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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026: ईरान की फ़ुटबॉल टीम को अमेरिका का वीज़ा मिला

✍️ Admin 📅 06 June, 2026 ⏰ 03:00 PM 👁 43 views

ईरान की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम को फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप 2026 के लिए अमेरिका का वीज़ा मिल चुका है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बीबीसी फ़ारसी को दिए गए जवाब में बताया, "इस टीम के खिलाड़ियों और सहयोगियों को वीज़ा जारी कर दिया गया है." अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा, "हम ईरान को इस प्रणाली का दुरुपयोग करके आतंकवादियों को झूठे आवरण में अमेरिका में प्रवेश कराने की इजाज़त नहीं देंगे." इससे पहले, ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने रिपोर्ट दी थी कि उत्तरी अमेरिका में होने वाले विश्व कप के लिए ईरानी राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम के कुछ साथियों को अमेरिका में जाने के लिए वीज़ा नहीं दिया गया है. मीडिया संस्थान के मुताबिक़, टीम मैनेजर मेहदी मोहम्मद नबी, फ़ुटबॉल महासंघ के महासचिव हेदायत मोमबेनी, राष्ट्रीय टीम के कार्यकारी प्रबंधक मेहदी खराती, मीडिया प्रबंधक मोहसिन मोतेमदकिया, मीडिया टीम के सदस्य सियामक क़ोलिचखानी, राष्ट्रीय टीम के एक विश्लेषक, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि, सुरक्षा विभाग के प्रतिनिधि तथा फुटबॉल महासंघ की अंतरराष्ट्रीय समिति के प्रतिनिधि को वीज़ा नहीं दिया गया है. समाचार एजेंसी मीज़ान ने भी बताया है कि ईरानी फ़ुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज को भी अमेरिकी वीज़ा नहीं मिला है. ईरानी पुरुष राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम शनिवार को तुर्की से मेक्सिको के लिए रवाना होने वाली है. न्यूज़ीलैंड और बेल्जियम के ख़िलाफ़, ईरान दो मैच लॉस एंजेलिस में और मिस्र के ख़िलाफ़ मैच सिएटल शहर में आयोजित किए जाएंगे. अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक इस लाइव ब्लॉग के ज़रिये ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ताज़ा ख़बरें पहुंचाएंगे. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं. - कॉकरोच जनता पार्टी: अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर से सरकार को लेकर क्या कहा - उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल का लंबा कार्यकाल चर्चा में क्यों है? - अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे पर फिर हमले किए, खाड़ी में संघर्ष विराम पर संकट गहराया - अन्नामलाई के बाद तमिलनाडु में इन नेताओं ने भी छोड़ी बीजेपी - आर्मी हैलिकॉप्टर के सामने यूनिफ़ॉर्म में कैप्टन ने किया मंगेतर को प्रपोज़, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस इमेज स्रोत, Ashley Allen-ICC/ICC via Getty Images भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार को आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स 2026 के लिए टी20 टीम का एलान कर दिया है. हाल ही में भारत को टी20 वर्ल्ड कप में जीत दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर किया गया है. श्रेयस अय्यर अब टी20 टीम की अगुवाई करते हुए नज़र आएंगे. आईपीएल के 19वें सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 15 साल के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है. तिलक वर्मा को टीम का उपकप्तान बनाया गया है. वहीं हार्दिक पंड्या तीनों ही टूर्नामेंट में टीम का हिस्सा नहीं होंगे. भारतीय टीम की घोषणा चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने एक प्रेस कांफ़्रेंस में की. श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से हो रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है. योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी किया है. इसमें उन्होंने विनोद कुमार शुक्ल की कविता पढ़ते हुए कहा, "मैं आप सब लोगों को नहीं जानता, लेकिन आपका जो इमोशन, ग़ुस्सा और लक्ष्य है, उसको जानता हूं. मैं कॉकरोच जनता पार्टी, उसके लीडर्स और आप सबको नहीं जानता, लेकिन साथ चलने को जानता हूं. मैं आप सबको सलाम करता हूं." उन्होंने आगे कहा, "मैं इस देश के तमाम विपक्षी दलों से अपील करता हूं कि आज हमारा धर्म साथ चलना है, भले पार्टी का कोई भी नाम हो. दल से बड़ा देश है. हम सबको मिलकर साथ-साथ चलते हुए इस देश को बचाना है." इस बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके जंतर मंतर पहुंच गए हैं. शनिवार सुबह वो अमेरिका से दिल्ली आए हैं. इमेज स्रोत, Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित घर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है. आरजेडी के प्रवक्ता अरुण कुमार ने कहा कि लालू प्रसाद यादव जी और राबड़ी देवी ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था वापस करने का निर्णय लिया है. हाल ही में बिहार सरकार ने लालू परिवार को मिली सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी जिसके बाद लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को मिली ज़ेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को हटा लिया गया था. यह क़दम तब उठाया गया जब बिहार सरकार ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस दिया. सरकार ने कहा कि राबड़ी देवी को विपक्ष की नेता होने के नाते पहले ही हार्डिंग रोड पर सरकारी आवास दिया गया था, लेकिन वो वहां नहीं गईं. 