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राहुल गांधी की सरकार से 5 मांगें, उद्धव और महुआ पहुंचे जंतर-मंतर, जानिए रात में क्या-क्या हुआ?

इमेज स्रोत, Reuters/@Cockroachisback लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए सरकार के सामने 5 मांगें रखी हैं. उन्होंने यह वीडियो छत्रसाल स्टेडियम में हिरासत में रहने के दौरान शूट किया था, जिसे बाद में उन्होंने एक्स पर साझा किया. राहुल गांधी ने वीडियो में बताया कि उन्होंने पीएम आवास के बाहर धरना देने का फ़ैसला क्यों किया. साथ ही, शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे और तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा समेत कई लोग जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों को समर्थन देने वहां पहुंचे. राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कहा कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाक़ात करके छात्रों के मुद्दे पर सदन में बहस की मांग की, जिसके जवाब में स्पीकर ने उनसे कहा कि उन्हें सरकार की अनुमति चाहिए होगी. राहुल गांधी ने कहा, "लेकिन जब मुझे दिन में सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं दिखा, तो उसके बाद हमने पीएम आवास के बाहर धरना देने का फ़ैसला किया, ताकि हम छात्रों के साथ जो हो रहा है, उस ओर देश का ध्यान दिला सकें." राहुल गांधी ने कहा, "शिक्षा व्यवस्था क्यों बर्बाद हो रही है? पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भारत में शिक्षा क्यों इतनी महंगी है? बच्चों को पढ़ाने के लिए लोग वित्तीय रूप से बर्बाद क्यों हो जाते हैं? ऐसे सवाल पूछने में तो कोई हर्ज नहीं होना चाहिए." राहुल गांधी ने सरकार के सामने 5 मांगें रखी हैं. देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल करके संसद के मॉनसून सत्र में रुकावट डालना चाहते हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार देर रात एक्स पर कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना दिया, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि संसद के मॉनसून सत्र में रुकावट पैदा की जा सके. राहुल गांधी और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के घर के बाहर धरना देने का फ़ैसला किया. इससे आम लोगों को परेशानी हुई और तय सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी की गई. "सरकार ने पूरी चर्चा के लिए अपनी तैयारी साफ़ कर दी थी. इसके बाद भी कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस की जगह राजनीतिक प्रदर्शन को चुना. उनका मक़सद छात्रों की समस्या का हल निकालना नहीं था, बल्कि राजनीतिक सुर्ख़ियां बटोरने के लिए रुकावट पैदा करना था. राहुल गांधी के लिए यह मामला छात्रों का नहीं है. यह हर उस मौक़े के बाद टकराव पैदा करने की कोशिश है, जब चर्चा का सही रास्ता पहले ही खुल चुका है." मंगलवार रात कई नेता भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंचे. कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने एक्स हैंडल 'कॉकरोच इज़ बैक' से पोस्ट करते हुए इसके लिए दोनों का शुक्रिया अदा किया. महुआ मोइत्रा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ एक सेल्फ़ी वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, "मोदी और शाह को ये पता ही नहीं कि जो लोग उनसे डरते नहीं उनके साथ कैसे पेश आएं. ये उनके लिए आउट ऑफ़ सिलेबस है." वहीं, सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र भारी बैरिकेडिंग की है. पार्लियामेंट हाउस और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को भी प्रदर्शन की आशंका के मद्देनज़र सख़्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. वहीं, केरल और असम में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. अलीगढ़ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.

स्रोत: BBC Hindi