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Death

'एफ़आईआर होने तक नहीं हटेंगे': पैलेट गन पीड़ित के साथ थाने पर डटे राहुल गांधी, बीजेपी ने क्या कहा?

✍️ Admin 📅 21 August, 2026 ⏰ 02:52 PM 👁 45 views

दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उनकी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी थाने पहुंच गई हैं. राहुल गांधी के साथ जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान ज़ख़्मी हुए छात्र साहिल लोचव भी हैं. आरोप है कि साहिल 20 जुलाई को पैलेट गन से ज़ख़्मी हुए थे. राहुल गांधी की मांग है कि साहिल लोचव की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए. इसी मांग को लेकर वह पुलिस अधिकारियों से बात कर रहे हैं. बीजेपी ने राहुल गांधी पर अराजकता की राजनीति का आरोप लगाते हुए पूछा है कि 'क्या वह क़ानून का सम्मान नहीं करते हैं?' बीजेपी सांसद रवि शंकर ने कहा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अराजकता की राजनीति करते हैं. फिलहाल, वह बिना अनुमति या पूर्व सूचना के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं. पुलिस ने उन्हें बताया है कि जिस घटना का वह जिक्र कर रहे हैं, उस पर पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और इसकी जांच की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है." उन्होंने पूछा, "राहुल गांधी, क्या आप किसी कानून का सम्मान नहीं करना चाहते?" "हमें संदेह है और हम आरोप लगाते हैं कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर अपने रुख के कारण कांग्रेस अब मुश्किल में फंस गई है. राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इस समय जो कर रही है, हम उसकी निंदा करते हैं." राहुल गांधी की मांग है कि साहिल लोचव की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए. इसी मांग को लेकर वह पुलिस अधिकारियों से बात कर रहे हैं. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के कई बड़े नेता भी संसद मार्ग थाने पहुंच चुके हैं. दिल्ली में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे हैं. कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, "वह (राहुल गांधी) धरने पर बैठे हैं." राहुल गांधी लगातार इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि उनकी शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज करे. फिलहाल वह साहिल लोचव और पार्टी सांसद कुमारी सैलजा के साथ डीपीसी ऑफिस में मौजूद हैं. कांग्रेस पार्टी ने गृह मंत्री अमित शाह पर पैलेट गन चलवाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, "अमित शाह ने देश के बच्चों पर पैलेट गन चलवाई, जिसमें साहिल को पैलेट लगने से आंख में गंभीर चोट आई थी. साहिल और उनकी मां लगातार पुलिस के पास जाकर एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे थे, जिसे पुलिस नज़रअंदाज कर रही थी. इसलिए आज नेता विपक्ष राहुल गांधी, साहिल और उसकी मां के साथ पुलिस अधिकारियों से मिले और जांच की जानकारी मांगी." कांग्रेस ने आरोप लगाया कि साहिल की कंप्लेन पर इंवेस्टिगेशन नंबर नहीं दिया गया है, जिससे कि एफ़आईआर दर्ज हो सके. प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर टीएमसी के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने आरटीआई के ज़रिए जानकारी हासिल की थी. गोखले ने कहा था कि आरटीआई के ज़रिए पता चला है कि पैलेट गन से घायल होने वालों की संख्या कम से कम 10 है. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "अस्पतालों से मिले रिकॉर्ड बताते हैं कि पुष्टि की गई संख्या कम से कम दोगुनी यानी 10 लोग है." गोखले ने जो जानकारी हासिल की है, उसके मुताबिक पैलेट गन से घायल हुए नौ लोग लेडी हार्डिंग अस्पताल में और एक सफदरजंग अस्पताल में पहुंचे थे. गोखले को अब भी दिल्ली के एम्स और आरएमएल से रिकॉर्ड मिलने का इंतजार है. गोखले ने ये सारी जानकारी एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, "यह कैसा लोकतंत्र है, जहां पुलिस पैलेट गन का इस्तेमाल करती है, इसके बारे में झूठ बोलती है और सवाल किए जाने पर घायलों की संख्या बताने से इनकार कर देती है?" उन्होंने आगे लिखा, "भारत की राजधानी के बीचोंबीच शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और सरकार व पुलिस अब भी इसका विवरण छिपा रही हैं. मोदी सरकार ने पैलेट गन से घायल लोगों की पुष्टि की गई संख्या अब तक जारी क्यों नहीं की है?" धरने पर बैठे राहुल गांधी ने कहा, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था. राहुल गांधी ने इस दौरान एक डब्बे से पैलेट्स निकालकर रिपोर्टरों को दिखाया और दावा किया कि ये … के शरीर से निकले हैं. उन्होंने कहा, "200 छर्रे इनके शरीर के अंदर हैं. तीन छर्रे इनकी आंख में हैं." उन्होंने दिल्ली के एम्स और लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल की रिपोर्ट दिखाई. उन्होंने कहा, "इन रिपोर्ट्स में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि इनके शरीर में 200 से ज़्यादा छर्रे हैं. इनकी आंख में तीन छर्रे हैं. उस आंख से ये नहीं देख पाएंगे और इनके दिल के पास भी छर्रे लगे हैं जो छुए नहीं जा सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने छर्रे नहीं चलाए, लेकिन आपने नहीं चलाए तो किसी ने तो चलाए होंगे. हम बस चाहते हैं कि एफ़आईआर दर्ज हो. जब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं होती हम यहां से नहीं हटेंगे." बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi

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