10 सर्कुलर रोड का बंगला अब बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को दिया गया है. 10 सर्कुलर रोड का बंगला लंबे समय से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ा रहा है. बिहार सरकार ने लालू परिवार को 15 दिन का समय दिया है, जिसके तहत राबड़ी देवी को जून के मध्य तक घर खाली करना होगा. इमेज स्रोत, Ann Johansson/Corbis via Getty Images उत्तरी नाइजर के सहारा रेगिस्तान के एक दूरदराज़ इलाके में पानी नहीं मिलने से 50 लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ले जा रहा ट्रक रास्ते में ख़राब हो गया था. बीबीसी उर्दू के मुताबिक़, यह समूह माली से लौट रहा था, जहां वे ईद अल-अधा के जश्न में शामिल होने गए थे. लेकिन रास्ते में उनका पानी ख़त्म हो गया और वे नाइजर और अल्जीरिया के बीच फंस गए. इस इलाक़े में मौजूद अगाडेज़ के गवर्नर ने कहा, "यात्री एक ख़तरनाक इलाक़े में फंस गए थे, जहां बहुत ज़्यादा गर्मी और सुविधाओं की कमी के कारण ज़िंदा रहना बेहद मुश्किल था." अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए मुसाफ़िरों में सिर्फ दो बच पाए हैं. ड्राइवर और यात्रियों ने कई दिनों तक बार-बार वाहन को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं. सभी मृतक नाइजर के नागरिक थे. स्थानीय अधिकारियों की ओर से भेजी गई राहत टीम ने उन्हें सामूहिक क़ब्रों में दफ़नाया. शिवसेना नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन की इजाज़त देकर दिल्ली पुलिस ने ठीक काम किया है. प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “शायद पहली बार दिल्ली पुलिस ने सही काम किया है, सीजेपी को प्रदर्शन की इजाज़त देकर.” उन्होंने लिखा, "अब देखना है कि ऑनलाइन समर्थन ज़मीन पर भी ताक़त बन पाता है या नहीं.” सुप्रीम कोर्ट के जानेमाने वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि सीजेपी के आंदोलन को समझदारी भरे समर्थन और मार्गदर्शन की ज़रूरत है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "देश में परीक्षा पेपर लीक, भर्ती में भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और रोज़ाना घोटाले हो रहे हैं." "विदेश नीति पूरी तरह ढह गई है और अमेरिका पर निर्भरता बढ़ गई है. चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया और अन्य संस्थाएं भी कमज़ोर हो गई हैं." उन्होंने लिखा, "हम एक बड़े तूफ़ान में घिरे हैं. कॉकरोच जनता पार्टी इस तूफ़ान का स्वाभाविक नतीजा है. इनके बड़े वादे हैं. इस जेन-ज़ी आंदोलन को समझदारी भरे समर्थन और मार्गदर्शन की ज़रूरत है." उधर, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग की. इमेज स्रोत, Prakash Singh/Bloomberg via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एअरपोर्ट पर उतरते ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की. अभिजीत दीपके ने एअरपोर्ट से बाहर आते ही मीडिया से कहा, "शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए. पांच स्टूडेंट्स ने आत्महत्या कर ली है." दरअसल, दीपके ने उन छात्रों का ज़िक्र किया है, जिन्होंने कथित तौर पर नीट पेपर लीक होने पर आत्महत्या की है. (आत्महत्या एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्या है. अगर आप भी तनाव से गुज़र रहे हैं तो भारत सरकार की 'जीवन आस्था' हेल्पलाइन 18002333330 से मदद ले सकते हैं. आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी बात करनी चाहिए.) अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया है कि उन्हें दिल्ली पुलिस से जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की मंज़ूरी मिल गई है. संबंधित कहानी: कॉकरोच जनता पार्टी: दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, जंतर मंतर पर प्रदर्शन की मंज़ूरी का किया दावा कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बताया है कि उसे प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से सीधे जंतर मंतर आने की अपील की है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि 10 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू होगी. सीजेपी ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. अब हम सीधे जंतर मंतर पर इकट्ठा हो सकते हैं." आगे लिखा, "कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेन्द्र प्रधान जा रहे हैं." इमेज स्रोत, Arun SANKAR / AFP via Getty Images लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने कहा है कि एयरपोर्ट पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की गिरफ़्तारी हो सकती है. सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "अच्छी उम्मीद रखो, लेकिन बुरी स्थिति के लिए तैयार रहो. आइए इस आंदोलन को भारत के इतिहास का सबसे शांतिपूर्ण आंदोलन बनाएं." उन्होंने आगे लिखा, "ध्यान