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Health

10 सालों से हलधरमऊ सीएचसी अधीक्षक एक ही स्थान पर जमें सरकारी योजनाओं में बड़े खेल की आशंका

✍️ Admin 📅 10 June, 2026 ⏰ 11:27 AM 👁 317 views

बालपुर गोंडा। माननीयों व विभागीय अधिकारियों की सेटिंग से 10 सालों से हलधरमऊ सीएचसी अधीक्षक एक ही जगह जमे हुए है। सीएचसी, पीएचसी  एवं  स्वास्थ्य उपकेन्द्र भवनों के मेन्टेनेन्स  के लिए लाखो रुपए का सालाना बजट आता रहा है। सीएचसी व तीनों पीएचसी व 20 स्वास्थ्य उपकेन्द्र के लिये लाखों का मिलने वाले बजट का इस्तेमाल कहाँ किया गया है यह यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है। यहां सरकारी योजनाओं के बजट इस्तेमाल में बड़ा खेल किया जाना बताया जा रहा है।

हलधरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीक्षक के पद पर डॉक्टर सन्त प्रताप वर्मा माननीयों एवं विभागीय अधिकारियों से सेटिंग के दम पर पिछले 10 सालों से जमें हुए हैं। तत्कालीन अधीक्षक डा. मनोज के स्थानांतरण के बाद डॉक्टर आफताब आलम करीब 4 माह तक यहां के अधीक्षक पद पर कार्यरत रहे। 8 जुलाई 2016 से डा. सन्त प्रताप वर्मा सीएचसी हलधरमऊ के अधीक्षक पद पर अपना कब्जा जमाए हुए हैं। इसीबीच में उनका तबादला सीएचसी हलधरमऊ से बभनजोत के लिए कर दिया गया। उनके स्थान पर संक्रामक रोग सेल में कार्यरत डॉक्टर प्रेम दयाल को हलधरमऊ सीएचसी का नया अधीक्षक बनाया गया था।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक हलधरमऊ सीएचसी अधीक्षक के 10 चले लम्बे कार्यकाल में किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उनके द्वारा मेंटिनेंस नहीं कराया गया। जबकि सीएचसी समेंत सभी पीएचसी एवं स्वास्थ्य उपकेन्द्र के भवन के रखरखाव को लेकर प्रत्येक वर्ष अच्छा खासा बजट सरकार की ओर से आता रहा है। जानकारों के मुताबिक सीएचसी हेतु एक लाख, पीएचसी हेतु 50000, स्वास्थ्य उपकेन्द्र हेतु 20000 रुपए सालाना का बजट मिलता है। इसके बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरांव की खण्ड खण्ड टूटी चारदीवारी ढहनी शुरू हो गई है। इसका मेन गेट कई सालों पहले तोड़कर गायब कर दिया गया है। यह अस्पताल पिछले कई सालों से लैब सहायक नागेंद्र प्रसाद के सहारे संचालित किया जा रहा है। उनके यहां इमर्जेंसी कार्य पढ़ने पर यह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बन्द हो जाता है। इसी बीच में उनकी पत्नी की तबियत ज्यादा सीरियस हो गई और उन्हें घर जाना पड़ा उतने दिनों यह पीएचसी महीनों तालाबंदी का शिकार रहा।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहवा परसौरा की उत्तरी भाग की चारदीवारी पिछले 10 सालों से ढही पड़ी हुई है और उसका निर्माण नहीं कराया जा सका है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बालपुर के सभी आवासीय भवन कबाड़ हो चुके है। यहां की पश्चिमी चारदीवारी ढहनी शुरू हो गई है। तीनों पीएचसी पर अस्पताल निर्माण के समय बनी पानी की टंकियां खराबी का शिकार है और कभी नहीं इस्तेमाल हो पाई। नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हड़ियागाड़ा में बड़ी चोरी होने के बावजूद एफआईआर तक नहीं दर्ज कराई जा सकी है। साफ सफाई व्यवस्था सभी अस्पतालों में चौपट है।

18 स्वास्थ्य उपकेन्द्र हलधरमऊ सीएचसी क्षेत्र में हैं। इनमें कैथोला,छिटनापुर,धोबहा रॉय, परसा गोण्डरी, पतिसा, मैजापुर, गद्दोपुर, गौरवा खुर्द, नहवापरसौरा, बराव, धमसड़ा सेल्हरी समेत 18 बने हुए है। 13 नए स्वास्थ्य उपकेन्द्र बनने के लिए आये है। मीनापुर, भैरमपुर, सोनहरा,बीबी सिंह समेत 4 किराये के मकान में संचालित हो रहे है। 22 जगहों पर एएनएम की तैनाती है। शेष 9 स्थानों पर एएनएम की तैनाती नहीं है। सीएचसी हलधरमऊ एवं पीएचसी बालपुर में महिलाओं का प्रसव कराया जा रहा है। जबकि कागजों में अन्य कई स्वास्थ्य उपकेन्द्रों पर भी प्रसव कराया जाना दिखाया जा रहा है। प्रसव कराने वाली महिलाओं को भोजन एवं नाश्ता तक नहीं दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सीएचसी पर फर्जी मरीजों की भर्ती का खेल ज्यादा दिनों से चल रहा है। इस तरह से क्षेत्रीय जनता के स्वास्थ्य लिए चल रही अनेक स्वास्थ्य योजनाओं में यहां बड़े खेल किए गए बताए जा रहे हैं।

इस बारे में जब भी डा. सन्त प्रताप वर्मा से पूछा गया तो उनका वही रटा रटाया जवाब मिलता रहा है कि इसकी जिम्मेदारी जिले के उच्चाधिकारियों की है। उनका इससे कोई लेना देना नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर संत लाल पटेल से कॉल करने के बावजूद बात नहीं हो पाई है।

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