सीजेपी के प्रदर्शन के बाद सोनू सूद, भूमि पेडनेकर और रितेश देशमुख ने क्या कहा
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों पर सोमवार को हुए 'संसद मार्च' के बाद सिनेमा जगत से जुड़ी कई हस्तियां इनके समर्थन में आ गई हैं. अभिनेता सोनू सूद, रितेश देशमुख, रणवीर शौरी और अभिनेत्री जेनेलिया समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी है. अभिनेता सोनू सूद ने एक्स पर लिखा, "हमारे छात्रों को लाठियां नहीं, गले लगाने वाले हाथ चाहिए." अभिनेता रितेश देशमुख और उनकी पत्नी अभिनेत्री जेनेलिया ने कहा, "हम अपने देश के युवाओं के साथ मजबूती से खड़े हैं. उनकी आवाज़ सुनी जानी चाहिए. वे हमारे लोकतंत्र की ताक़त हैं और हमारे देश के भविष्य को बनाने वाले असली लोग हैं. आइए हम उनकी बात सुनें, उनका साथ दें और उन्हें आगे बढ़ने का मौक़ा दें. हमारे युवाओं की ऊर्जा, हिम्मत और सपने उस भारत को बनाने में मदद करेंगे, जिसे हम बनाना चाहते हैं." अभिनेता रणवीर शौरी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मंत्री को बहुत पहले ही इस्तीफ़ा दे देना चाहिए था! इस तरह सरकार अपनी इज़्ज़त बचा सकती थी और शायद उसे जवाबदेह और ज़िम्मेदार भी माना जाता. अब मुझे नहीं लगता कि वह विपक्ष को फ़ायदा पहुँचाए बिना या अपने लिए मुश्किलें बढ़ाए बिना इस मामले से बाहर निकल पाएगी." अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में लिखा, “हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है. आज हमने हिंसा की तस्वीरें देखीं. यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि हमारे देश के युवा इस आंदोलन में हिंसा का सहारा न लें और यह आंदोलन अपने रास्ते से न भटके. लोकतंत्र बातचीत और संवाद पर आधारित होते हैं. कमज़ोर और पिछड़े बैकग्राउंड वाले छात्रों के पास मुश्किल हालात से बाहर निकलने का एकमात्र ज़रिया शिक्षा है और हम उनका यह भरोसा टूटने नहीं दे सकते.” संबंधित स्टोरी: दिल्ली की सड़कों पर उतरे हज़ारों युवाओं ने कैसे बढ़ाई मोदी सरकार की मुश्किलें BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें. BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह. (कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.) इमेज स्रोत, Kabir Jhangiani/NurPhoto via Getty Images कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों के सोमवार को निकाले गए ‘संसद मार्च’ के दौरान हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी चिंता जताई है. संगठन ने भारतीय अधिकारियों से पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है. ह्यूमन राइट्स वॉच की डिप्टी एशिया डायरेक्टर मीनाक्षी गांगुली ने कहा, “भारतीय अधिकारियों को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हज़ारों छात्रों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा लाठियों और आँसू गैस के इस्तेमाल के आरोपों की तुरंत जाँच करनी चाहिए.” उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिस बल संयम बरतें और लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार मिले. इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी. इमेज स्रोत, ANDREW CABALLERO-REYNOLDS / AFP via Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को अमेरिका में किसी भी तरह से गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा. ट्रंप का यह बयान न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर नेतन्याहू सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनकी गिरफ़्तारी की संभावना पर उनका कार्यालय अब भी विचार कर रहा है. इसके बाद ट्रंप ने सोमवार रात सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "बिन्यामिन नेतन्याहू को अमेरिका में रहते हुए किसी भी तरह से गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा. वह उस ईरान के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं, जिसने हाल ही में 52,000 बेगुनाह प्रदर्शनकारियों की जान ली और पिछले 47 वर्षों से अमेरिकी सैनिकों समेत कई अन्य लोगों की हत्या करता रहा है." उन्होंने आगे लिखा, "गिरफ़्तार तो उन लोगों को किया जाना चाहिए, जिन्होंने ईरान को मौत और तबाही के ऐसे दौर में पहुँचाया. यह मामला पहले के राष्ट्रपतियों को कई साल पहले ही संभाल लेना चाहिए था." गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने 2024 में प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और इसराइल के कुछ अन्य नेताओं के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था. उन पर 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के बाद ग़ज़ा में युद्ध अपराध के आरोप लगाए गए हैं. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाक़ों में मंगलवार सुबह से ही बारिश हो रही है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है. इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 26 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश, बिजली गिरने और तेज़ हवाओं का दौर जारी रह सकता है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 जुलाई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 24 जुलाई तक अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वी राजस्थान में 23 से 26 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 26 जुलाई तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली तेज़ हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है. राजस्थान के कई हिस्सों में भी 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 26 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है. इमेज स्रोत, Andrew Harnik/Getty Images अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाले कई तरह के सामान पर 50% टैरिफ़ लगाने का एलान किया है. ट्रंप ने कहा कि यह क़दम अमेरिकी कारों, डेयरी उत्पादों और शराब के साथ किए जा रहे 'असमान व्यवहार' के जवाब में उठाया गया है. अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक़, नया टैरिफ़ 30 दिनों के भीतर लागू होगा. इस फ़ैसले के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. टैरिफ़ के दायरे में रोज़मर्रा के इस्तेमाल की कई चीजें शामिल हैं. इनमें वाइन, हॉकी स्टिक और सीमेंट जैसे उत्पाद शामिल हैं. हालांकि, ऊर्जा, पोटाश, अहम खनिज और मछली समेत कनाडा के कई बड़े निर्यात को इस टैरिफ़ से बाहर रखा गया है. उधर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता को आने वाले हफ़्तों में और तेज़ करने के लिए तैयार है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जारी बयान में अमेरिकी फ़ैसले को 'एकतरफ़ा व्यापार कार्रवाई' क़रार दिया. कार्नी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई की शुरुआत तब हुई थी, जब अमेरिका ने कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको समझौते का उल्लंघन करते हुए कई टैरिफ़ लगाए थे. उन्होंने अपने बयान में "कनाडा की संप्रभुता के लिए ख़तरे" का भी उल्लेख किया. इसे ट्रंप के उस पुराने बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कही थी. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें. BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह. (कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.) बीबीसी हिंदी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक अहम ख़बरें आप तक पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. इस समय बीबीसी हिंदी के पन्ने पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं. सीजेपी का दावा सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया था, जेपी नड्डा की धरना ख़त्म करने की अपील सीजेपी का दावा- प्रदर्शन ख़त्म नहीं हुआ, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी धरने पर 103 साल की महिला, जिसने ज़मीन के लिए लड़ी 32 साल की क़ानूनी लड़ाई स्पेन बना फ़ुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन, अर्जेंटीना की हार की 5 अहम वजहें वियतनाम क्यों बनता जा रहा है भारतीय पर्यटकों की पसंद?
स्रोत: BBC Hindi