इमेज स्रोत, PRAKASH MATHEMA / AFP via Getty Images नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद अमेरिका ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता देने का एलान किया है. इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए इमरजेंसी शेल्टर देना, पानी और अन्य ज़रूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने में किया जाएगा. अमेरिकी विदेश विभाग ने बयान जारी कर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना जताई है. विभाग ने कहा कि इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अमेरिका की संवेदनाएँ हैं. बाढ़ के बाद सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं. इनमें कम से कम 54 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें ज़्यादातर पर्यटक बताए गए हैं. उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले में बुधवार शाम यूट्यूबर और हरियाणवी गायक अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक़, अज्ञात हमलावरों ने जिम से बाहर निकलते समय अंकित बालियान पर कई राउंड फ़ायरिंग की. हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने पुलिस के हवाले से बताया कि हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुंचे थे और अंकित बालियान पर कई गोलियां चलाईं. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. शामली के पुलिस अधीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं. घटनास्थल और आसपास के इलाक़े में लगे सीसीटीवी कैमरों की फ़ुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके. पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है. अंकित बालियान यूट्यूब पर लोकप्रिय थे और उनके चैनल के 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर बताए जा रहे हैं. वह अपने वीडियो में गायक और कलाकार के तौर पर नज़र आते थे और अलग-अलग कलाकारों के साथ काम करते थे. उनके कई वीडियो में बंदूक़, हथियार और एसयूवी भी दिखाई देती थीं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अंकित बालियान की हत्या की कड़ी निंदा की है. उन्होंने उत्तर प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो गया है. इमेज स्रोत, AHMAD GHARABLI/AFP via Getty Images पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि पर दुख व्यक्त किया है. शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि पाकिस्तान इस मुश्किल घड़ी में नेपाल की सरकार और जनता के साथ खड़ा है. शरीफ़ ने एक्स पर लिखा, "नेपाल के रसुवा ज़िले और बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित अन्य इलाक़ों में क़ीमती जानों के जाने और बड़े पैमाने पर हुई तबाही से मुझे बहुत दुख हुआ है." उन्होंने लिखा, "मेरी गहरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने लोगों को खोया है और हम इस दुखद घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं. इस मुश्किल समय में पाकिस्तान नेपाल की सरकार और वहाँ के लोगों के साथ खड़ा है. हम प्रभावित इलाक़ों में सभी लोगों की सुरक्षा और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं." वहीं, नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात बताया कि भारत की ओर से भेजी गई यह मानवीय सहायता नेपाल को सौंप दी गई है. संबंधित स्टोरी: तस्वीरों में: नेपाल में आई बाढ़ से मची तबाही के मंज़र नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय मदद भेजी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात को बताया कि भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता नेपाल को सौंप दी गई है. रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हम नेपाल के साथ हमेशा खड़े हैं. राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत की ओर से 10 टन मानवीय मदद नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री श्री खड़क राज पौडेल को सौंपी. यह मदद विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत कार्यों में सहायता करेगी." उन्होंने लिखा, "भारत नेपाल के साथ मज़बूती से खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है." इसके बाद नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने भी यही जानकारी एक्स पर साझा की है. गौरतलब है नेपाल में कम से कम 157 लोगों की मौत हो गई, जबकि सुरक्षा बलों के जवान और विदेशी पर्यटकों समेत बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. संबंधित कहानी: नेपाल में बार-बार विनाशकारी आपदा आने के पीछे की वजहें इमेज स्रोत, Punit PARANJPE / AFP via Getty Images अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ़) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे को लेकर चिंता जताई है. आयोग ने बुधवार को अमेरिकी सरकार से भागवत का वीज़ा रद्द करने और उन्हें भविष्य में अमेरिका में प्रवेश के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है. यूएससीआईआरएफ़ ने अपने बयान में आरोप लगाया, "आरएसएस से जुड़े संगठनों के सदस्यों ने भारत में ईसाइयों, दलितों, मुसलमानों और सिखों समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसक हमले किए हैं." आयोग के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार की नीतियां आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा से क़रीबी तौर पर जुड़ी हैं और इनका धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों पर 'भेदभावपूर्ण प्रभाव' पड़ता है. यूएससीआईआरएफ़ के चेयरपर्सन आसिफ़ महमूद ने कहा, "भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति लगातार ख़राब हो रही है और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए हिंसा और भड़काऊ गतिविधियों का इस्तेमाल किया जा रहा है." उन्होंने अमेरिकी सरकार से आरएसएस के सदस्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में कथित तौर पर शामिल भारतीय अधिकारियों पर टारगेटेड सैंक्शन लगाने की भी अपील की. आयोग ने भारत सरकार पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ भीड़ की हिंसा को रोकने, उसकी जांच करने और दोषियों को सज़ा दिलाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. यूएससीआईआरएफ़ ने आरोप लगाया कि असम में एनआरसी और सीएए के तहत 'मुस्लिम नागरिकों को जबरन बाहर किया जा रहा' है. यूएससीआईआरएफ़ की वाइस चेयरपर्सन सीसी हेल ने कहा, "अमेरिकी सरकार के पास भारत को जवाबदेह ठहराने और यह संदेश देने का अवसर है कि अमेरिका भारत के लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता के समर्थन में खड़ा है." आयोग ने अपनी 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में अमेरिकी विदेश विभाग से भारत को ‘कंट्री ऑफ़ पार्टिकुलर कंसर्न’ (ऐसा देश जहां सरकारों धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन हो) घोषित करने की सिफ़ारिश की है. इमेज स्रोत, Sunil Pradhan/Anadolu via Getty Images नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ से सड़क और पुलों को भारी नुकसान पहुंच है. शुरुआती आकलन के मुताबिक़, बाढ़ से 15 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ है. सड़क विभाग के डायरेक्टर जनरल विजय जैसी ने बीबीसी नेपाली से इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक 19 पुल और क़रीब 40 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है. उनके मुताबिक़, नुकसान का आकलन अभी शुरुआती स्तर पर है और इसके बढ़ने की आशंका है. पुलों के क्षतिग्रस्त होने से कई इलाक़ों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. संपर्क बहाल करने के लिए प्रभावित स्थानों पर गुरुवार से बेली ब्रिज (एक पोर्टेबल और मॉड्यूलर स्टील पुल) लगाने का काम शुरू किया जाएगा. विजय जैसी ने बताया कि नेपाल के पास बेली ब्रिज उपलब्ध हैं. इसके अलावा भारत और चीन से भी बेली ब्रिज उपलब्ध कराने की अपील की गई है. इमेज स्रोत, Skanda Gautam/SOPA Images/LightRocket via Getty Images सड़क विभाग के मुताबिक़, स्याब्रुबेसी और रसुवागढी के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है. पिछले साल आई बाढ़ के बाद चीन की मदद से इस सड़क का पुनर्निर्माण कराया जा रहा था. हालांकि, एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आने से यातायात बाधित हो गया है. वहीं, गाल्छी-बैरेनी सड़क खंड भी बाढ़ के कारण बंद है. अधिकारियों के मुताबिक़, सड़क पर जमा मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए काम किया जा रहा है. गौरतलब है कि नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 157 हो गई है. संबंधित कहानी: नेपाल में आई भयावह बाढ़ कैसे पूरे बाज़ार को बहा ले गई, 150 से ज़्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों लापता बीबीसी हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा. कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद इन अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए इनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें. नेपाल में आई बाढ़ में 95 लोगों की मौत की पुष्टि, लापता पर्यटकों का आंकड़ा 500 से अधिक हुआ तिब्बत में आई आपदा और कैलाश मानसरोवर के श्रद्धालुओं के बारे में क्या पता है? आईआईटी दिल्ली में क्यों हो रहा है प्रदर्शन, स्टूडेंट किस तरह की मांग कर रहे हैं मार्क कार्नी की तरह भारत ट्रंप को जवाब क्यों नहीं दे पा रहा है?
स्रोत: BBC Hindi