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जनगणना की आज से शुरुआत, आधार से बैकिंग तक पूछे जाएंगे 40 सवाल

✍️ Admin 📅 17 August, 2026 ⏰ 08:08 AM 👁 58 views

भारत की 2027 की जनगणना का अहम चरण आज से शुरू होने जा रहा है. सोमवार को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के बर्फ़ीले इलाकों में 'सेल्फ़-एन्यूमरेशन' (खुद अपनी जानकारी दर्ज करने) के साथ शुरू होगा. इसमें दूर-दराज़ के गांव, पहाड़ी समुदाय और मुश्किल रास्तों वाले इलाके शामिल होंगे.  गृह मंत्रालय ने उन 40 सवालों की लिस्ट जारी की है जो जनगणना अधिकारी हाउसहोल्ड शेड्यूल के तहत परिवारों से पूछेंगे.

इन इलाकों में रहने वाले लोग 17 से 31 अगस्त के बीच अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं. इसके बाद, जनगणना करने वाले कर्मचारी, जिनके पास पिछले हफ़्ते बताए गए 40 सवाल होंगे. 1 सितंबर से 30 सितंबर तक घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करने का काम शुरू करेंगे. देश के बाकी हिस्सों में आबादी की गिनती अगले साल फरवरी में होगी.

क्यां है ये 40 सवाल

व्यक्ति का नाम
परिवार के मुखिया से संबंध
लिंग
जन्म तिथि और उम्र
वर्तमान वैवाहिक स्थिति
विवाह के समय उम्र
पति/पत्नी का नाम
घोषित राष्ट्रीयता
धर्म
जाति
पिता का विवरण
माता का विवरण
दिव्यांगता
मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं
साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति
शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई
प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक योग्यता और स्ट्रीम
क्या पिछले एक साल के दौरान किसी समय काम किया है
आर्थिक गतिविधि की श्रेणी
व्यवसाय
उद्योग, व्यापार या सेवा का स्वरूप
काम की तलाश में है या काम के लिए उपलब्ध हैं
कार्यस्थल तक आने-जाने की स्थिति
जन्मस्थान
अंतिम निवास स्थान
प्रवासन का कारण
पिछले प्रवासन के बाद से इस गांव या शहर में रहने की अवधि
कामगार की श्रेणी
गैर आर्थिक गतिविधि
स्थायी आवासीय पता
वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
अब तक जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या
पिछले एक में जीवित पैदा हुए बच्चों की संख्या
कोविड-19 टीकाकरण की जगह
कुल बैंक खातों की संख्या
मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो
आधार नंबर, यदि उपलब्ध हो
वोटर आईडी नंबर, यदि उपलब्ध हो
पासपोर्ट नंबर, यदि भारतीय पासपोर्ट धारक हैं
ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
मुख्य जनगणना अधिकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के 16 जिले ऐसे हैं जहां भारी बर्फबारी होती है. इन जिलों में पहले ही पॉपुलेशन एन्यूमरेशन कराया जाएगा, क्योंकि सितंबर-अक्टूबर के बाद पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. वहीं लद्दाख को लेकर उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब लद्दाख की स्वतंत्र जनगणना हो रही है. 2019 में केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख को अपना पहला आधिकारिक डेटा मिलेगा. लद्दाख पूरी तरह बर्फबारी वाला क्षेत्र है। इसमें लेह और कारगिल दोनों जिले शामिल हैं.

स्रोत: ABP Hindi

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