दाने दाने को मोहताज महिला ने तीन बच्चों संग टावर पर चढ़कर किया हाई वोल्टेज ड्रामा
गोण्डा। दाने दाने को मोहताज हुई महिला ने रेलवे टावर पर चढ़कर हाई वोल्टेज ड्रामा किया। इससे पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया।
मामला थाना कोतवाली नगर क्षेत्र का है। एक महिला 3 बच्चों संग रेलवे टावर पर चढ़ गई और हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। टावर से महिला कूदने की धमकी देना शुरू कर दिया, मामले की सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ पुलिस समझाने बुझाने में जुट गई। महिला राम इकबाल नामक व्यक्ति से खर्चे की मांग कर रही है। 9 साल से राम इकबाल से बातचीत होने का दावा कर रही है। महिला का आरोप- है कि पति ने पहले ही उसे छोड़ दिया है और अब राम इकबाल भी खर्चा नहीं दे रहा है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तरबगंज के तिवारी बाजार की रहने वाली एक महिला अपने 3 मासूम बच्चों के साथ रेलवे के ऊंचे टावर पर चढ़ गई और कूदने की धमकी देने लगी। महिला का आरोप है कि पति ने उसे छोड़ दिया और 9 साल से संबंध में रहने वाला व्यक्ति भी खाना-खर्च नहीं दे रहा। महिला ने टावर पर चढ़कर चिल्लाते हुए बताया कि उसका पति उसे छोड़कर चला गया है। इसके बाद वह किंन्हौरा गांव निवासी राम इकबाल के साथ पिछले 9 साल से रह रही थी। महिला का आरोप है कि वह राम इकबाल से लगातार खाना-खर्च मांग रही है, लेकिन वह भी देने को तैयार नहीं है। आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने बच्चों सहित जान देने का फैसला किया।
यह पहली बार नहीं है जब महिला ने ऐसा कदम उठाया हो। करीब महीने भर पहले यही महिला पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के एक स्कूल के टावर पर भी चढ़ चुकी है। उस समय भी खाना-खर्च को लेकर विवाद बताया गया था। पुलिस ने समझा-बुझाकर तब उसे नीचे उतारा था।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। टावर के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई। अधिकारी घंटों महिला को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं थी। टावर पर महिला के साथ 3 छोटे बच्चे भी थे, जिससे पुलिस की टेंशन और बढ़ गई। रेल संचालन प्रभावित होने का खतरा मंडराता रहा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला और बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी। राम इकबाल और महिला के पति दोनों से पूछताछ की जाएगी।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि महीने भर में दूसरी बार टावर पर चढ़ने के बाद भी महिला को कोई स्थायी मदद क्यों नहीं मिली? क्या महिला संरक्षण विभाग और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी सो रही है।