ईडी की छापेमारी में दखलअंदाजी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की है. एजेंसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, 'संविधान निर्माताओं ने ऐसी स्थिति की कल्पना भी नहीं की होगी कि कभी कोई मुख्यमंत्री जांच के बीच में दखल देने पहुंच सकता है. यह लोकतंत्र को खतरे में डालने जैसा है.'
'केंद्र बनाम राज्य मत बनाइए'
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'इसे राज्य बनाम केंद्र का मामला बनाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए. यह सब कुछ शुरू हुआ एक व्यक्ति विशेष के चलते जो संयोग से राज्य की मुख्यमंत्री हैं.'
'वहां तो जज भी सुरक्षित नहीं'
ईडी अधिकारियों के सीधे सुप्रीम कोर्ट आने पर सवाल उठा रहे राज्य सरकार के वकील को सुप्रीम कोर्ट ने आड़े हाथों लिया. कोर्ट ने कहा, 'हमें पता है कि वह कैसी स्थिति है. SIR का काम कर रहे जजों को भी बंधक बना लिया गया और आप कह रहे हैं कि ईडी को स्थानीय मजिस्ट्रेट के पास जाना चाहिए था?'
स्रोत: ABP Hindi