Regd. UDYAM-UP-31-0004031
प्रदेश के तेजी से उभरते हुए जनसंवाद समाचार न्यूज चैनल व न्यूज पोर्टल पर अपने व्यवसाय व शिक्षण संस्थान के तेजी से आगे बढ़ोत्तरी के लिए प्रचार प्रसार कराकर लाभ प्राप्त करने के लिए सम्पर्क करें। सम्पर्क सूत्र 9506980980

'नेहरू-इंदिरा देश की जनता को समस्या मानते थे', राज्यसभा में PM मोदी ने गिनाईं कांग्रेस की गलतियां | बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने पहुंचे. लेकिन भाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और सदन से वॉकआउट कर लिया. हालांकि, PM मोदी ने अपना भाषण जारी रखा और कहा कि जो लोग थक कर चले गए उन्हें जवाब देना होगा. PM मोदी ने अपने भाषण में कई बड़ी बातें कहीं हैं...

कांग्रेस ने भारत को 11 नबंर की इकोनॉमी पर पहुंचाया: PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि भारत आज विश्व की चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बन गया है. जब देश आजाद हुआ था तो 6 नंबर की इकॉनमी पर थे. लेकिन कांग्रेस ने 11 नंबर पर पहुंचा दिया. आज हम इसको 3 नंबर पर लेकर जा रहे हैं. कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के भाषण का विश्लेषण करके देख लो न उनके पास कोई विजन था न ही कोई इच्छाशक्ति थी. उस समय में जो भारत की छवि थी उसको तोड़ने में हमारी काफी शक्ति लगी है. हमने उनकी गलतियां सुधारी हैं.

PM मोदी ने कहा, 'जब मैं पैदा भी नहीं हुआ था तब सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सरदार सरोवर बांध का सपना देखा था. अब जब मैं प्रधानमंत्री बना तो उनका सपना पूरा किया है.'

नेहरू-इंदिरा देशवासियों को समस्या समझते थे: PM मोदी

PM मोदी ने इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू पर तंज कसते हुए कहा, 'जब किसी ने इंदिरा गांधी से पूछा था कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के सामने कितनी समसम्याएं हैं? तो उन्होंने उत्तर दिया था 35 करोड़. उस समय हमारे देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी. 35 करोड़ देशवासी नेहरू को समस्या लगते थे. इंदिरा ने आगे कहा कि आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है. इसलिए मेरी समस्याओं की संख्या भी उतनी ही बढ़ी है. पिता को 35 करोड़, इंदिरा को 57 करोड़ है. ऐसा हो सकता है क्या?'

कांग्रेस के कार्यकाल में नेताओं के फोन से मिलते थे पैसे: PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि 2014 से पहले फोन बैंकिंग ऐसी थी की नेता का फोन जाता था और उनको करोड़ों रुपए मिल जाते थे. कांग्रेस के एक फोन पर अरबों रूपए मिलते रहे और गरीब लोग बैंकों का मुंह ताकते रह जाते थे. कांग्रेस के राज में बैंकिंग व्यवस्था तबाही की कगार पर कड़ी थी. PM मोदी ने कहा, 'हमारे सामने चुनौती बड़ी थी हमने हिम्मत से काम लिया और ढेर सारे बैंकिंग रिफॉर्म किए. हमने सरकारी बैंक का बड़े बैंकों के साथ मर्जर किया, जिससे बैंकों में जो बीमारी घर कर गई थी उससे मुक्ति मिली और बैंक अब तेजी से दौड़ रहे हैं.'

बस्तर के गांवों में लोगों ने पहली बार बस देखी: PM मोदी

PM मोदी ने कहा, 'यहां कुछ सदस्यों ने पॉलिसी के इम्प्लीमेंटेशन पर सवाल उठाए. मैं फैक्ट्स बताना चाहता हूं कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कांग्रेस पार्टी के काम करने के तरीके से पूरी तरह वाकिफ थीं, फिर भी इसे सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए. इंदिरा गांधी ने प्लानिंग कमीशन को पूरी तरह खत्म कर दिया, जिसे उनके पिता (जवाहरलाल नेहरू) ने बनाया था. 2014 के बाद, हमने प्लानिंग कमीशन को खत्म कर दिया और नीति आयोग लाए. आज, नीति आयोग तेजी से काम कर रहा है. पहला स्टेप था यंग, ​​टैलेंटेड ऑफिसर्स को अपॉइंट करना और उन्हें काम करने का पूरा तीन साल का मौका देना. एक के बाद एक फैसले लिए गए और छत्तीसगढ़ के बस्तर की चर्चा पूरे देश में बस्तर ओलंपिक्स के लिए हो रही है. बस्तर के गांवों में लोगों ने पहली बार बस देखी और उत्सव मनाया था.

राहुल का अहंकार 7वें आसमान पर पहुंचा: PM मोदी

राहुल गांधी की गद्दार वाली टिपण्णी पर PM मोदी ने कहा कि कल जो घटना घटी, इसी सदन के माननीय सांसद (बिट्टू ) को कांग्रेस के शातिर दिमाग वाले  युवराज (राहुल गाँधी) ने गद्दार कह दिया. राहुल गांधी का अहंकार 7वें आसमान पर पहुंच गया है. कल सांसद को गद्दार इसलिए कहा क्यों की ये सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था. कांग्रेस के अंदर कूट-कूट कर सिखों के लिए नफरत भरी है. मेरे देशवासी को कोई गद्दार कहे, देश कैसे स्वीकार करेगा?

जब सदन में रो पड़े थे CM आदित्यनाथ: PM मोदी

PM मोदी ने कहा, 'एक बार, उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ असेंबली में बोलते हुए रो पड़े थे, क्योंकि दिमागी बुखार (इंसेफेलाइटिस) से बहुत सारे बच्चे मर रहे थे. लेकिन पिछली सरकार ने इसके बारे में कुछ नहीं किया. हमने लोगों को इससे और आंखों की बीमारी ट्रेकोमा से भी राहत दिलाई. ये हमारी कामयाबी है. यही उन्हें परेशान कर रहा है. दिमागी बुखार से अनगिनत बच्चे मर रहे थे, फिर भी इन लोगों ने कभी नहीं सोचा कि दिमागी बुखार ठीक हो सकता है. 

स्रोत: ABP Hindi