दिल्ली के जंतर-मंतर पर महज़ दस दिनों में घटनाएं इतनी तेज़ी से बदलीं कि युवाओं का एक आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आकर ऐतिहासिक घटना बन गया. सोशल मीडिया पर एक व्यंग्य से निकली 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जनता से मिले वर्चुअल समर्थन को युवाओं के आंदोलन में बदल दिया. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग समेत अपनी प्रमुख मांगें पूरी होने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी है. सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, संसद मार्च, विपक्ष की लामबंदी और सरकार के लगातार डैमेज कंट्रोल के प्रयासों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर दबाव बढ़ता गया था. आख़िर किन घटनाओं ने इस माहौल को बनाया और कैसे बात उनके इस्तीफ़े की पेशकश तक पहुंची, इस कहानी में ऐसी ही कुछ अहम बातों को समझने की कोशिश करेंगे. इमेज स्रोत, Sajjad HUSSAIN / AFP via Getty Images इमेज स्रोत, Raj K Raj/Hindustan Times via Getty Images इमेज स्रोत, Ishant Chauhan/Hindustan Times via Getty Images इमेज स्रोत, Ritesh Shukla/Getty Images बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित. BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.
स्रोत: BBC Hindi