वो तारीख थी 18 जून की, जब बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोनावाला के पास स्थित लोहागढ़ किले पर पहुंचे थे. यह कोई सामान्य ट्रिप नहीं थी, बल्कि सिया के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले का खास सेलिब्रेशन था. अगले दिन सिया 20 साल की होने वाली थी, और इस मौके को यादगार बनाने के लिए दोनों ट्रेकिंग पर गए थे. लेकिन इस जश्न के पीछे जो साजिश छिपी थी, उसने कुछ ही घंटों में एक खुशहाल रिश्ते को खौफनाक कहानी में बदल दिया. घटना के तुरंत बाद जो पहली कहानी सामने आई, वह सिया की ओर से दी गई थी.
उसने पुलिस को बताया कि फोटोग्राफी के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया. शुरुआती जांच में पुलिस ने भी इसे एक हादसा मान लिया. केस दर्ज हुआ, औपचारिक कार्रवाई पूरी हुई और मामला लगभग बंद मान लिया गया. लेकिन केतन का परिवार इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं था. उनका साफ कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रैकर था, वह इस इलाके से अच्छी तरह परिचित था और इतनी आसानी से अपना संतुलन खोना उसके स्वभाव में नहीं था.
सिया की कातिल साजिश!
परिवार के इन सवालों ने जांच की दिशा ही बदल दी. पुलिस ने दोबारा पूरे मामले को खंगालना शुरू किया. सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, मोबाइल लोकेशन ट्रैक की गई और उस दिन किले पर मौजूद लोगों की गतिविधियों की बारीकी से जांच की गई. इसी दौरान एक ऐसा सुराग मिला जिसने इस केस को पूरी तरह पलट दिया. सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स नजर आया जो केतन और सिया के पीछे-पीछे चल रहा था. उसने ‘हुडी’ पहन रखी थी और उसका चेहरा पूरी तरह छिपा हुआ था. हैरानी की बात यह थी कि उस दिन तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, ऐसे में किसी का इस तरह खुद को ढंककर चलना बेहद असामान्य था. फुटेज में एक और संदिग्ध पल सामने आया जब सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है, उसी समय वह हुडी पहना व्यक्ति झुककर खुद को छिपाने की कोशिश करता है. यह संयोग नहीं, बल्कि किसी योजना का हिस्सा लग रहा था.
सांप का बनाया बहाना
जांच आगे बढ़ी तो इस रहस्यमयी शख्स की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जो सिया का प्रेमी निकला. पुलिस ने जब सिया के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि वह लगातार चेतन के संपर्क में थी. इसके बाद मामला और गंभीर हो गया. तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि 18 जून को ट्रेकिंग के दौरान सिया और चेतन ने मिलकर केतन को खाई में धक्का देकर मार डाला. इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि यह साजिश अचानक नहीं बनी थी. 14 जून को भी सिया केतन को उसी किले पर लेकर गई थी और वहां उसे धक्का देने की कोशिश की गई थी.
उस दिन केतन ने समय रहते एक झाड़ी पकड़ ली और अपनी जान बचा ली. जब उसने सिया से इस बारे में सवाल किया, तो सिया ने वहां सांप होने का बहाना बनाकर बात टाल दी और खुद को निर्दोष दिखाने की कोशिश की. इन सभी तथ्यों के सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत की गई हत्या थी.
इसके अलावा, दोनों को फोटो शूट के लिए बाली जाना था, लेकिन एयरपोर्ट पर केतन का पासपोर्ट नहीं मिला. बाद में पता चला कि वो पासपोर्ट सिया ने छिपा कर रख लिया था, क्योंकि वो वहां पर केतन के साथ नहीं जाना चाहती थी. यानी, एक तरफ भरोसे का रिश्ता था, दूसरी तरफ धोखे की साजिश. प्यार, विश्वास और विश्वासघात के इस त्रिकोण ने एक निर्दोष जिंदगी छीन ली. लोनावला की वादियों में घटी यह घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि इस बात की चेतावनी भी है कि कभी-कभी सबसे करीब का रिश्ता ही सबसे बड़ा खतरा बन जाता है.
स्रोत: ABP Hindi