अमेरिका ने अपने नागरिकों को किया अलर्ट, मध्य पूर्व से किसी भी वक़्त निकलने के लिए रहें तैयार
अमेरिकी सरकार ने मध्य पूर्व में रह रहे अपने नागरिकों से सतर्क रहने और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की स्थिति में वहां से निकलने के लिए तैयार रहने की अपील की है. यह अपील ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी मीडिया में ख़बरें हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सप्ताहांत के दौरान ईरान पर नए और अधिक तेज़ हमलों की योजना बना सकते हैं. अपने सुरक्षा अलर्ट में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, "मध्य पूर्व के बाहर मौजूद अमेरिकी राजनयिक प्रतिष्ठानों समेत अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है." विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह दुनिया भर में अमेरिका और उससे या उसके नागरिकों से जुड़े अन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. इससे पहले ईरान ने अमेरिका पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया था और कहा था कि उसके साथ सहयोग करने वाला कोई भी क्षेत्रीय देश "युद्ध की लपटों में घिर जाएगा." शनिवार को जारी अमेरिकी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया, "मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए, उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए और उड़ानें रद्द होने, समय-समय पर हवाई क्षेत्र बंद होने के साथ ही यात्रा में संभावित बाधाओं के लिए तैयार रहना चाहिए." अलर्ट में कहा गया, "क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिक वहां से निकलने पर विचार करें या अगर तनाव बढ़े तो तुरंत रवाना होने के लिए तैयार रहें. वहीं मध्य पूर्व से बाहर मौजूद अमेरिकी नागरिकों को इस क्षेत्र की यात्रा या यहां से होकर यात्रा करने के अपने फैसले पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए." बहरीन, इराक़, इसराइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, क़तर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत पूरे मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने अमेरिकी नागरिकों के लिए यह सुरक्षा अलर्ट फिर से जारी किया और "अचानक तनाव बढ़ने" की चेतावनी दी. इससे पहले अमेरिकी मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप इसी सप्ताहांत ईरान पर नए हमलों का आदेश दे सकते हैं. ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाते हुए अमेरिका और इसराइल अब तक के सबसे भीषण बमबारी अभियानों में से एक की योजना बना रहे थे. अमेरिका में बीबीसी के मीडिया साझेदार सीबीएस न्यूज़ को कई सूत्रों ने यह जानकारी दी. सीबीएस न्यूज़ ने बताया कि सूत्रों के अनुसार यह योजना शुक्रवार को हुई ट्रंप की कैबिनेट बैठक के दौरान सामने आई. एक सूत्र ने कहा कि व्हाइट हाउस के कुछ राजनीतिक सलाहकार इस योजना के कड़े विरोध में थे. कैबिनेट बैठक के दौरान, जब पत्रकार अभी भी कमरे में मौजूद थे, तब ट्रंप को यह कहते हुए सुना गया, "हम उन पर (ईरान) बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे. एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब वे इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते." देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. गुरुवार को अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मंगलवार को अमेरिकी बलों पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के प्रयास के जवाब में ईरान पर "भारी स्तर" के हमले पूरे कर लिए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों और होर्मुज़ स्ट्रेट में मौजूद जहाजों पर ईरान की ओर से किए गए हमलों के जवाब में उसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के "दर्जनों" ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों में तीन लोगों की मौत हुई, जिनमें दो साल का एक बच्चा भी शामिल है. कई दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद इस सप्ताह दोनों पक्षों के बीच संघर्ष फिर तेज हो गया. इस दौरान अमेरिका और सऊदी अरब ने संयुक्त रूप से इराक़ में ईरान समर्थित समूहों को निशाना बनाते हुए सार्वजनिक रूप से घोषित पहला हमला किया. अप्रैल में युद्ध रोकने के मक़सद से हुआ युद्धविराम जून में टूटने के बाद से अमेरिका और ईरान लगातार एक-दूसरे पर हमले और जवाबी हमले कर रहे हैं. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी की है और उसके कई ठिकानों पर बमबारी की है. वहीं ईरान ने पूरे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संसाधनों पर मिसाइलों तथा ड्रोन से हमले किए हैं. साथ ही वैश्विक तेल आपूर्ति के अहम मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट में समुद्री जहाज़ों को भी निशाना बनाया है. अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी से ईरान के ख़िलाफ़ हमले शुरू किए थे. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
स्रोत: BBC Hindi