटे से आख़िरी बार बात की थी. उन्होंने रोते हुए कहा, "रात करीब 11 बजे बात हुई थी. वह बहुत ख़ुश थे कि घर आ रहे हैं. सुबह छह बजे घर से एयरपोर्ट के लिए निकले थे. लेकिन सुबह नौ बजे के बाद उनका फ़ोन नहीं लग रहा था." भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है और कई अन्य भारतीय घायल हुए हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा, "पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत लगातार यह कहता रहा है कि नागरिक आबादी और नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. हम एक बार फिर सभी पक्षों से ऐसे हमले रोकने की अपील करते हैं." कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने भी कहा है कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है और शव को जल्द भारत भेजने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ तालमेल किया जा रहा है. मंज़ूर अहमद के बचपन के दोस्त फ़िरोज़ पठानी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि मंज़ूर अहमद का शव 4- 5 जून की दरम्यानी रात अहमदाबाद हवाई अड्डे लाया गया है. उन्होंने कहा, "हम लोगों ने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ एम्बुलेंस सुबह 3 बजे तक अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुँचा दी थी. वहां से मंज़ूर भाई के शव को उज्जैन लाया जा रहा है. शुक्रवार शाम को ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा." फ़ोन पर बात करते हुए फ़िरोज़ का गला भर आया. उन्होंने कहा, "मंज़ूर और हम 45 साल से एक-दूसरे को जानते थे. हमारा पारिवारिक संबंध था. पिछले 30 सालों से वो कुवैत में थे लेकिन जब भी भारत आते थे तो हम लोग मछलियां पकड़ने जाते थे. बहुत सीधा लेकिन बहुत यारबाज़ आदमी था." मंज़ूर अहमद की मौत ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर खाड़ी देशों तक पहुंच रहा है. बुधवार को कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 1 पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए. कुवैत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से जारी सीसीटीवी फुटेज में टर्मिनल भवन पर हमला होते और उसके बाद छत का एक हिस्सा गिरते हुए दिखाई देता है. कुवैती अधिकारियों ने इस हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है और इसे 'क्रूर आक्रामकता' बताया है. हालांकि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एयरपोर्ट को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है. आईआरजीसी का कहना था कि एयरपोर्ट को हुआ नुकसान अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर में आई तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा था. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस दावे को ख़ारिज किया है. सेंटकॉम ने कहा कि कुवैत एयरपोर्ट पर हमला ईरान की ओर से 'जानबूझकर' और 'सुनियोजित और बिना किसी औचित्य के हमला था.' यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच पिछले महीनों में बढ़े सैन्य टकराव के बाद क्षेत्र में संघर्ष विराम लागू है. इसके बावजूद बीच बीच में हमलों और जवाबी कार्रवाइयों की घटनाएं सामने आती रही हैं. (समीर ख़ान की अतिरिक्त रिपोर्टिंग के साथ) बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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