पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते पर ये बोले डोनाल्ड ट्रंप
इमेज स्रोत, Kevin Dietsch/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर प्रतिक्रिया दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने तीनों देशों के नेताओं को बधाई देते हुए इसे एक 'बोल्ड स्टेप' बताया है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यह देखकर बहुत ख़ुशी हुई कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने हाल ही में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं." "यह दिखाता है कि मध्य पूर्व एक साथ आ रहा है और देश आख़िरकार अपने बचाव के लिए पहले से ज़्यादा मज़बूत तरीक़े से क़दम उठा सकेंगे." उन्होंने लिखा, "तीनों देशों के महान नेतृत्व को बधाई. यह एक बड़ा, मज़बूत और अहम क़दम है- वाह." उल्लेखनीय है कि मक्का संयुक्त रक्षा समझौते में कहा गया है कि यदि इन तीनों (सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान) देशों में से किसी भी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा. संबंधित स्टोरी- मक्का रक्षा समझौता: सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान की नई दोस्ती भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती? इमेज स्रोत, Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के अपमान का आरोप लगाया है. यह विवाद 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान सामने आए एक वीडियो के बाद शुरू हुआ. अब इस मामले में जनसुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर की टिप्पणी भी आई है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी को बयानबाज़ी करने की बजाय सोनिया गांधी पर केस करना चाहिए. प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है और कांग्रेस इस देश की सबसे पुरानी पार्टी है. अब बीजेपी ने आरोप लगाया है और कांग्रेस इसका जवाब देने में सक्षम हैं. इस पर हम लोगों को क्या कहना है. हम लोगों ने जो वीडियो देखा है, उसमें वंदे मातरम् पूरा गाया गया है." उन्होंने कहा, "अब बीच में कौन रोक रहा था और नहीं रोक रहा था, यह तो सरकार को ही पता होगा, उन्हें ही पता करना चाहिए. अगर सच में कांग्रेस के लोगों ने ग़लती की है तो अब तो सरकार ने उस पर क़ानून बना दिया है. आप उसका अपमान करेंगे तो आप पर केस हो जाएगा. इसलिए बीजेपी को बयानबाज़ी करने की जगह सोनिया गांधी पर केस करना चाहिए." गौरतलब है कि इस मामले में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बीजेपी के दावों को पूरी तरह ख़ारिज किया. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी राष्ट्रगीत रोकने का नहीं, बल्कि काफ़ी देर से खड़े पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं. उत्तर प्रदेश के आंबेडकरनगर में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. परिजनों की ओर से पहले मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई थी, लेकिन बाद में उनकी ओर से हत्या की आशंका जताए जाने पर पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस के मुताबिक़, 16 अगस्त 2026 को दोपहर क़रीब 1:13 बजे रमेश चंद्र मिश्रा ने मालीपुर थाने में सूचना दी कि आशुतोष मिश्रा की मां की सुबह क़रीब 8 बजे हार्ट अटैक से मौत हो गई है. एसपी प्राची सिंह ने बताया, "दोपहर क़रीब 2:30 बजे आशुतोष मिश्रा को अपनी मां की हत्या किए जाने की आशंका हुई. उन्होंने यह भी बताया कि मृतका के शरीर से आभूषण ग़ायब थे. सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों और फ़ॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की." उन्होंने बताया, "प्रारंभिक जांच के दौरान शव पर चोट या संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफ़ी के साथ पोस्टमार्टम किया." पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसरा सुरक्षित रखने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार, मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए हृदय को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा जाएगा. पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है. फ़िलहाल मामले की जांच के साथ अन्य क़ानूनी कार्रवाई जारी है. इस मामले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "आंबेडकरनगर में एक आईपीएस अधिकारी की माता जी की हत्या का दुखद समाचार आया है. यूपी में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, दुर्भाग्यपूर्ण!" इमेज स्रोत, TATYANA MAKEYEVA / AFP via Getty Images रूसी अधिकारियों ने दावा किया है कि यूक्रेन ने रूस पर इस साल का अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. रूसी अधिकारियों के मुताबिक़, हमले में सात लोगों की मौत हुई है. इस दौरान क़रीब 822 ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से 600 ड्रोन्स ने राजधानी मॉस्को और उसके आसपास के इलाक़ों को निशाना बनाया. मॉस्को के रीजनल गवर्नर के मुताबिक़, राजधानी पर हाल के वर्षों के यह सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक है. हमले में रूसी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के एक वेयरहाउस को भी निशाना बनाया गया. घटना में तीन लोग घायल हुए हैं. यह वेयरहाउस मॉस्को के सेंटर से क़रीब 25 किलोमीटर दूर कोलेदीनो इलाक़े में स्थित है. हमले के बाद मौक़े पर आग लग गई और वेयरहाउस के ऊपर धुएँ का बड़ा गुबार दिखाई दिया. रूस के दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र में रातभर हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई है. वहीं, यूक्रेन की सीमा से लगे बेलगोरोद में एक नागरिक बस को निशाना बनाए जाने के बाद एक महिला की मौत हो गई. मॉस्को में ड्रोन हमले में 83 वर्षीय एक व्यक्ति की भी जान गई. वहीं, यूक्रेन पर रूस के हमलों में भी कम से कम सात लोगों की मौत हुई है और 39 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. रूस और यूक्रेन के बीच हमले लगातार तेज़ हो रहे हैं. रूस ने हाल के हफ़्तों में यूक्रेन के कई इलाक़ों पर मिसाइल हमले बढ़ाए हैं. इसके जवाब में यूक्रेन भी रूस के अंदरूनी इलाक़ों में ड्रोन हमले कर रहा है. बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - 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स्रोत: BBC Hindi