रखें कि कोई शरारती तत्व गड़बड़ी न करे. कल दिल्ली में मिलते हैं." इस बीच, अभिजीत दीपके ने कुछ मिनट पहले ही बताया है कि वो लैंड कर गए हैं, उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की है. दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया है कि वो दिल्ली में लैंड कर गए हैं. उन्होंने सीजेपी के समर्थकों से कहा है कि 'आंदोलन को प्रेम और शांति से आगे बढ़ाना है.' अभिजीत दीपके ने एक्स पर लिखा, “लैंड कर चुका हूं. जल्द ही आप सब से जंतर मंतर पर मिलने का इंतज़ार है. किताब और हमारा तिरंगा साथ लाना मत भूलना." उन्होंने आगे लिखा, "पुलिसकर्मियों को फूल दें, यह करुणा और आभार का प्रतीक होगा. हमें इस आंदोलन को प्यार और शांति के साथ आगे बढ़ाना है." गौरतलब है कि दीपके की लैंडिंग से पहले ही दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीजेपी ने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर जंतर मंतर पहुंचने के लिए रवाना हुए लोगों के वीडियो भी साझा किए हैं. संबंधित कहानी: कॉकरोच जनता पार्टी का मीम से शुरू होकर सड़क पर पहुंचना क्या संकेत देता है? सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से भारत पहुंच रहे हैं और उनकी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना है. इससे पहले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी सुरक्षा तैनात की गई है. इमेज स्रोत, Evan Vucci-Pool/Getty Images अमेरिका में एक फ़ेडरल जज ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन की उस इमिग्रेशन नीति को रद्द कर दिया, जिसके कारण 39 देशों के प्रवासियों के लिए अमेरिका में रहने और प्रवेश पाने की प्रक्रिया कठिन हो गई थी. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, अमेरिका में रोड आइलैंड की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन मैककोनेल जूनियर ने कहा कि इन नियमों से अफ़्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों के लोग कानूनी अनिश्चितता में फंसे हुए थे. जज ने कहा, "प्रवासी लोग कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे थे, लेकिन महीनों तक उनके आवेदन अटके रहे क्योंकि यूएससीआईएस (यूएस सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़) ने उन्हें आगे नहीं बढ़ाया. जबकि ये नीतियां बिना कानूनी अधिकार के बनाई गईं और प्रवासी विरोधी सोच से प्रभावित थीं." दरअसल, यूएससीआईएस ने ये नीतियां उस समय बनाई थीं जब वॉशिंगटन डीसी में दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर गोली चलाई गई थी. अभियोजकों का कहना है कि यह हमला एक अफ़ग़ान प्रवासी ने किया था. इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था, "थर्ड वर्ल्ड के सभी देशों से प्रवास को स्थायी रूप से रोक दिया जाएगा ताकि अमेरिकी सिस्टम पूरी तरह ठीक हो सके." इसके बाद उन्होंने यात्रा प्रतिबंध वाले देशों की संख्या बढ़ाकर 39 कर दी. पूरी तरह प्रतिबंध वाले देशों में अफ़ग़ानिस्तान, ईरान, हैती, सोमालिया, वेनेज़ुएला और सीरिया शामिल थे. भारत का नाम सूची में नहीं था, इसलिए भारत के लिए चिंता करने की कोई बात नहीं है. ट्रंप ने कही 'थर्ड वर्ल्ड देशों' से लोगों को अमेरिका ना आने देने की बात, भारत में क्या कह रहे हैं जानकार इमेज स्रोत, U.S. Navy via Getty Images अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने ईरान के चार ड्रोन को मार गिराया है, जो होर्मुज स्ट्रेट की ओर भेजे गए थे. यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने यह जानकारी शनिवार तड़के दी. सेंटकॉम ने एक्स पर लिखा, “कुछ समय पहले अमेरिकी बलों ने ईरान के चार वन-वे अटैक ड्रोन गिराए, जो होर्मुज़ स्ट्रेट की तरफ भेजे गए थे. ये ड्रोन इलाके के समुद्री यातायात के लिए ख़तरा थे.” आगे बताया गया, “अमेरिकी बलों ने आगे के हमलों से बचने के लिए गोरुक और क़ेशम द्वीप पर बने ईरान के रडार ठिकानों पर हमला किया.” ईरान ने इस घटना पर अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. इससे पहले कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए. हालांकि, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एयरपोर्ट पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी से इनकार किया और कहा कि नुक़सान अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर की ग़लती से हुआ. दूसरी ओर, सेंटकॉम ने इस दावे को ग़लत बताया और कहा कि ईरान ने एयरपोर्ट पर 'जानबूझकर बिना वजह का हमला' किया. गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच युद्ध ख़त्म करने को लेकर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - कॉकरोच जनता पार्टी ने पीएम मोदी से की ये अपील, बताया अभिजीत दीपके क्या-क्या करेंगे? - भोपाल के बरकतुल्ला विश्वविद्यालय का नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध, कौन थे बरकतुल्ला भोपाली? - ट्रंप के बयान के बाद एक्सपर्ट क्यों कह रहे हैं, 'मोदी से दोस्ती का हवाला देकर भारत पर बना रहे हैं दबाव' - तमिलनाडु: बीजेपी नेता अन्नामलाई ने पार्टी छोड़कर राजनीतिक आंदोलन शुरू करने का किया एलान

स्रोत: BBC Hindi

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