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ट्रंप के सामने किंग चार्ल्स ने ऐसा क्या कहा, जिसके बाद गूंजने लगे ठहाके

इमेज स्रोत, Chris Jackson/Getty Images ब्रिटेन के किंग चार्ल्स अमेरिका में राजकीय दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने कहा है कि अगर ब्रिटिश न होते तो अमेरिकी लोग फ़्रेंच बोल रहे होते. किंग चार्ल्स ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में हुए स्टेट डिनर के दौरान मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा, "राष्ट्रपति जी (डोनाल्ड ट्रंप) ने हाल ही में कहा था कि अगर अमेरिका न होता तो यूरोपीय देश जर्मन बोल रहे होते. मैं यह कहने की हिम्मत करूंगा कि अगर हम न होते, तो आप फ़्रेंच बोल रहे होते." इसके बाद हॉल में ठहाके गूंजने लगे और किंग चार्ल्स के सामने बैठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी हंसने लगे. इससे पहले स्टेट डिनर में भाषण देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि चार्ल्स भी इस बात पर सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए. इमेज स्रोत, Chris Jackson/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है. उन्होंने यह बात व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स की मौजूदगी में कही. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हम कभी भी उस विरोधी (ईरान) को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे. चार्ल्स मुझसे भी ज़्यादा इस बात से सहमत हैं, हम कभी भी ऐसा नहीं होने देंगे." ट्रंप ने अपने भाषण में मध्य पूर्व का ज़िक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में बहुत अच्छा कर रहा है. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर "कम्युनिज़्म, फ़ासीवाद और तानाशाही ताक़तों के खिलाफ डटकर खड़े रहे हैं." इसके बाद किंग चार्ल्स ने नेटो और ऑकस अलायंस की अहमियत पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे अलायंस से तकनीकी और सैन्य सहयोग को और मज़बूत किया जा सकता है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में 142 सीटों पर बुधवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, दूसरे चरण में कुल 1448 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें से 220 महिलाएं हैं. दूसरे चरण की इन सीटों पर कुल 3.21 करोड़ वोटर्स हैं. कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्दवान जिलों में लोग मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े दिखे. 2021 में इन 142 सीटों में से टीएमसी ने 123 सीटें जीती थीं, जबकि बीजेपी को सिर्फ 18 और आईएसएफ को 1 सीट मिली थी. पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. 4 मई को चुनाव के रिज़ल्ट आएंगे. इमेज स्रोत, Henry Nicholls-Pool/Getty Images ब्रिटेन के किंग चार्ल्स अमेरिका दौरे पर हैं. यहां पर उन्होंने मंगलवार को अमेरिकी संसद 'कांग्रेस' को संबोधित किया. यह दूसरा मौका था जब ब्रिटेन के सबसे बड़े शाही पद पर बैठे व्यक्ति ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया. इससे पहले उनकी मां क्वीन एलिज़ाबेथ ने कांग्रेस को संबोधित किया था. किंग चार्ल्स ने अपने भाषण में अमेरिका और ब्रिटेन के साझा इतिहास की ओर इशारा किया और कहा कि यह रिश्ता कई सदियों पुराना है. किंग चार्ल्स ने कहा, "इतिहास से आगे बढ़कर दोनों देशों के पास साझा लोकतांत्रिक मूल्य हैं, जो उनकी शासन व्यवस्था की नींव हैं." उन्होंने आगे कहा, "ब्रिटेन और अमेरिका की ख़ास साझेदारी सिर्फ़ पुरानी कामयाबियों पर नहीं टिक सकती, ख़ासकर ऐसे समय में जब दुनिया तेज़ी से बदल रही है." उन्होंने ब्रिटेन और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में और ज़्यादा सहयोग की अपील की और कहा कि यूक्रेन को समर्थन देना ज़रूरी है ताकि यूरोप में स्थायी शांति हासिल हो सके. इमेज स्रोत, Chris Jackson/Getty Images इसके बाद व्हाइट हाउस में हुए स्टेट डिनर के दौरान किंग चार्ल्स ने नेटो और ऑकस अलायंस की अहमियत पर ज़ोर दिया. उन्होंने ट्रंप की मौजूदगी में कहा कि ऐसे अलायंस से तकनीकी और सैन्य सहयोग को और मज़बूत किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा, "ऐसा करने से हम मिलकर ऐसी दुनिया की चुनौतियों का सामना कर सकें जो लगातार जटिल होती जा रही है." गौरतलब है कि ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला चार दिन के राजकीय दौरे पर अमेरिका में हैं. इमेज स्रोत, Tasos Katopodis/Getty Images) अमेरिका ने ईरान से जुड़े 35 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इन पर आरोप है कि ये लोग ईरान की "हिडन बैंकिंग व्यवस्था" का हिस्सा हैं. अमेरिकी वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल का कहना है कि ये लोग 'अरबों डॉलर के लेन-देन में शामिल थे' और 'ईरान की आतंकवाद को मदद देने वाली गतिविधियों से जुड़े' हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, "इस नेटवर्क ने अवैध तेल बिक्री से पैसा कमाया, मिसाइल और हथियारों के लिए ज़रूरी पुर्ज़े खरीदे और ईरान से जुड़े लड़ाकों को पैसे भेजे." अमेरिका का आरोप है कि ये नेटवर्क ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड को दुनिया की वित्तीय व्यवस्था तक पहुंच दिलाते हैं. गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका ने ऐसे कदम उठाए हैं, जिससे ईरान पर आर्थिक तौर पर दबाव बनाया जा सके. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - यूएई ने छोड़ा ओपेक और ओपेक प्लस का साथ, क्या ये संगठन के 'अंत की शुरुआत' है? - खाते से पैसे निकालने के लिए बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा भाई, ज़िला प्रशासन क्या बोला? - आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में विलय का मुद्दा क्या अदालत में टिक पाएगा? - नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल - पाकिस्तान में बकरी चोरी से शुरू हुआ झगड़ा जिसने ली 48 की जान

स्रोत: BBC Hindi