Xप्लेन: लोकसभा में NDA का जलवा, UP में योगी की राहें मुश्किल, CJP को कितने वोट? सर्वे के नतीजे ने चौंकाया
प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक से लेकर जातीय जनगणना और Gen-Z (युवाओं) की नाराजगी जैसे मुद्दे देश की राजनीति के केंद्र में हैं. विपक्ष का दावा है कि इन ज्वलंत मुद्दों के कारण जनता सत्तारूढ़ पार्टी से खफा है, जिसका असर आगामी विधानसभा और साल 2029 के लोकसभा चुनावों पर पड़ेगा. हालांकि, इस राजनीतिक बहस के बीच आए इंडिया टुडे-सी वोटर (India Today - C Voter) के ताजा ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वे के आंकड़े एक अलग ही सियासी कहानी बयां कर रहे हैं.
सर्वे के अनुसार, यदि देश में आज अचानक लोकसभा चुनाव हो जाएं, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 45% वोट शेयर और 326 सीटों के साथ एक बार फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाता दिख रहा है. वहीं, विपक्षी INDIA ब्लॉक को 185 सीटें (39% वोट शेयर) और अन्य दलों को 32 सीटें मिलने का अनुमान है. पार्टी स्तर पर BJP अकेले 261 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभर रही है, जबकि कांग्रेस को 106 सीटें मिलने का आकलन है.
राज्यवार नतीजों में दिलचस्प संतुलन नजर आ रहा है जहां उत्तर प्रदेश में INDIA ब्लॉक 41 सीटों के साथ NDA (38 सीटें) पर बढ़त बनाता दिख रहा है, वहीं महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल (35 सीटें) में NDA की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है.
1 जुलाई से 25 अगस्त 2026 के बीच देश भर के 1.16 लाख से अधिक लोगों की राय पर आधारित यह सर्वे, राजनीतिक दावों से इतर देश के मतदाताओं के मौजूदा मूड की एक तस्वीर सामने रखता है.
आज तक पर प्रकाशित इंडिया टुडे-सी वोटर के ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वे (27 अगस्त 2026) के अनुसार अगर आज लोकसभा चुनाव हुए तो किसको कितनी सीटें मिलने का अनुमान है
1. कुल सीट अनुमान (लोकसभा 543 सीटें) गठबंधन / दल अनुमानित सीटें NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) 326 सीटें INDIA ब्लॉक 185 सीटें अन्य 32 सीटें प्रमुख पार्टियों का सीट अनुमान: BJP (अकेले): 261 सीटें
Congress (अकेले): 106 सीटें
अन्य दल (कुल मिलाकर): 176 सीटें
2. वोट शेयर (Vote Share) गठबंधन अनुमानित वोट शेयर NDA 45% INDIA ब्लॉक 39% अन्य 16% 3. प्रमुख राज्यों का आंकड़ा लोकसभा चुनाव से पहले जिस एक राज्य के विधानसभा चुनाव की सबसे ज्यादा चर्चा है वो उत्तर प्रदेश है. ताजा सर्वे में यहां के आंकड़े देख लीजिए
उत्तर प्रदेश (कुल सीटें: 80) INDIA ब्लॉक: 41 सीटें (वोट शेयर: 40%)
NDA: 38 सीटें (वोट शेयर: 42%)
महाराष्ट्र (कुल सीटें: 48) NDA: 31 सीटें (वोट शेयर: 49%)
INDIA ब्लॉक: 17 सीटें (वोट शेयर: 43%)
पश्चिम बंगाल (कुल सीटें: 42) NDA: 35 सीटें (वोट शेयर: 46%)
INDIA ब्लॉक: 7 सीटें (वोट शेयर: 11%)
पंजाब (कुल सीटें: 13) INDIA ब्लॉक: 11 सीटें (वोट शेयर: 25%)
NDA: 1 सीट (वोट शेयर: 16%)
4. सर्वे का सैंपल साइज और कार्यप्रणाली सर्वे की अवधि: 1 जुलाई 2026 से 25 अगस्त 2026
कुल सैंपल साइज़: 1,16,644 लोग
पीएम मोदी के कामकाज को लेकर क्या है जनता की राय?
इस सर्वे में पीएम मोदी के कामकाज से जनता कितनी खुश है इसको लेकर भी सवाल पूछे गए. जिन लोगों प्रधानमंत्री के काम-काज को लेकर खुशी जताई उनमें 51 फीसदी लोग थे. 17 प्रतिशत ने पीएम के कामकागज को औसत करार दिया, जबकि 27 प्रतिशत लोगों ने इसे खराब माना.
वहीं NDA के सबसे बड़ी उपलब्धी में 13 प्रतिशत लोगों ने राजनीतिक स्थिरता को चुना. राम मंदिर और बुनियादी ढांचे के विकास को 11-11 प्रतिशत.
प्रधानमंत्री के लिए जनता की पहली पसंद कौन
सर्वे में प्रधानमंत्री पद की पसंद को लेकर भी जनता की राय स्पष्ट नजर आई. सर्वाधिक 49% लोगों ने देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी पर अपना भरोसा जताया. कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 27% जनता का समर्थन मिला. वहीं तमिलनाडु के अभिनेता और नेता सी. जोसेफ विजय को 9% लोगों ने अपनी पहली पसंद बताया.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड पर लोगों की क्या राय
सर्वे में राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड के राजनीतिक प्रभावों पर भी जनता का रुख जाना गया. इसके नतीजों में व्यापक असंतोष देखने को मिला. सर्वाधिक 47% लोगों की स्पष्ट राय थी कि इस घटना से केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारों की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. 8% उत्तरदाताओं का मानना था कि इसका असर सिर्फ केंद्र सरकार तक सीमित रहा. वहीं 7% लोगों ने इसके लिए केवल राज्य सरकार को प्रभावित माना. इसके उलट, 20% जनता का मानना था कि इसका कोई व्यापक राजनीतिक असर नहीं हुआ है और वे इसे महज एक स्थानीय प्रशासनिक चूक या मामला मानते हैं.
क्या कॉकरोच जनता पार्टी को वोटर्स का मिलेगा समर्थन
MOTN सर्वे के अनुसार, 39% लोगों की राय है कि CJP को केवल प्रेशर ग्रुप के रूप में कार्य करना चाहिए, जबकि 26% लोग इसे चुनावी राजनीति में उतरते देखना चाहते हैं. यदि CJP चुनाव लड़ती है, तो 33% लोगों ने उसे वोट देने का समर्थन जताया, वहीं 43% लोगों ने साफ तौर पर वोट देने से इनकार किया.
Gen-Z के मुख्य मुद्दे क्या
वहीं Gen-Z के मुख्य मुद्दे को लेकर सर्वे में शामिल 53% युवाओं ने 'नौकरी' (रोजगार) को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया, और 63% का मानना है कि उन्हें रोजगार योग्य बनाने की मुख्य जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की है.
स्रोत: ABP Hindi