नीट पेपर लीक के बाद देशभर में कई जगहों से स्टूडेंट्स की आत्महत्या की ख़बरें आई थीं. इनमें राजस्थान से आने वाले स्टूडेंट्स भी थे. यह सभी सामान्य परिवारों के बच्चे थे जो डॉक्टर बनने के अपने सपने के लिए मेहनत कर रहे थे. नीट पेपर लीक के बाद जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ, नीट की दोबारा परीक्षा हो गई, उसका परिणाम भी घोषित हो गया. लेकिन इन परिवारों का दर्द आज भी वहीं है. वो क्या चाहते हैं? देखिए यह ग्राउंड रिपोर्ट. बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
स्रोत: BBC Hindi