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अमेरिका में 30 भारतीय नागरिक गिरफ़्तार हुए, जानिए वजह

इमेज स्रोत, Octavio JONES / AFP via Getty Images अमेरिका में ऑपरेशन चेकमेट के तहत लगभग 30 भारतीय नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आरोप है कि ये लोग ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से अमेरिका में रह रहे थे और ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि इन्हें जल्द ही देश से बाहर भेजा जाएगा. अमेरिका की कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन ने सोमवार को जानकारी दी कि 11 से 15 मई के बीच एरिज़ोना के युमा सेक्टर में बॉर्डर पेट्रोल एजेंटों ने 52 लोगों को पकड़ा. इनमें से 36 लोग सेमी-ट्रक चला रहे थे. गिरफ़्तार किए गए 36 ट्रक ड्राइवरों में से 30 भारत से थे. बाक़ी छह मेक्सिको, एल साल्वाडोर और रूस से थे. इनके पास कैलिफ़ोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे राज्यों से जारी किए गए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस थे. कुछ के पास कोई लाइसेंस नहीं था. ज़्यादातर के पास रोज़गार की अनुमति वाले दस्तावेज़ थे, जो बाइडन प्रशासन के दौरान मिले थे लेकिन अब मान्य नहीं हैं. सभी को फ़ेडरल क़ानून के अनुसार प्रोसेस किया गया है और उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा. इमेज स्रोत, Joe Maher/BAFTA/Getty Images for BAFTA बाफ़्टा अवॉर्ड जीत चुकी मणिपुरी फ़िल्म ‘बूंग’ ने न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल में तीन अवॉर्ड अपने नाम किए. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, बूंग को बेस्ट डेब्यू फ़िल्म, बेस्ट डायरेक्टर (लक्ष्मीप्रिया देवी) और बेस्ट चाइल्ड एक्टर (गुगुन किपगेन के लिए) अवॉर्ड मिले. यह फ़िल्म फ़रहान अख़्तर के 'एक्सेल इंटरटेनमेंट' प्रोडक्शन हाउस के तहत बनाई गई थी. इसकी डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी हैं. दरअसल, चार दिन का न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल 2026 रविवार को अवॉर्ड सेरेमनी के साथ ख़त्म हुआ. इसमें भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फ़िल्मों को दस अलग-अलग कैटेगरी में सम्मान दिया गया. 28 से 31 मई तक चले इस फ़ेस्टिवल में 15 भाषाओं की अलग-अलग फ़िल्में दिखाई गईं. इसका मक़सद यह दिखाना था कि आज के भारतीय सिनेमा में 'क्षेत्रीय कहानियों' का असर लगातार बढ़ रहा है. इमेज स्रोत, Win McNamee/Getty Images अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ एक हफ़्ते में समझौता हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह समझौता युद्धविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने से जुड़ा होगा. एबीसी न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "हालात अच्छे दिख रहे हैं, बहुत अच्छे." ट्रंप ने यह भी बताया कि दिन में एक छोटा-सा मसला सामने आया था, लेकिन उन्होंने उसे तुरंत सुलझा लिया. राष्ट्रपति के मुताबिक़, यह मसला ईरान की नाराज़गी से जुड़ा था, जो लेबनान पर हो रहे इसराइली हमलों की वजह से था. उन्होंने कहा, "मैंने हिज़्बुल्लाह से बात की और कहा गोली मत चलाओ. मैंने नेतन्याहू से बात की और कहा गोली मत चलाओ. दोनों ने एक-दूसरे पर गोली चलाना बंद कर दिया." ट्रंप ने माना कि यह प्रक्रिया आसान नहीं है क्योंकि दोनों देशों के बीच गहरी दुश्मनी है. उन्होंने कहा, "आप एक बहुत बड़े देश की बात कर रहे हैं जो समझौता करना चाहता है. उनके लिए आसान नहीं है, हमारे लिए भी आसान नहीं है. लेकिन हमें जो चाहिए, वह मिल रहा है." रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने आईपीएल 2026 का फ़ाइनल मुक़ाबला जीत लिया, लेकिन इसके बाद टीम के बल्लेबाज़ टिम डेविड पर कार्रवाई हुई है. टिम को आईपीएल 2027 के पहले मैच से सस्पेंड कर दिया गया है. दरअसल, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए फ़ाइनल मुक़ाबले में टिम डेविड ने गुजरात टाइटंस की पारी के 10वें ओवर के दौरान अंपायर नितिन मेनन की तरफ़ आइस बैग फेंक दिया था. इसे आचार संहिता का लेवल-1 उल्लंघन माना गया. डेविड को आईपीएल की आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया. यह नियम कहता है कि मैच के दौरान गेंद या कोई उपकरण (जैसे पानी की बोतल) किसी खिलाड़ी, टीम अधिकारी, अंपायर या मैच रेफ़री की तरफ़ ग़लत और ख़तरनाक तरीक़े से फेंकना अपराध है." इसके बाद टिम डेविड पर मैच फ़ीस का 50 फ़ीसदी जुर्माना भी लगाया गया है. डेविड को इस मामले में दो डिमेरिट पॉइंट भी दिए गए. इस तरह इस सीज़न में उनके कुल डिमेरिट पॉइंट पांच हो गए हैं. नियम कहता है कि पांच डिमेरिट पॉइंट होने पर खिलाड़ी को अगले सीज़न के पहले मैच में सस्पेंड किया जाता है. संबंधित कहानी: आरसीबी में दो साल में ऐसा क्या बदला कि चोकर्स से बन गई चैंपियन इमेज स्रोत, AFP via Getty Images हिज़्बुल्लाह ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को मान लिया है, जिसमें तय हुआ है कि वह इसराइल पर हमला नहीं करेगा और इसराइल भी बेरूत पर हमला नहीं करेगा. यह जानकारी लेबनान की ओर से दी गई है. अमेरिका में लेबनान के दूतावास ने बताया कि हिज़्बुल्लाह की ओर से अमेरिकी प्रस्ताव को मानने की पुष्टि हुई है, जिसमें दोनों तरफ से हमले रोकने की बात है. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने भी इस समझौते की पुष्टि की. लेकिन साथ ही चेतावनी देते हुए कहा, "अगर हिज़्बुल्लाह हमारे शहरों और आम लोगों पर हमला नहीं रोकता तो बेरूत पर हमले जारी रहेंगे." सोमवार देर रात लेबनान के दूतावास ने बताया, "इस प्रस्ताव के तहत इसराइल बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर हमले बंद करेगा और बदले में हिज़्बुल्लाह इसराइल पर हमले नहीं करेगा. युद्धविराम पूरे लेबनान में लागू होगा." ये बयान तब आए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू और हिज़्बुल्लाह के प्रतिनिधियों से बात की है. ट्रंप ने कहा कि दोनों ने मान लिया है कि गोलीबारी बंद होगी. संबंधित कहानी: लेबनान में आम लोग हिज़्बुल्लाह को कैसे देखते हैं, धर्म की क्या है भूमिका? 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स्रोत: BBC Hindi