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वैभव सूर्यवंशी का इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू, पहले मैच में बना पाए बस इतने ही रन

भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने शनिवार को इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया. वो अपने पहले इंटरनेशनल मैच में 14 रन बनाकर आउट हुए. भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया था. भारतीय टीम ने 20 ओवरों में 7 विकेट के नुक़सान पर 190 रन बनाए. इससे पहले वैभव ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैनचेस्टर में दूसरे इंटरनेशनल टी-20 मैच में अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत की थी. वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए जिसमें दो छक्के भी शामिल हैं. विल जैक्स की गेंद पर उन्हें विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंप आउट किया. भारतीय पारी में सबसे अधिक 49 रन ईशान किशन और 43 रन सलामी बल्लेबाज़ी अभिषेक शर्मा ने बनाए. टॉस से पहले वैभव को टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा ने डेब्यू कैप दी. संजू सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह दी गई थी. वैभव सूर्यवंशी इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं. मेन्स क्रिकेट में सबसे कम उम्र का भारतीय खिलाड़ी बनने के मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा है. सचिन ने साल 1989 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 16 साल की उम्र में टेस्ट मैच में डेब्यू किया था और वैभव सूर्यवंशी की उम्र 15 साल है. सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड हालांकि भारतीय महिला क्रिकेटर शेफ़ाली वर्मा ने पहले ही तोड़ दिया था. उन्होंने साल 2019 में 15 साल 289 दिन की उम्र में भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. लेकिन अब वैभव ने शेफ़ाली का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. उन्होंने 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया. वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं. वैभव के डेब्यू पर इंडियन टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, "आपने पिछले कुछ महीनों में उसे देखा है. जिस तरह वह गेंदबाज़ों का सामना करता है, उससे उसका आत्मविश्वास साफ़ नज़र आता है. उसे खिलाने का कोई दबाव नहीं है. उसने अपनी जगह हासिल करने का हक़ कमाया है." "वह बिल्कुल भी दबाव नहीं लेता. वह बिना घबराए खेलता है और टीम में उसका होना अच्छी बात है. उसे पता है कि इन मैचों में उसके सामने क्या चुनौतियां आने वाली हैं. उसका स्वभाव बेहद शांत है." "नेट्स में उसकी बल्लेबाज़ी देखकर उसके व्यक्तित्व का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. टीम में जगह के लिए मुक़ाबला काफ़ी कड़ा है. पिछले दो साल में भारत ने जितनी प्रतिभाएं तैयार की हैं, उसे देखते हुए हर मैच के साथ यह प्रतिस्पर्धा और भी बढ़ गई है." 1. वैभव सूर्यवंशी, 2. अभिषेक शर्मा, 3. ईशान किशन (विकेटकीपर), 4. श्रेयस अय्यर (कप्तान), 5. तिलक वर्मा, 6. शिवम दुबे, 7. हर्षित राणा, 8. अक्षर पटेल, 9. रवि बिश्नोई, 10. अर्शदीप सिंह, 11. वरुण चक्रवर्ती. 1. फ़िल सॉल्ट, 2. जोस बटलर (विकेटकीपर), 3. हैरी ब्रूक (कप्तान), 4. जैकब बेथेल, 5. टॉम बैंटन, 6. सैम करन, 7. विल जैक्स, 8. लियाम डॉसन, 9. आदिल रशीद, 10. जोफ़्रा आर्चर, 11. जोश टंग. आयरलैंड सिरीज़ के बाद इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह नहीं दी गई थी. वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू के सवाल पर शुक्रवार को इंडिया टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने जो जवाब दिया था, उससे लगा था कि मैनेजमेंट के दिमाग़ में कोई रणनीति चल रही है. इस बीच कयास लगाए जा रहे थे कि शायद इस दूसरे मैच में वैभव को डेब्यू करने का मौक़ा न मिले क्योंकि मोर्कल ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा था कि "अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नज़रअंदाज़ करना सही नहीं होगा." मोर्कल ने कहा था, "भारतीय टीम उन खिलाड़ियों का साथ देने में भरोसा रखती है जो राष्ट्रीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं." इंडियन टीम के मौजूदा दौरे में संजू सैमसन की लगातार नाकामियां जारी हैं. पिछली तीन पारियों में उन्होंने महज़ 5, 0 और 1 रन बनाए. इससे पहले भारत के कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी मैनेजमेंट के फ़ैसले पर सवाल उठाए थे. सुनील गावस्कर ने तो कहा था कि "वैभव को बिल्कुल मौका देना चाहिए." उधर, मोर्ने मोर्कल के बयान के बाद वैभव सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर 'न्यू चैप्टर' लिख कर एक स्टोरी शेयर की. इससे कयास लगाए जाने लगे थे कि शायद उन्हें दूसरे टी-20 मैच में ही मौका मिल जाएगा, जो कि सही साबित हुआ. दूसरे टी-20 मैच से पहले मोर्कल ने पत्रकारों से कहा था, "मुझे लगता है कि हमें इस बात का सम्मान करना चाहिए कि हमारे पास टी-20 क्रिकेट का नंबर एक बल्लेबाज़ है, या यूँ कहें कि हमारे पास टी-20 क्रिकेट का नंबर एक बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा हैं. आप जानते हैं, संजू वर्ल्ड कप के खिलाड़ी रहे