इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिन तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है. हालांकि यह राहत की बात है कि उसके बाद तापमान में कमी आने की भी संभावना जताई गई है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने कई ऐसे उपाय भी सुझाए हैं जिनसे गर्मी के असर को कुछ कम किया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बढ़ते तापमान को देखते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की थी. मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार अगले 2–3 दिन के दौरान मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में हीट वेव और गंभीर हीट वेव की स्थिति जारी रहने की संभावना है. 29 मई से अधिकतम तापमान में कमी और हीट वेव की स्थिति में राहत मिलने की संभावना है. अगले 2–3 दिन में उत्तर-पूर्व और उससे लगे पूर्वी भारत में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है तथा दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 27 मई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 27 से 29 मई 2026 के दौरान वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि 28 से 30 मई के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में 70 किमी/घंटा तक की रफ्तार वाली तेज़ हवाओं के साथ मध्यम से गंभीर गरज-चमक (थंडरस्टॉर्म) की संभावना है. मौसम विभाग ने मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर की गई एक पोस्ट में गंभीर हीट वेव की स्थिति की चेतावनी तो दी ही है, कुछ सावधानियां बरतने की सलाह भी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बढ़ते तापमान को देखते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं. मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें." पीएम मोदी ने लिखा, "ख़ुद को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें. ऐसे मौसम में आपकी संवेदनशीलता भी बहुत बड़ा सहारा बन जाती है. यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी अवश्य दें. मैं ऐसे लोगों की सराहना भी करूंगा जो अपने घरों और दुकानों के बाहर मटके में जल रखते हैं ताकि कोई भी उनसे पानी पी सके." इमेज स्रोत, Sanchit Khanna/Hindustan Times via Getty Images बीबीसी हिन्दी की एक ख़बर में बताया गया है कि जिन शहरों में प्रदूषण ज़्यादा होता है वहां गर्मी और भी ज़्यादा असर डालती है. डॉक्टरों के अनुसार यह मौसम दमा, ब्लड प्रेशर, दिल के मरीज़ों के लिए विशेष रूप से ख़तरनाक होता है क्योंकि लू के समय हवा में नमी कम होती है, जो हवा में प्रदूषित कणों को बढ़ा देती है. इसलिए संभव हो तो दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक बाहर न निकलें. जिन लोगों के लिए बाहर निकलना ज़रूरी हो उनके लिए अच्छा यह रहेगा कि वे स्लीवलेस कपड़े न पहनें और पूरा शरीर ढकें. काले छाते के बजाय सफ़ेद छाता इस्तेमाल करें क्योंकि काला छाता बहुत ऊष्मा सोखता है. सिर को सफ़ेद कपड़े से ढकना भी कारगर रहता है. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi