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कई सालों से कार्यरत एसपी का तबादला तेज तर्रार एसपी अभिषेक झा को मिली गोंडा की कमान

✍️ Admin 📅 21 August, 2026 ⏰ 06:25 PM 👁 232 views



गोंडा। जिले की पुलिस व्यवस्था में गुरुवार देर रात बड़ा फेरबदल हुआ है। शासन ने करीब ढाई साल से अधिक समय से जिले में लंबी पारी खेल रहे पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को हटा दिया है। शासन द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार आईपीएस विनीत जायसवाल को गोंडा से स्थानांतरित कर पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर बनाया गया है। उनके स्थान पर आईपीएस अभिषेक झा को जिले की कमान सौंपी गई है। अभिषेक झा अभी तक बिजनौर जिले में एसपी के पद पर तैनात थे। उनका तबादला बिजनौर से गोंडा किया गया है। वहीं बिजनौर की कमान अब संभल के एसपी रहे कृष्ण कुमार बिश्नोई को सौंपी गई है।

आईपीएस विनीत जायसवाल ने 18 दिसंबर 2023 को गोंडा के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने जिले में लगभग 20 महीने तक कानून-व्यवस्था संभाली। अब शासन ने उन्हें सुल्तानपुर जिले की जिम्मेदारी दी है।

नवागत एसपी अभिषेक झा की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है। सूचना के मुताबिक इनका जन्म 25 सितंबर 1988 को बिहार के कटिहार में हुआ था। पिता भारत भूषण झा डीएम कार्यालय में हेड क्लर्क और माता शिक्षिका रहीं। शिक्षा 10वीं कटिहार, और 12वीं पटना से तथा उसके बाद कालीकट से बीटेक किया। उसके बाद हैदराबाद में एक मल्टीनेशनल कंपनी में मोटे पैकेज पर नौकरी लगी। रात में काम और दिन में सोने से सेहत बिगड़ी तो 2011 में नौकरी छोड़ दी। 

इसके बाद उन्होने यूपीएससी का सफर शुरु किया। प्रतियोगी पत्रिकाओं में आईएएस आईपीएस के इंटरव्यू पढ़कर सिविल सर्विस का सपना देखा। 2011 में मुखर्जी नगर दिल्ली आकर तैयारी शुरू की। 2012 में पहला प्रयास फेल, तीसरे प्रयास में 2015 में यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने। इससे पहले इंडियन रेलवे सर्विस में भी चयन हुआ था, जिसे छोड़कर आईपीएस जॉइन किया। अयोध्या, झांसी, आगरा, अलीगढ़ में अंडर ट्रेनी रहे। नोएडा में डीसीपी क्राइम रहे। 27 जून 2022 को शामली के एसपी बने, जहाँ अपराधमुक्त शामली के लिए चर्चित हुए। 14 जुलाई 2024 से बिजनौर के एसपी थे।

बिजनौर में तैनाती के दौरान अभिषेक झा ने अनुशासनहीनता पर एक ही दिन में 23 कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया था। नांगल में 4 लोगों की मौत के मामले में डंपर बदलने पर सीओ और सिपाही को सस्पेंड कर दिया था। इसी तेजतर्रार ईमानदार और अनुशासनप्रिय कार्यशैली के कारण उनका नारा है-"लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस"। अब गोंडा की जनता को नए कप्तान से अपराध नियंत्रण और थानों में व्याप्त लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।

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