हैं." अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन इंडिया की ओपनिंग जोड़ी हैं. अभिषेक ने ख़ुद को भारतीय टीम के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ के तौर पर स्थापित किया है. अभिषेक ने कई धमाकेदार पारियां खेली हैं, जिनमें 2024 में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ तेज़ शतक और 54 गेंदों पर 135 रन की मैच जिताने वाली पारी शामिल है. वह टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज़ 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ भी बने. वहीं इसी साल भारत के टी-20 वर्ल्ड कप ख़िताब जीतने में संजू सैमसन ने अहम भूमिका निभाई थी. कुछ समय पहले हुए टी-20 वर्ल्ड कप में वह 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' रहे थे. जब भारत को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए और लगातार दो मैचों में 89-89 रन की पारियां खेलीं. सैमसन को लेकर मोर्ने मोर्कल ने कहा, "उसने (सैमसन) शानदार आईपीएल खेला. इसलिए मुझे लगता है कि कोचिंग स्टाफ़ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना और उनका साथ देना बिल्कुल सही है." मोर्कल ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा, "हाँ, एक युवा खिलाड़ी दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है और यह उत्साह बढ़ाने वाली बात है. लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ़ इन दोनों ओपनर्स के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए यह अच्छा संकेत है कि हम उन्हें यह भरोसा दें कि हम उनके साथ हैं." वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल-2026 के 16 मैचों में 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए. उन्होंने ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर का अवॉर्ड जीता. उन्होंने श्रीलंका ए और अफ़ग़ानिस्तान ए के साथ खेली गई ट्राई सिरीज़ के फ़ाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की तूफ़ानी पारी भी खेली. यही वजह रही कि इंडिया के नेशनल सेलेक्टर्स को सीनियर टी-20 टीम में उनके लिए जगह बनानी पड़ी. उन्हें उस टीम कॉम्बिनेशन में शामिल किया गया, जिसने तीन महीने पहले टी-20 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीता था. सूर्यवंशी के पास भारतीय टीम के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बनने का मौक़ा है. क्रिकइंफ़ो के मुताबिक़, सचिन तेंदुलकर के बाद इतनी कम उम्र में शायद ही किसी बल्लेबाज़ ने इतना शानदार प्रदर्शन किया हो. महान बल्लेबाज़ ब्रायन लारा के बाद शायद ही किसी ने इतनी ऊंचाई से, इतनी तेज़ी और इतनी कामयाबी के साथ बल्ला चलाया हो. अनुभवी क्रिकेट जानकारों को उनके खेल में गैरी सोबर्स और ग्रीम पोलॉक की भी झलक दिखाई देती है. हालांकि, इंडियन बॉलिंग कोच ने यह भी साफ़ किया कि सूर्यवंशी की तैयारी को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है. मोर्कल ने कहा, "जिस तरह खिलाड़ियों ने उसका स्वागत किया है, वह काबिले-तारीफ़ है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 साल की उम्र में नेट्स पर उतरना डराने वाला अनुभव हो सकता है. लेकिन अब तक जितने भी नेट सेशन हुए हैं, उनमें उन्होंने काफ़ी प्रभावित किया है." इमेज स्रोत, AFP via Getty Images खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट में भारत के पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना तेंदुलकर और कोहली जैसे खिलाड़ियों से की. उन्होंने कहा, "वैभव सूर्यवंशी एक असाधारण खिलाड़ी हैं. मैंने बहुत कम ऐसे खिलाड़ी देखे हैं जिनमें उनके जैसी प्रतिभा हो. वैभव सूर्यवंशी में उतनी ही प्रतिभा है, जितनी विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर में है." हालांकि कपिल देव ने कहा, "वो बहुत बड़ी प्रतिभा हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनके बारे में हम बहुत बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "सचिन ने भी इसी उम्र में खेलना शुरू किया था. मुझे लगता है कि अगर खिलाड़ी तैयार है तो उसकी उम्र के बारे में मत सोचो. उसकी क्षमता को देखो और लगता है कि वो खेल सकता है तो ज़रूर खिलाओ. ये नहीं सोचना चाहिए की बुरा वक़्त आएगा तो वो कैसे निकलेगा." इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में वैभव को न खिलाए जाने को लेकर सुनील गावस्कर ने निराशा ज़ाहिर की थी. उनका कहना था कि वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू का जितना ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ेगा, उन पर उतना ही प्रेशर बढ़ता जाएगा. पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री ने भी कहा था कि सूर्यवंशी को आयरलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में ही मौक़ा मिल जाना चाहिए था. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी वैभव को न खिलाए जाने पर सवाल उठाए. लेकिन भारत के पूर्व स्पिनर आर अश्विन जैसे कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि वैभव को इंतज़ार करना होगा और बेंच पर बैठकर भी वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बारीकियां सीख सकते हैं. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. 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स्रोत: BBC Hindi