हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर क्षेत्र को अस्थिर करने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को ख़तरे में डालने का आरोप लगाया है. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा, “ट्रंप बेकाबू हो गए हैं. उनकी वजह से पूरी दुनिया परेशान है. मैं जहाज़ पर हुए हमले की निंदा करता हूँ. क्या सेंटकॉम को यह नहीं पता कि वहाँ कितने जहाज़ चल रहे हैं? पूरे इलाक़े में उथल-पुथल है.वे हमारे जहाज़ों पर हमला कर रहे हैं. ज़रा सोचिए, हमारे कितने लोग मारे जा रहे हैं.” एमटी सेटेबेलो जहाज़ पर बुधवार यानी 10 जून को हमला हुआ, इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र में गुरुवार 11 जून को एमटी जलवीर पर हमला हुआ है. इस जहाज़ पर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे. इससे पहले एमटी मेरीवेक्स जहाज़ पर सोमवार, 8 जून को हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर विशेषज्ञ उठा रहे हैं तीखे सवाल ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने खाड़ी क्षेत्र में भारत के कमर्शियल जहाज़ों पर हुए हमले को लेकर अमेरिका पर निशाना साधा है. एक सोशल मीडिया पोस्ट में बकाई ने लिखा, ''भारतीय कमर्शियल जहाज़ों पर अमेरिका के हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. ये हमले अमेरिका की हथियारबंद लूट और समुद्री डकैती की नीति का स्पष्ट सबूत हैं.'' उन्होंने कहा, ''हम मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों और मित्रों के प्रति सहानुभूति जताते हैं और भारत के लोगों और सरकार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं.'' उन्होंने मांग की, "अंतराष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका के गैरकानूनी व्यवहार के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए ख़तरा बना हुआ है और साथ ही अमेरिकी कार्रवाई समुद्री आवाजाही की आज़ादी को भी ख़तरे में डाल रहा है." अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बीते चार दिनों में भारतीय क्रू मेंबर्स वाले इन जहाज़ों पर हमला हुआ है- एमटी मारिवेक्स: इस जहाज़ पर सोमवार यानी 8 जून को हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि, बाद में इन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. ओमान स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी. एमटी सेटेबेलो: इस जहाज़ पर बुधवार यानी 10 जून को हमला हुआ, इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया. एमटी जलवीर: इस जहाज़ पर 11 जून को हमला होने की सूचना सामने आई. इस पर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे. अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध ख़त्म करने के लिए एक शुरुआती समझौता जल्द ही होने वाला है. उन्होंने कहा है कि इस वजह से ईरान पर हमले रोक दिए गए हैं. गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "हमने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक शानदार समझौता किया है." पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हमारे समझौते के मुताबिक़ ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे, और इसी मक़सद को हासिल करने के लिए हमें इतनी मशक्कत करनी पड़ी. इसलिए, यह बहुत बड़ी बात है." ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सरकारी टीवी पर कहा कि समझौते की ख़बरें "सिर्फ अटकलें" हैं और "अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है." ट्रंप पहले भी ऐसे दावे कर चुके हैं कि दोनों देश विवाद ख़त्म करने के लिए समझौते के क़रीब हैं. इस घोषणा से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान पर "बहुत ज़ोरदार" हमला करेंगे. अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे. इसके जवाब में ईरान ने इसराइल और खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमले किए और होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया. होर्मुज़ स्ट्रेट दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई के लिए एक अहम समुद्री रास्ता है. अप्रैल में युद्धविराम पर सहमत होने के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच बीते कुछ दिनों में कई हमले हुए हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावनाओं के बारे में भी बार-बार बात की है. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. - खाड़ी में एक और जहाज़ पर अमेरिकी हमला, 20 भारतीय सवार; अब तक क्या-क्या पता है - 'परसों ही बेटे से बात हुई थी..., ओमान में मिसाइल हमले में मारे गए शिवानंद के पिता ने और क्या बताया - जब भारतीय फ़ुटबॉल टीम को मिला था वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने का मौक़ा, लेकिन क्यों नहीं खेली टीम - कांग्रेस और टीएमसी के विलय की चर्चाओं पर क्या कह रहे हैं राजनीतिक विश्लेषक
स्रोत: BBC Hindi