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ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना प्रमुख 'तुरंत प्रभाव' से छोड़ेंगे अपना पद

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के दौरान अमेरिकी नौसेना के प्रमुख जॉन फ़ेलन 'तत्काल प्रभाव' से अपना पद छोड़ रहे हैं. पेंटागन प्रवक्ता सीन पर्नेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जानकारी दी. साथ ही कहा कि नौसेना के अंडरसेक्रेटरी हंग काओ अब कार्यवाहक सचिव होंगे. फ़ेलन का नाम उन बड़े सैन्य अधिकारियों में जुड़ गया है, जिन्होंने हाल के महीनों में अपना पद छोड़ा है. कुछ हफ़्ते पहले ही अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ रैंडी जॉर्ज से पद छोड़ने को कहा था. दो अन्य आर्मी अधिकारी, जनरल डेविड हॉडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन को भी हाल ही में उनके पदों से हटाया गया है. पेंटागन में आने के बाद से हेगसेथ ने दर्जन से ज़्यादा वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया है, जिनमें नौसेना संचालन प्रमुख और एयरफ़ोर्स के उप प्रमुख भी शामिल हैं. फ़ेलन पहले कभी सेना में नहीं रहे थे, वो मार्च 2025 में नौसेना प्रमुख बने थे. उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 में नामित किया था. उनके पद पर आने वाले काओ अक्तूबर 2025 में अंडरसेक्रेटरी बने थे और वे नौसेना में 25 साल सर्विस कर चुके हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर आज यानी गुरुवार को वोटिंग है, जो सुबह 7 बजे से शुरू हो गई. इन सीटों के लिए कुल 1478 उम्मीदवार मैदान में हैं. पहला चरण राज्य की कुल 294 सीटों में से आधी से ज़्यादा सीटों को कवर करता है. चुनाव आयोग के मुताबिक़ इस चरण में कुल मतदाताओं की संख्या 3.60 करोड़ से ज़्यादा है. इनमें क़रीब 1.85 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिलाएं और 465 थर्ड जेंडर के मतदाता शामिल हैं. पीटीआई के मुताबिक़, राज्य में 2.5 लाख जवानों वाली केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,450 कंपनियां तैनात की गई हैं. 8,000 से ज़्यादा मतदान केंद्रों को बेहद संवेदनशील माना गया है. पहला चरण राजनीतिक रूप से अहम है क्योंकि इसमें उत्तर बंगाल की सभी 54 सीटें आती हैं. यही इलाका 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की मज़बूती का कारण बना था और 2021 के विधानसभा चुनाव में भी वो टीएमसी को चुनौती दे पाई थी. पहले फ़ेज़ की इन 152 सीटों में 2021 में बीजेपी ने 59 और टीएमसी ने 93 सीटें जीती थीं. दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी. वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी. इमेज स्रोत, truthsocial/@realDonaldTrump अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जिन आठ ईरानी महिला प्रदर्शनकारियों को फ़ांसी दी जानी थी, अब उन्हें फ़ांसी नहीं दी जाएगी. हालांकि, ईरान ने साफ़ किया कि इन महिलाओं को फ़ांसी देने का कोई इरादा ही नहीं था. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा,"बहुत अच्छी ख़बर आ रही है. मुझे बताया गया कि इन सभी आठ महिला प्रदर्शनकारियों को नहीं मारा जाएगा. चार को तो फ़ौरन रिहा कर दिया जाएगा और बाक़ी चार को एक महीने तक जेल में रहना होगा. मैं ईरान और उसके नेताओं की इस बात के लिए सराहना करता हूं कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति होने के नाते मेरी अपील मानकर इन महिलाओं की फांसी की सज़ा रद्द कर दी." ट्रंप ने मंगलवार को ईरानी शासन से इन महिलाओं के बारे में पूछा था और लिखा था कि उनकी रिहाई 'हमारी बातचीत की अच्छी शुरुआत होगी.' ऐसा तब हुआ जब ख़बरें आ रही थीं कि जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल इन महिलाओं को ईरान में फांसी दी जाने वाली है. बीबीसी अरबी के मुताबिक़, ईरानी न्यायपालिका से जुड़ी मिज़ान न्यूज़ एजेंसी ने बताया, "ट्रंप को झूठी ख़बरों ने गुमराह किया, जो विरोधी मीडिया चैनलों ने फैलाई थीं. कुछ महिलाएं पहले ही रिहा हो चुकी हैं और बाक़ी पर ऐसे आरोप हैं जिनमें मौत की सज़ा नहीं बनती." युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने बारह से ज़्यादा लोगों को फ़ांसी दी है. इनमें से कुछ पर इसराइल के लिए जासूसी करने का आरोप था और कुछ इस साल की शुरुआत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे. इमेज स्रोत, Iranian Presidency / Handout/Anadolu via Getty Images ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि ईरान बातचीत का स्वागत करता है, लेकिन इसमें धमकियां रुकावट बन रही हैं. मसूद पेज़ेश्कियान ने यह बात ऐसे समय में कही है, जब अमेरिका दूसरे दौर की वार्ता चाहता है. ईरानी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान बातचीत और समझौते का स्वागत करता है और आगे भी करता रहेगा. वादों का तोड़ना, रोक लगाना और धमकियाँ बातचीत में सबसे बड़ी रुकावट हैं." उन्होंने लिखा, "दुनिया आपकी (अमेरिका) कभी न खत्म होने वाली दोहरी बातें, दावे और कामों के बीच का फ़र्क देख रही है." गौरतलब है कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत रद्द हो गई थी, क्योंकि ईरान ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई थी. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पन्ने पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ें- - अमेरिका की ओर से युद्धविराम बढ़ाने पर अरब मीडिया में क्या कहा जा रहा है? - ईरान ने तीन मालवाहक जहाज़ों पर हमले के बाद दो को ज़ब्त किया - ईरान ने कैसे हासिल की ड्रोन तकनीक में महारत - ईरान अमेरिका से बात करने में दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहा है?

स्रोत: BBC Hindi