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Death

वियतनाम नाव हादसा: लाइफ़ जैकेट पहनने के बावजूद कैसे हुई 15 भारतीयों की मौत, चश्मदीद ने क्या बताया

✍️ Admin 📅 12 July, 2026 ⏰ 01:35 PM 👁 85 views

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को एक नाव दुर्घटना में तमिलनाडु के दस लोगों समेत कुल 15 भारतीयों की मौत हो गई. भारतीय दूतावास ने बताया कि मरने वालों में तमिलनाडु के दस, केरल के दो और आंध्र प्रदेश के तीन लोग शामिल हैं. तमिलनाडु के डिंडिगुल ज़िले के पलानी निवासी और मोबाइल फोन विक्रेता मुरुगा प्रभु की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई. उनके एक रिश्तेदार ने पत्रकारों को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, "भारतीय दूतावास ने हमें इसकी सूचना दी है. वो सारे काम देख रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे हमें मृतकों के शवों की बरामदगी और सौंपे जाने के बारे में बताएंगे.'' वियतनाम के उप प्रधानमंत्री फाम जिया डुक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुर्घटना के पीड़ितों के लिए तत्काल राहत उपायों का आदेश दिया है. दुर्घटना के कारणों की तुरंत जांच के निर्देश दिए गए हैं. वियतनाम सरकार ने अपने विदेश मंत्रालय को भारतीय नागरिकों से संबंधित मामलों को संभालने के लिए वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम करने का निर्देश भी दिया है. तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि मुख्यमंत्री विजय ने तमिल कल्याण और पुनर्वास आयोग के अधिकारियों को हादसे में प्रभावित तमिल लोगों की जानकारी जुटाने और उन्हें हर ज़रूरी मदद देने का निर्देश दिया है. प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, वियतनाम में तमिल संगठनों से भी संपर्क किया गया है और हादसे में प्रभावित तमिल लोगों के बारे में जानकारी मांगी गई है. भारतीय दूतावास और तमिलनाडु के प्रवासी तमिल कल्याण विभाग ने हादसे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. प्रेस रिलीज़ में कहा गया है, "वियतनाम में नाव हादसे में फंसे जिन तमिल लोगों को मदद की ज़रूरत है, वे या तमिलनाडु में रहने वाले उनके परिवार के सदस्य तमिलनाडु सरकार के प्रवासी तमिल कल्याण विभाग की 24 घंटे उपलब्ध टोल-फ्री सेवा से संपर्क कर सकते हैं." भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर पीड़ितों के परिवारों को जानकारी और ज़रूरी मदद देने के लिए वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. बीबीसी तमिल के संवाददाता प्रभुराव आनंदन ने वियतनाम में नाव हादसे में बचने वाले पलानी के निर्मल कुमार से बात की. हादसे के पल को याद करते हुए निर्मल कुमार ने कहा, "हम एक बंद नाव में सफ़र कर रहे थे. अचानक तेज़ लहर आने के कारण तीन मिनट के भीतर नाव पलट गई." उन्होंने बताया कि नाव में आगे बैठे लोग सामने के रास्ते और खिड़कियों से बाहर निकल आए, लेकिन पीछे बैठे 15 लोग नाव के अंदर ही फंस गए. वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. यह पूछे जाने पर कि क्या सभी लोग एक साथ यात्रा पर गए थे, निर्मल कुमार ने कहा, "हमारी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोगों के लिए यह टूर आयोजित किया था. सभी ने लाइफ़ जैकेट पहन रखी थी. नाव बंद थी और हवा के कारण अचानक डगमगाकर पलट गई. इसलिए हम कुछ नहीं कर सके." निर्मल कुमार ने बताया कि उनके गृह नगर पलानी के रहने वाले उनके दोस्त मुरुगा की भी इस हादसे में मौत हो गई. कितने शवों की पहचान हुई है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, "सभी शव तुरंत बरामद कर लिए गए और उनकी पहचान भी हो गई. सभी का मेडिकल परीक्षण किया गया. बचाए गए सभी लोग सुरक्षित हैं." इस दुर्घटना में बच गए पालनी के निर्मल कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई से एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में आपबीती बताई. उन्होंने बताया, "हमारा ग्रुप दोपहर का खाना खाने के लिए निकला था. इसी दौरान ऊंची लहरों और नाव में क्षमता से ज़्यादा लोगों के सवार होने की वजह से कुछ ही सेकंड में नाव पलट गई. नाव में कुल 39 लोग सवार थे, जिनमें ज़्यादातर तमिलनाडु के रहने वाले थे." निर्मल कुमार ने कहा, "20 लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 15 लोग नाव के अंदर फंस गए. तटरक्षक बल को सूचना मिलने के बाद बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और लोगों को बाहर निकाला." वियतनाम में भारतीय दूतावास ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा, "हम पीड़ितों के बारे में अतिरिक्त जानकारी जुटा रहे हैं. पुष्टि होने के बाद और जानकारी साझा की जाएगी." भारतीय दूतावास ने नाव में सवार 32 भारतीय पर्यटकों का विवरण भी जारी किया. बाद में दूतावास ने एक अलग पोस्ट जारी कर 15 लोगों की मौत की पुष्टि की. इसके मुताबिक, मृतकों में तमिलनाडु के 10, केरल के दो और आंध्र प्रदेश के तीन लोग शामिल हैं. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

स्रोत: BBC Hindi

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