भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर तक पहुंच चुकी है. इसका मतलब है कि दक्षिण और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से मानसून की चपेट में आ चुके हैं लेकिन उत्तर भारत दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान अब भी मानसून का इंतजार कर रहे हैं. गुजरात और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी इसकी पहुंच अधूरी है.
मानसून ने इस साल केरल में हल्की देरी से एंट्री ली लेकिन असली चिंता उसके बाद सामने आई जब इसकी प्रगति अचानक धीमी पड़ गई. मौसम विज्ञान में इसे “मॉनसून ब्रेक” या “वीक फेज़” कहा जाता है. इसी वजह से सैटेलाइट तस्वीरों में बादलों का फैलाव कम नजर आया और कई इलाकों में बारिश अचानक घट गई यानी मॉनसून खत्म नहीं हुआ बल्कि उसका एक्टिव फेज कमजोर पड़ गया.
स्रोत: ABP Hindi