इसराइल के पीएम नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन को लेकर कही कई बातें
इमेज स्रोत, ilia YEFIMOVICH / AFP via Getty Images इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को बयान जारी कर तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन को "यहूदी-विरोधी और तानाशाह" बताया है. एक्स पर जारी बयान में इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है, "अर्दोआन एक यहूदी-विरोधी तानाशाह हैं, जिन्होंने कुर्दों का जनसंहार किया है. हमास के आतंकवादियों को पनाह दी है, साइप्रस के आधे हिस्से पर क़ब्ज़ा कर रखा है, और उसका विरोध करने वाले रिकॉर्ड संख्या में पत्रकारों और राजनेताओं को जेल में डाल दिया है." इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने आरोप लगाया कि "अर्दोआन अब इसराइल के ख़िलाफ़ अपनी आक्रामकता को सीरिया तक बढ़ाना चाहते हैं, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे." बयान में कहा, “इसराइल के नेताओं और सैनिकों को डराने-धमकाने की अर्दोआन की यह कोशिश किसी काम नहीं आएगी.” संबंधित ख़बर- तुर्की ने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया इमेज स्रोत, Sonu Mehta/Hindustan Times via Getty Images लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शन को लेकर बीजेपी नेता स्मृति इरानी ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राहुल गांधी से कुछ सवाल पूछे. स्मृति ईरानी ने कहा, "राहुल गांधी ने कब खुद को अदालतों के अधिकार के अधीन माना है? गांधी परिवार खुद को संसद, सुप्रीम कोर्ट और देश के कानून से भी ऊपर समझता है. ऐसे में उनकी नज़र में एक पुलिस थाने की क्या हैसियत है?" उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने राहुल गांधी से बार-बार इस मुद्दे पर चर्चा करने और सवाल पूछने के लिए आने को कहा था. स्मृति ईरानी के मुताबिक, गृह मंत्री ने राहुल गांधी के हर सवाल का जवाब देने की बात कही थी. बीजेपी नेता ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी अर्धसैनिक बलों और पुलिस पर हमला करने वालों के ख़िलाफ़ जांच की मांग की. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राहुल गांधी ने सेना का अपमान करने वालों के ख़िलाफ़ जांच की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक फ़ायदा उठाने के लिए किया, जबकि मामले की जांच पहले से ही चल रही थी. दरअसल, राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब को 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान लगी चोट को लेकर एफ़आईआर दर्ज कराने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे. आरोप है कि साहिल 20 जुलाई को पैलेट गन से घायल हुए थे. एफ़आईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे. उनकी मांग थी कि साहिल लोचब की ओर से दी गई लिखित पुलिस शिकायत के आधार पर एफ़आईआर दर्ज की जाए. हालांकि, बाद में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई. इमेज स्रोत, Win McNamee/Getty Images अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साउथ कैरोलाइना में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को अब 'अमेरिकी क्षेत्र' के तौर पर देखते हैं. उन्होंने यह भी कहा, "ईरान “समझौता करना चाहता है, लेकिन मेरी राय में वह सही समझौते के लिए अभी तैयार नहीं है." ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ तो “बहुत बुरा” होगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका ने इलाके में अपनी बड़ी सैन्य मौजूदगी बरकरार रखने के साथ-साथ ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ा दिया है. अमेरिका सोमवार को ईरान के ख़िलाफ़ नई पाबंदियों की जानकारी देने वाला है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक़, इन प्रतिबंधों का असर चीन समेत ईरान के कुछ बड़े कारोबारी साझेदारों पर भी पड़ सकता है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ अब भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इस जलमार्ग से तेल टैंकरों और दूसरे कारोबारी जहाजों की आवाजाही भी काफ़ी कम हो गई है. वहीं शुक्रवार को जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के ख़िलाफ़ "आर्थिक युद्ध" का रुख़ यह दिखाता है कि अमेरिका के सैन्य विकल्प सीमित हो गए हैं, तो ट्रंप ने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं." ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात पर नज़र रख रहा है और “देख रहा है कि क्या होता है.” इमेज स्रोत, Oleksandr Hanzha / Dnipropetrovsk regional administration रूस के ड्रोन हमले में यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर के एक शॉपिंग सेंटर में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 130 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 23 बच्चे भी शामिल हैं. कई लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बताया कि उनके होम टाउन में हुआ यह हमला दिन के वक्त दो चरणों में किया गया. उन्होंने इसे “बेहद निंदनीय और घिनौना” हमला बताया. ज़ेलेंस्की के मुताबिक, दूसरे ड्रोन हमले में उन बचावकर्मियों को निशाना बनाया गया, जो पहले हमले के बाद मौक़े पर राहत और बचाव का काम कर रहे थे. बीबीसी ने एक वीडियो को वेरीफाई किया है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि दूसरा ड्रोन पहले से जल रहे शॉपिंग सेंटर से टकराता है. यह हमला यूक्रेन के द्निप्रोपेत्रोव्स्क इलाक़े में हुआ. रूस की सेना की ओर से इस हमले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. द्निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र के प्रमुख ओलेक्ज़ांद्र हांझा ने शुक्रवार शाम बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है. इनमें दो लोग ऐसे थे, जिनकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, 130 लोग घायल हुए हैं और इनमें 29 की हालत गंभीर बनी हुई है. ऐसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए यूक्रेन के चार अन्य इलाक़ों से भी बचाव दलों को तत्काल क्रिवी रिह भेजा जा रहा है. बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. - रिस्क लेने का मनोविज्ञान: क्या आप सीधे 50 हज़ार डॉलर लेंगे या 10 लाख डॉलर जीतने के लिए टॉस करना चाहेंगे? - पैलेट गन के मामले में साहिल लोचब की शिकायत पर एफ़आईआर दर्ज, राहुल गांधी ने क्या कहा? - सूरत के कुछ कारखानों में बिना वीकली ऑफ़ 12 घंटे काम, मज़दूरों ने उठाई आवाज़ - तमिलनाडु के सीएम विजय ने अमित शाह से मिलने के बाद क्या अपना रुख़ नरम कर लिया?
स्रोत: BBC Hindi