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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: लियोनेल मेसी ने लगाई हैट्रिक, अर्जेंटीना ने जीता अपना पहला मैच

फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के ग्रुप जे के एक मुक़ाबले में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी ने अल्जीरिया के ख़िलाफ़ लगातार तीन गोल दाग़ दिए हैं. वर्ल्ड कप में मेसी की यह पहली हैट्रिक है. इसके साथ ही मेसी ने वर्ल्ड कप में सबसे ज़्यादा गोल करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. मेसी ने अब तक फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में 16 गोल किए हैं और उन्होंने जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस की बराबरी कर ली है. वर्ल्ड कप में गोल करने के लिहाज से मेसी ने ब्राज़ील के रोनाल्डो (15 गोल) को पीछे छोड़ दिया है. मेसी के शानदार प्रदर्शन की बदौलत अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज़ किया है,. अर्जेंटीना ने 2022 का फ़ुटबॉल विश्व कप जीता था. इससे पहले ग्रुप आई के एक मुक़ाबले में पिछली उपविजेता फ़्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हरा दिया. वहीं इसी ग्रुप के एक दूसरे मैच में नॉर्वे ने इराक़ को 4-1 से हरा दिया. अमेरिकी युद्ध विभाग ने यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदल दिया है. अब इसका आधिकारिक नाम यूएस पैसिफिक कमांड कर दिया है. यानी अब 'हिंद प्रशांत कमांड' से हिंद शब्द हटा दिया गया है और इसका पुराना नाम वापस बहाल कर दिया गया है. मूल रूप से 1 जनवरी, 1947 को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन के कार्यकाल के दौरान स्थापित यह कमांड 70 से अधिक वर्षों तक यूएस पैसिफिक कमांड के नाम से ही काम करती रही. बाद में इसमें इंडो शब्द भी जोड़ा गया. यह अमेरिका के एकीकृत लड़ाकू कमांडों में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी कमांड बनी रही. यूएस पैसिफिक कमांड ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "यूएसपैकॉम के पुराने नाम को फिर से बहाल करना कमांड की गहरी ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान है और प्रशांत क्षेत्र में सेवा देने वाले सभी लोगों में गर्व और सामूहिक भावना को बढ़ावा देता है." इसने आगे लिखा, "दूसरे विश्व युद्ध के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने में अपनी अहम भूमिका से लेकर कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध और कई मानवीय अभियानों के दौरान यूएसपैकॉम नाम दशकों की सैन्य विरासत और लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय साझेदारियों का प्रतीक है." यूएस पैसिफिक कमांड के मुताबिक़, "यूएसपैकॉम की ज़िम्मेदारी का विशाल क्षेत्र अमेरिका के पश्चिमी तट के समुद्री इलाक़ों से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक फैला है और यह बिल्कुल वैसा ही रहेगा." उसका कहना है कि कमांड के मूल मिशन और क्षेत्रीय सहयोगियों तथा साझेदारों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र और खुला क्षेत्र बनाए रखने की उसकी अटूट प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इमेज स्रोत, Rochlin/Getty Images अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ शुरुआती समझौते के प्रावधानों के बारे में कहा है कि अगर ईरान अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करता है तो अमेरिका वैश्विक अर्थव्यवस्था में उसकी वापसी का रास्ता खोलने के लिए तैयार है. फॉक्स न्यूज़ के एक कार्यक्रम में जेडी वेंस ने ईरान के साथ ट्रंप प्रशासन के समझौते की तुलना बराक ओबामा के शासन में हुए समझौते से की. उन्होंने कहा, "ओबामा के दौर में ईरान के साथ हुई डील बुरी तरह नाकाम रही और यह समझौता, उस डील से बिल्कुल विपरीत है." जेडी वेंस ने कहा, "ओबामा वाली डील और इस डील में फ़र्क यह है कि इसके तहत वे (ईरान) परमाणु हथियार नहीं बना सकते, वे यूरेनियम को एनरिच (संवर्धित) बिल्कुल नहीं कर सकते और न ही उसका भंडारण कर सकते हैं." उन्होंने कहा, "इस समझौते के तहत ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकते, होर्मुज़ स्ट्रेट खुला रहेगा और अगर ईरान सही बर्ताव करता है तो उसे कई तरह के फ़ायदे मिल सकते हैं. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें कुछ भी नहीं मिलेगा." जेडी वेंस शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे. बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ वेंस ने मंगलवार को सिरियस एक्सएम रेडियो नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में कई बार इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान को आर्थिक रूप से जो लाभ होगा, उसकी भरपाई किसी भी तरह से अमेरिकी संसाधनों और संपत्तियों से नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा, "अगर ईरान सहयोग करता है और समझौते के सभी प्रावधानों का पालन करता है, तो अमेरिका प्रतिबंध हटाकर ईरान में निवेश के अवसर मुहैया कराएगा." वेंस ने यह भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया है कि वे समझौते की पूरी शर्तों को शुक्रवार तक या शायद उससे भी पहले सार्वजनिक कर देंगे. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ़्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं से मुलाक़ात की है. पीएम मोदी ने इन नेताओं से मुलाक़ात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी पोस्ट की हैं. पीएम मोदी ने इस दौरान ब्रिटेन, कनाडा, कीनिया, मिस्र, जापान और यूएई समेत कई देशों के नेताओं से मुलाक़ात की. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से मुलाक़ात की तस्वीर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, ''मैंने अपने भाई, महामहिम शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान के साथ एक बहुत ही सार्थक बैठक की. इसमें हमने अलग-अलग क्षेत्रों में भारत-यूएई संबंधों और हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा की.'' पीएम मोदी ने आगे लिखा, ''मैंने संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति वहाँ की सरकार और महामहिम (राष्ट्रपति) के ध्यान और देखभाल के लिए उनका फिर से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया.'' ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर से मुलाक़ात के बारे में भी पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ज़िक्र किया. उन्होंने लिखा, ''एवियन में प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई. भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिहाज़ से पिछला साल शानदार रहा है. ट्रेड डील ने आर्थिक सहयोग के कई रास्ते खोले हैं. आज की बातचीत इस बात पर केंद्रित थी कि भारत-ब्रिटेन संबंधों को और कैसे मज़बूत किया जाए.'' बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. हमारे पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें. कौन हैं 'रौशन सर' जो 'ख़ान सर' से विवाद के बाद चर्चा में आए बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के चीफ़ की अमित शाह से दिल्ली में चुपके से क्यों हुई मुलाक़ात? अकाल तख़्त के फ़ैसले पर पंजाब में सियासी बहस तेज़, भगवंत मान ने दिया जवाब 'दो महीने से खाद ढूंढ रहा हूं', बुवाई के मौसम में खाद की कमी से परेशान किसान

स्रोत: BBC Hindi