भारत में परीक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है. सबसे बड़ा विवाद मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर हुआ, लेकिन सवाल सिर्फ़ नीट तक सीमित नहीं है. इसी साल सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ. आख़िरकार इसका ज़िम्मेदार कौन है? डिजिटल व्यवस्था संभालने वाली प्राइवेट कंपनी, प्रशासनिक अधिकारी या फिर वो संस्थाएं जो पूरी व्यवस्था की निगरानी करती हैं? क्या छात्र उन संस्थाओं पर भरोसा कर सकते हैं? 'द लेंस' के इस एपिसोड में बात इन्हीं सवालों पर. इसमें कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ शामिल हुए भारत सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी पद से रिटायर हुए प्रेमपाल शर्मा और इस साल नीट परीक्षा दे चुके दो स्टूडेंट मीनू कुमारी और सुशांत सिंह. प्रोड्यूसरः शिल्पा ठाकुर, सईदुज़्जमान बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi