दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पहुंचे हैं. वह जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लाछोब को लेकर शिकायत करने पहुंचे. एफआईआर दर्ज नहीं होने पर राहुल गांधी थाने के कैम्पस में ही धरने पर बैठ गए हैं. उनके साथ साहिल का परिवार भी है. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने शर्त रखी है कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती है तब तक वह थाने में ही रहेंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम अहमद मीर ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि 20 जुलाई को जिस तरह से कार्रवाई हुई. गृहमंत्री अमित शाह से पूछा जा रहा है कि आपने इजाजत दी है तो हां बोलिए नहीं दी है तो नहीं बोलिए, ताकि देश जाने. उससे वो भाग रहे हैं. देश में कहीं जवाब नहीं दे रहे हैं. पैलेट गन मामले को उठाने के लिए राहुल गांधी थाने गए हैं. पूरे मामले को उजागर करने के लिए थाने पहुंचे हैं, कार्रवाई की मांग करने के लिए. On 14th, Sahil Lochav went with his lawyers to Delhi Police and gave a written complaint. They refused to give a I/O number.It was again pursued on 17th with email, phone as well. Again, no I/O number given. No acknowledgement was also given. Now, LoP @RahulGandhi ji went… pic.twitter.com/PVEXNZXGWk कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जवाबदेही तय करने की भी मांग कर चुके हैं. कांग्रेस सासंद ने बताया था कि उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब से मुलाकात की, जो गंभीर दर्द में है और पैलेट गन लगने के कारण उसकी एक आंख की रोशनी जाने की आशंका है. उन्होंने सवाल किया था, 'क्या प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पैलेट गन समेत घातक बल प्रयोग की मंजूरी गृह मंत्री ने दी थी? यदि नहीं, तो इसकी अनुमति किसने दी?' जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और सुरक्षा बलों की कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यीय हाई पावर एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. कमेटी यह जांच करेगी कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने जरूरत से ज्यादा या अनुचित बल का इस्तेमाल तो नहीं किया. इसमें पैलेट गन, बिजली के डंडे, लाठी और आंसू गैस के इस्तेमाल की परिस्थितियों की भी जांच होगी. यह देखा जाएगा कि इनका इस्तेमाल पर्याप्त चेतावनी दिए बिना या जरूरत से अधिक तो नहीं किया गया. इसके साथ ही कमेटी यह भी देखेगी कि पुलिस की कार्रवाई उस समय की परिस्थितियों के हिसाब से उचित थी या नहीं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार के बीच उचित संतुलन कायम किया गया था या नहीं.कमेटी यह भी विचार करेगी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट या अन्य धातु के प्रोजेक्टाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाई जानी चाहिए या नहीं. एबीपी न्यूज से जुड़े मोहित राज दुबे एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो देश की राजनीति, संसद और जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीजी डिप्लोमा किया है. इसके बाद दिल्ली के Aurobindo Institute of Mass Communication से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा तथा Guru Jambheshwar University से एमए इन मास कम्युनिकेशन पूरा किया है. वे प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए. वे राजनीति से लेकर संसद की रिपोर्टिंग करते हैं. उनके व्यापक रिपोर्टिंग अनुभव में शामिल है: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (2007, 2013, 2017, 2022), लोकसभा चुनाव (2009, 2014, 2019, 2024), देश के कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की जमीनी कवरेज, 2013 उत्तराखंड बाढ़ की एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात से दिल्ली आगमन की कवरेज और कोविड-19 महामारी के दौरान लगातार रिपोर्टिंग. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा की विस्तृत कवरेज भी किया है. उनकी पत्रकारिता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, 2024 के चुनाव नतीजों के बाद 10 जनवरी को राहुल गांधी का एकमात्र इंटरव्यू लेना.
स्रोत: ABP Hindi