पूर्ण संस्करण देखें
⚡ AMP पेज | पूर्ण वेबसाइट देखें
Death

Parliament Monsoon Season Live: अखिलेश यादव लोकसभा में बोले- बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप, स्पीकर ने कहा- सरकार NEET पर चर्चा के लिए तैयार

✍️ Admin 📅 22 July, 2026 ⏰ 10:56 AM 👁 31 views

संसद के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहने के आसार हैं . विपक्ष NEET परीक्षा विवाद, दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर दान राशि चोरी और अन्य मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है . राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन के एक दिन बाद संसद का माहौल और अधिक गरमाने की संभावना जताई जा रही है . आज भी विपक्ष सरकार को घेरेगा संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्ष के जोरदार विरोध प्रदर्शन की संभावना है . विपक्ष NEET परीक्षा विवाद, दिल्ली में CJP प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर की दान राशि चोरी और अन्य मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा है . माना जा रहा है कि इन मुद्दों को लेकर दोनों सदनों में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है . राहुल गांधी के प्रदर्शन के बाद बढ़ा सियासी तापमान संसद की कार्यवाही ऐसे समय में शुरू हो रही है, जब एक दिन पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था . इस प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है . ऐसे में तीसरे दिन की कार्यवाही के दौरान भी संसद में तीखे टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं . सरकार ने NEET पर चर्चा के दिए संकेत सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह NEET परीक्षा विवाद पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है . ऐसे में इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि विपक्ष तत्काल चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है . सरकार महत्वपूर्ण विधेयक भी कर सकती है पेश हंगामे की संभावना के बीच सरकार संसद में अपने विधायी एजेंडे को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में है . सरकार वंदे मातरम् विधेयक (Vande Mataram Bill) समेत कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने की कोशिश कर सकती है . ऐसे में राजनीतिक टकराव और विधायी कार्य दोनों एक साथ संसद के तीसरे दिन के एजेंडे में शामिल रहेंगे . लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी को महिला सांसदों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में पूरे मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में प्रस्ताव रखा कि कल्याण बनर्जी ने महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार किया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने प्रस्ताव पर सदन की राय ली. मतदान के बाद प्रस्ताव पारित हो गया. स्पीकर ने घोषणा करते हुए कहा कि कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित किया जाता है और उन्हें तत्काल सदन परिसर से बाहर जाने का निर्देश दिया. जानकारी के अनुसार, कल्याण बनर्जी ने सदन के भीतर काकोली घोष दस्तिदार, शताब्दी राय समेत कुछ अन्य महिला सांसदों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया था. इसके बाद संबंधित महिला सांसदों ने स्पीकर से इसकी शिकायत की. मामले को गंभीर मानते हुए सदन ने कार्रवाई की और इसके बाद दिनभर की कार्यवाही समाप्त होने पर लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई. लोकसभा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उस समय नाराज नजर आए, जब स्पीकर ने चर्चा के दौरान केवल कांग्रेस और संसदीय कार्य मंत्री को बोलने का अवसर दिया. इस पर उन्होंने कहा कि NEET और छात्रों का मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के छात्रों और युवाओं का है. अखिलेश यादव ने कहा, "यह कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या बीजेपी का मुद्दा नहीं है. यह छात्रों और नौजवानों का मुद्दा है. आपने इन्हें बुला लिया, उनसे बात कर ली... क्या समझौता हो गया? युवा और छात्र हम सभी के हैं और हम सब उनके लिए लड़ रहे हैं." उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की आवाज नहीं सुनी जाएगी तो विपक्ष सड़क पर उतरने को मजबूर होगा. पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?" प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्ष के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा, "हम मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास गए थे. अगर प्रधानमंत्री सदन में बयान दे देते, तो वहां जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती. आखिर प्रधानमंत्री संसद में इस मुद्दे पर क्यों नहीं बोल रहे हैं?"

स्रोत: ABP Hindi

📤 शेयर करें: