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सीएम योगी के दौरे में विश्वविद्यालय की मांग न पूरी होने से लाखों छात्र छात्राओं में छाई मायूसी

✍️ Admin 📅 06 June, 2026 ⏰ 01:35 PM 👁 295 views

गोंडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करनैलगंज क्षेत्र के कार्यक्रम में  विश्वविद्यालय की मांग न पूरी होने से जिले के युवाओं में मायूसी छा गई  है। इसकी मांग को लेकर जिले के युवा कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। जिले के युवा गोंडा को नया विश्वविद्यालय देने की मांग विभिन्न मंचो पर लम्बे समय से उठाते रहे हैं। उच्च शिक्षा हेतु जिले में लाखों छात्र छात्राओं की संख्या होने के बावजूद विश्वविद्यालय न होना बड़ा दुर्भाग्य माना जा रहा है।  

जिले के दो सांसद एवं सात विधायकों द्वारा इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे की मांग करने से लगातार कतराते रहना ज्यादा गंभीर सवाल खड़े कर देता है। अब बड़ा दिलचस्प सवाल यह उठता है कि बदले परिवेश में जब योगी  सरकार कई नए व छोटे जिलों में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दे रही है तो गोंडा के सभी माननीय यहां नया विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग पुरजोर तरीके से क्यों नहीं उठा पा रहे हैं। विश्वविद्यालय बनाने के मुद्दे को अब कोई जनप्रतिनिधि उठाने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहा है। सभी माननीयों को आखिर ऐसा करने से उन्हें किसका डर सताता है और उन्हें कौन रोक रहा है। विभिन्न मंचों पर लम्बें लच्छेदार भाषण देने और सरकारी विकास योजनाएं गिनाने की तो होड़ मची रहती है। क्या गोंडा में नया विश्वविद्यालय स्थापित होने से जिले का विकास प्रभावित हो जायेगा या यह मुद्दा विकास योजनाओं में शामिल नहीं है।  

जबकि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में नया विश्वविद्यालय स्थापित करने का ऐलान कर रखा है। इसके बावजूद जिले के सात विधायकों एवं दो सांसदों में से कोई गोंडा में नया विश्वविद्यालय बनाया जाने की मांग को गंभीरता से उठाने को लेकर पता नहीं क्यों कतरा रहे हैं। गोंडा में उच्च शिक्षा के विकास को लेकर कोई जनप्रतिनिधि गम्भीर क्यों नहीं दिखाई पड़ रहा है। इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाने से उन्हें कौन रोक रहा है या किसका डर उनमें समाया हुआ है। जिले के जनप्रतिनिधि उच्च शिक्षा के सबसे बड़े संस्थान विश्व विद्यालय की मांग न करके स्पोर्टस कालेज, नवोदय विद्यालय एवं केंद्रीय विद्यालयों की मांग कर रहे हैं। यही इस जिले की सबसे बड़ी विडम्बना बन कर रह गया है। वर्तमान परिवेश में जिले के लाखों युवाओं को उच्च शिक्षा संस्थान की सर्वाधिक आवश्यकता है लेकिन इस ओर कोई माननीय ध्यान नहीं दे रहा है। जिले के छात्र छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा हेतु सर्वाधिक महत्वपूर्ण मुद्दा विश्व विद्यालय जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार बनकर रह गया है। 

जबकि उत्तर प्रदेश सरकार भदोही और शाहजहांपुर में दो नए विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी कई महीने पहले दे चुकी है। बजट सत्र के पहले दिन विधानमंडल में इस संबंध में अध्यादेश पेश किए गए। शाहजहांपुर में शुकदेवानंद विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश-2026 को विधानमंडल में पेश किया। विधान परिषद में नगर विकास मंत्री ने उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) अध्यादेश-2026 और उत्तर प्रदेश नगर पालिका (संशोधन) अध्यादेश-2026 की सूचना सदन के पटल पर रखी। इसके अलावा, 12 नए अधिनियमों के निर्माण की भी सूचना दी गई। सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने राज्यपाल के अभिभाषण का अनुसरण करते हुए सदस्यों को नए विश्वविद्यालयों और अधिनियमों के महत्व की जानकारी दी। इन कदमों से राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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