शून्य से 5 वर्षों तक के बच्चों को दवा पिलाकर डीएम ने किया पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
गोंडा 28 जून, 2026*।
जनपद में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान को लेकर जिला महिला अस्पताल गोंडा में शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाकर जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने की शुरुआत।
उन्होंने बताया है कि इस अभियान के तहत जनपद के शून्य से पांच वर्ष तक के 5.77 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान कोई भी पात्र बच्चा दवा पीने से वंचित न रहे।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई थी। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा था कि पोलियो उन्मूलन की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य, बाल विकास एवं अन्य सहयोगी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा अभियान की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*सभी तैयारियां पूरी, टीमें रहेंगी सक्रिय*
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थी। बूथ संचालन, घर-घर भ्रमण, पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। अभियान की निगरानी के लिए 365 सुपरवाइजर तैनात किए गये हैं। आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सीएचओ तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मुइनुद्दीन चिस्ती ने बताया कि अभियान के प्रथम दिन जिले में 1977 फिक्स्ड बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद छूटे हुए बच्चों तक पहुंचने के लिए 1171 हाउस-टू-हाउस टीमें घर-घर भ्रमण करेंगी। वहीं बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 75 ट्रांजिट टीमें तथा दूरस्थ एवं विशेष क्षेत्रों के लिए 45 मोबाइल टीमें तैनात की गई है।
*प्रवासी और वंचित परिवारों के बच्चों पर रहेगा विशेष ध्यान*
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों, घुमंतू एवं प्रवासी परिवारों के बच्चों को अभियान में विशेष प्राथमिकता दी जाए। इन स्थलों पर रहने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जाएगी और मोबाइल व ट्रांजिट टीमें सक्रिय रूप से कार्य करेंगी, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन ब्लॉक एवं जिला स्तर पर की जाएगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य ले जाएं और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला महिला अस्पताल डॉक्टर देवेंद्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आदित्य वर्मा, डॉक्टर पंकज तिवारी, डॉक्टर आरपी सिंह, सहित अन्य सभी डॉक्टर्स एवं सहयोगी अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।